बीकानेर कैनाल में अवैध पाइप लगाकर पानी चोरी का ‘खेल’

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By: Krishan chauhan

Published: 01 Jul 2019, 10:19 PM IST

बीकानेर कैनाल में अवैध पाइप लगाकर पानी चोरी का ‘खेल’

 

श्रीगंगानगर. पंजाब क्षेत्र में बीकानेर कैनाल में चार दर्जन जगहों पर अलग-अलग तरीके से नहर से अवैध रूप से पानी चोरी करने का ‘खेल’ चल रहा है। जबकि जिला प्रशासन, सिंचाई विभाग और पुलिस प्रशासन को इस बात की जानकारी है लेकिन पानी चोरी करने वाले लोगों पर कभी सख्त कार्रवाई नहीं की गई। सोमवार को गंगनहर किसान समिति के एक शिष्टमंडल ने पंजाब में गंगनहर की 45 आरडी बालेवाला हैड जीरो आरडी से 45 आरडी पुरानी बीकानेर नहर, हुसैनी वाला हैड व फिरोजपुर फीडर का निरीक्षण किया गया। इस दौरान किसानों ने नहर से सोलर पैनल लगाकर आठ ईंची पाइपों से पानी खींचा जा रहा था और जगह-जगह कैनाल में अवैध रूप से सिंचाई के लिए पानी की पाइप लाइन लगाकर पानी चोरी करने के प्ररकण सामने आए। इन दिनों पंजाब में धान की फसल की बुवाई का काम चल रहा है। इस कारण किसान अवैध रूप से सिंचाई पानी की चोरी कर रहे हैं। शिष्टमंडल में रणजीत सिंह राजू, किसान विनोद खीचड़, गैलेक्सी बराड़, हरजिंदर मान, कुलवंत सहारन, गुरजीत मंगा सहित काफी किसान थे।

किसानों ने बताया कि पहले इस्लामवाला घट्टिया वाली, बोदलां और कुमालाला गंगनहर का जायजा लिया। नहर के ऊपर पेड़ झुके हुए हैं। अगर सफाई नहीं की गई तो नहर की लाइनिंग को नुकसान होगा। साथ ही नहर के पटड़ों पर अतिक्रमण कर मोटर ट्यूबवैल लगा रखा है। सोलर की प्लेटें लगा कर मोटरों का पानी चोरी किया जा रहा है।

नहर के ऊपर जगह-जगह झुके और गिरे सफेदे के पेड़

किसानों ने बताया कि 45 आरडी बालेवाला हैड पर गए तो रास्ते में जोड़े पुलों से पहले 8-10 किलोमीटर एरिया में नहर में चार दर्जन सफेदे के पेड़ नहर के बीचों बीच गिरे हुए हैं। इन पेड़ों के कारण का पानी का बहाव प्रभावित हो रहा है। फिरोजपुर फीडर की हालात काफी खराब है। इसके पुनर्निर्माण की कई बार मांग उठी नहीं हुआ कुछ नहीं।

किसानों का शिष्टमंडल पहुंचा पंजाब

कचरा सेअटी पुरानी बीकानेर कैनाल : पुरानी बीकानेर कैनाल पूरी तरह से कचरा से अटी पड़ी हे। इस पुरानी नहर की सफाई करवाने के लिए पंजाब सरकार से किसानों ने मांग की है। किसानों ने कहा कि इस नहर की सफाई के लिए अगर सरकार ने जल्द ध्यान न दिया तो गंगानगर के किसानों का ही नही बल्कि मजदूर व मध्यवर्गीय व्यपारियों का भी बहुत बड़ा नुकसान होगा अगर सरकार अभी भी सचेत न हुई तो मजबूरन किसानों को आंदोलन करना पड़ेगा।

 

Krishan chauhan Reporting
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