श्रीगंगानगर को सौगात...सरकारी कृषि महाविद्यालय में अब होगी विद्यार्थियों की पढ़ाई

-कृषि महाविद्यालय का मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज करेंगे वर्चुअल लोकार्पण

By: Krishan chauhan

Published: 18 Dec 2020, 10:37 AM IST

श्रीगंगानगर को सौगात...सरकारी कृषि महाविद्यालय में अब होगी विद्यार्थियों की पढ़ाई

-कृषि महाविद्यालय का मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आज करेंगे वर्चुअल लोकार्पण
श्रीगंगानगर . कृषि में सिरमौर श्रीगंगानगर जिले को कृषि महाविद्यालय की राज्य सरकार ने एक नई सौगात दी है। करणी मार्ग स्थित कृषि अनुंसधान केंद्र (एआरएस) में इस सत्र से महाविद्यालय में विद्यार्थियों की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। कृषि महाविद्यालय का शुक्रवार को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत दोपहर 12.12 बजे वर्चुअल लोकार्पण करेंगे। वर्तमान सत्र के लिए 60 विद्यार्थियों को प्रवेश दिया जा चुका है और इनकी ऑनलाइन पढ़ाई भी शुरू कर दी गई है। स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय बीकानेर को कृषि अनुसंधान केंद्र की गतिविधियां को यथावत रखते हुए एआरएस में कृषि महाविद्यालय स्थापित कर दिया है। इसको लेकर पूरी तैयारियां कर ली गई है। वीसी के माध्यम से विश्व विद्यालय के कुलपति प्रोफेसर आरपी सिंह भी मौजूद रहेंगे।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने इसी बजट सत्र में जिला मुख्यालय श्रीगंगानगर के एआरएस में सरकारी कृषि महाविद्यालय खोलने की विधानसभा में घोषणा की थी। श्रीगंगानगर विधायक राजकुमार गौड़ ने इस मुद्दे को विधानसभा में प्रमुखता से उठाया था। राजस्थान कृषि विश्व विद्यालय आरएयू की ओर से संचालित होने के अलावा यहां भवन, लैब,फार्म और स्टाफ सहित अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध है। सरकारी कृषि महाविद्यालय का फायदा जिले और राज्य के अलावा देश के अन्य राज्यों के कृषि की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों को भी मिलेगा। महाविद्यालय के भवन के लिए एआरएस के पादप प्रजनन और अंनुवाशिकी विभाग में संचालित किया जाएगा।

महाविद्यालय के पद भी स्वीकृत किए
कृषि अनुंसधान केंद्र श्रीगंगानगर में प्रतिबद्ध राज्य निधि मद में स्वीकृत 47 शैक्षणिक एवं अशैक्षणिक पदों में से आइसीएआर नॉम्र्स के अनुसार आवश्यक पदों की सेवाएं इस महाविद्यालय में ली जाएगी। महाविद्यालय के लिए आइसीएआर नाम्र्स के अनुसार तीन नवीन पदों में सहायक पुस्तकालाध्यक्ष का एक, लिपिक ग्रेड प्रथम एक एवं वाहन चालक एक पद का सृजन किया गया था। कोविड-19 को दृष्टिगत रखते हुए वर्तमान में संघटक नवीन कृषि महाविद्यालय श्रीगंगानगर के संचालन के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं कृषि यंत्रों आदि का संचालन कृषि अनुसंधान केंद्र श्रीगंगानगर में उपलब्ध संसाधनों से किया जाएगा।

एआरएस की है विशष्टि पहचान
श्रीगंगानगर के एआरएस की विशिष्ट पहचान है। यहां से विकसित चना की गणगौर सहित कई किस्मों का डंका पूरे देश में बज रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर यह पुरस्कृत हो चुका है। इसी तरह सरसों, देशी कपास, नरमा, मूंग, गेहूं आदि की कई किस्में यहां से विकसित हुई है। कपास, चना, सरसों, गन्ना के अलावा जल प्रबंधन अनुसंधान परियोजना भी चल रही है। जैविक खेती पर काम हो रहा है। टिश्यू कल्चर प्रयोगशाला, प्लांट हेल्थ क्लिनिक, मशरूम परियोजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना आदि का संचालन हो रहा है।

पत्रिका की मुहिम रंग लाई
कृषि में सिरमौर जिले के लिए सरकारी कृषि महाविद्यालय की जरूरत को राजस्थान पत्रिका ने ‘अंचल में खेती भरपूर कृषि कॉलेज फिर क्यों दूर’ शीर्षक से प्रमुखता से इस मुद्दे को उठाया था। कृषि अनुसंधान केंद्र के क्षेत्रीय निदेशक डॉ.उम्मेद सिंह शेखावत ने बताया कि राजस्थान पत्रिका की मुहिम रंग लाई है। इस बारे में छपे समाचारों के असर से कृषि महाविद्यालय मंजूर हुआ है। कृषि विभाग के कई सेवानिवृत अधिकारियों ने कृषि महाविद्यालय को क्षेत्र के लिए नई सौगात बताई है। कृषि विभाग के पूर्व सहायक निदेशक मदन लाल जोशी व रामचंद्र लावा ने कहा कि इलाके की बहुत बड़ी मांग पूरी हुई है। कृषि में रूझान रखने वाले विद्यार्थियों का इसका लाभ मिलेगा।

Krishan chauhan Reporting
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