ऑनलाइन-ऑफलाइन के फेर में फंसे विद्यार्थी,स्कूल खुलने पर भी रहेगा डर

-तीसरी लहर के निशाने पर तीसरा शैक्षणिक सत्र-

By: Krishan chauhan

Published: 27 Jul 2021, 10:02 AM IST

-तीसरी लहर के निशाने पर तीसरा शैक्षणिक सत्र--ऑनलाइन-ऑफलाइन के फेर में फंसे विद्यार्थी,स्कूल खुलने पर भी रहेगा डर

-कृष्ण चौहान
श्रीगंगानगर.कोरोना की विकट और सामान्य होती परिस्थितियों ने विद्यार्थियों की पढ़ाई से एक बड़ा खिलवाड़ किया है। मार्च-2020 से लेकर आज तक विद्यार्थी ऑनलाइन-ऑफलाइन पढ़ाई के फेर में फंसे हुए हैं। बच्चे समझ ही नहीं पा रहें हैं कि कब,क्या और कैसे पढऩा है। हालांकि शिक्षा विभाग ने अलग-अलग माध्यमों और कार्यक्रमों से पढ़ाई की व्यवस्था की हुई है। जबकि धरातल पर विद्यार्थी आज भी मूल रूप से पढ़ाई के तरीके की कमी महसूस कर रहें हैं। स्कूल अब खुलकर भी बंद हैं और बंद होकर भी खुले हैं। इसी ऊहापोह और असंमजस से विद्यार्थी पिछले 16 महीने से जूझ रहें हैं। कोरोना की संभावित तीसरी लहर को देखते हुए भविष्य में यदि स्कूल खोले भी जाएंगे तो बच्चों और अभिभावकों में कोरोना का डर का बने रहना स्वाभाविक है।

-गुरु-चेला के लिए मोबाइल हुआ जरूरी

ऑनलाइन पढ़ाई का सबसे बड़ा नुकसान है कि इसमें मोबाइल,लेपटॉप आदि गैजेट विद्यार्थियों,अभिभावकों और शिक्षकों सबके लिए जरुरी सा हो गया है। टीवी और रेडियो पर समय की पाबंदी होने के कारण बाध्यता रहती है। इसलिए मोबाइल को ही सबसे सरल माध्यम माना जा रहा है। जिसके नकारात्मक परिणाम धीरे-धीरे सबके सामने आ ही रहें हैं।

-विडियो देखना बोरिंग,लग रही है गेमिंग की लत

सारा दिन मोबाइल हाथ में होने के कारण बच्चों को इ-कंटेंट के विडियो में होने वाला एक तरफा संवाद बोरियत पैदा करता है। धीरे-धीरे कुछ समय के लिए खेले जाने वाले गेम अब विद्यार्थियों के लिए लत बन चुके हैं। ऑनलाइन खेलने जाने वाले ये गेम बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को भी बिगाड़ रहे हैं।

-जिले में आधे से ज्यादा विद्यार्थी पढ़ रहे ऑनलाइन

वर्तमान सत्र में जिले के सरकारी स्कूलों पढऩे वाले विद्यार्थियों में से 54.1 प्रतिशत विद्यार्थी ऑनलाइन तथा 44.3 प्रतिशत विद्यार्थी ऑफलाइन अध्ययन कर रहे हैं। जबकि पड़ोसी जिले हनुमानगढ़ में 57.7 प्रतिशत विद्यार्थी ऑनलाइन तथा 40.9 प्रतिशत विद्यार्थी ऑफलाइन पढ़ाई से जुड़े हुए हैं।

फैक्ट फाइल
जिले का गणित

जिले में सरकारी स्कूल - 1927
जिले में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी- 205813

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राज्य का गणित

राज्य में माध्यमिक स्कूल- 14793
राज्य में प्रारम्भिक स्कूल - 49301

प्रदेश में कुल विद्यार्थी- 8583572

कोविड के चलते विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्पों का अधिकतम प्रयोग करना फायदेमंद रहेगा। इसके लिए विभाग ने एक मजबूत डिजिटल मंच प्रदान किया है। बोर्ड कक्षाओं में इस बार एनसीइआरटी का पाठ्यक्रम लागू होने से इ-कंटेंट की उपलब्धता भी बढ़ी है।

-भूपेश शर्मा,समन्वयक,विद्यार्थी परामर्श केंद्र,शिक्षा विभाग, श्रीगंगानगर

विद्यालय नहीं खुलने तक बच्चों के लिए ऑनलाइन शिक्षण जारी रहेगा। जिन विद्यार्थियों के पास संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। उनके लिए शिक्षकों द्वारा घर- घर जाकर आओ घर से सीखें कार्यक्रम-2 के तहत पढ़ाई करवाई जा रही है।"

-अमरजीत सिंह लहर,अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी,माध्यमिक शिक्षा,श्रीगंगानगर

Krishan chauhan Reporting
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