गन्ना उत्पादक किसानों को नहीं मिल रहा उपज का सही दाम

तीन वर्ष से गन्ने के भाव नहीं बढ़े.

-श्रीगंगानगर में गन्ना का भाव 295 से 310 रुपए जबकि हरियाणा में 350 रुपए प्रति क्विंटल
-इस सीजन में 18 लाख क्विंटल गन्ने का उत्पादन का अनुमान

By: Krishan chauhan

Published: 12 Feb 2021, 10:12 AM IST

तीन वर्ष से गन्ने के भाव नहीं बढ़े...गन्ना उत्पादक किसानों को नहीं मिल रहा उपज का सही दाम

-श्रीगंगानगर में गन्ना का भाव 295 से 310 रुपए जबकि हरियाणा में 350 रुपए प्रति क्विंटल
-इस सीजन में 18 लाख क्विंटल गन्ने का उत्पादन का अनुमान

-डीजल 90 रुपए प्रति लीटर पार, खाद, बीज व लेबर के दाम भी बढ़े
श्रीगंगानगर. कृषि बाहुल्य श्रीगंगानगर जिले के गन्ना उत्पादक किसान को उसकी उपज का सही मूल्य नहीं मिल रहा है। किसान के लिए खेती-किसानी ज्यादा मुनाफा का सौदा नहीं रहा है। इसका मुख्य कारण बढ़ती महंगाई में खेती पर आमदनी से ज्यादा खर्चा आ रहा है। डीजल की कीमत प्रति लीटर 90 रुपए को भी पार कर गई है। इस स्थिति में गन्ना की बुवाई व लोडिंग कर मिल तक लाने, खाद, बीज व गन्ना की कटाई व छिलाई की लेबर का खर्चा तीन साल में काफी बढ़ गया। जबकि शुगर मिल प्रबंधन ने पिछले तीन साल से गन्ना का एक रुपए प्रति क्विंटल तक भाव नहीं बढ़ाया है। गन्ना उत्पादक किसानों पर इस कारण इस बढ़ती महंगाई में अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि श्रीगंगानगर जिले में इस सीजन में 10 हजार 392 बीघा में गन्ना की फसल है। मिल सर्वे के अनुसार गन्ना का उत्पादन 18 लाख क्विंटल होने का अनुमान है। इसमें से शुगर मिल प्रबंधन को 12 से 13 लाख क्विंटल गन्ना मिलने की उम्मीद है। गन्ना का भाव नहीं मिलने से गन्ना उत्पादक किसानों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। गन्ना उत्पादक किसान रणजीत सिंह राजू का कहना है कि पड़ोसी हरियाणा की तर्ज पर राजस्थान के गन्ना उत्पादक किसानों को 350 रुपए प्रति क्विंटल का भाव मिलना चाहिए। वहीं इस सीजन में जब मिल में गन्ना पिराई सत्र शुरू हुआ था तब श्रीकरणपुर के विधायक व पूर्व मंत्री गुरमीत सिंह कुन्नर ने किसानों को विश्वास दिलवाया था कि मुख्यमंत्री तक गन्ने के भाव की मांग आपकी पहुंचा कर भाव बढ़ाने की हर संभव कोशिश की जाएगी।

लेबर का रेट भी बढ़ा

गन्ना उत्पादक किसानों ने बताया कि गन्ना की छिलाई व लोडिंग की लेबर उत्तरप्रदेश व बिहार से आती है। पिछले सीजन में शुगर मिल जब बंद हुई थी तब कोविड-19 की वजह से लॉकडाउन लग गया और लेबर यहीं पर अटक गई। शुगर मिल की तीन माह तक लेबर यहीं पर रही। अब रेलगाडि़यां चल नहीं रही है। इस कारण शुगर मिल की लेबर को लाने के लिए किसानों ने उत्तरप्रदेश व बिहार में यहां से बसें भेजकर लेबर मंगवाई है। इस कारण किसानों को लेबर पर पहले की तुलना में खर्चा ज्यादा आ रहा है। अब लेबर प्रति क्विंटल 45 से 55 रुपए तक ले रही है।
नहीं बढ़े गन्ने के भाव

-श्रीगंगानगर शुगर मिल में-295 से 310 रुपए
-हरियाणा शुगर मिल में-350 रुपए

-उत्तरप्रदेश शुगर मिल में- 325रुपए
-उत्तराखंड शुगर मिल में-327 रुपए

-पंजाब की शुगर मिल में-310 रुपए
गन्ने का भाव प्रति क्विंटल है।

-श्रीगंगानगर जिले में गन्ना की बुवाई-10 हजार 392 बीघा
-श्रीगंगानगर जिले में गन्ने का उत्पादन-18 लाख क्विंटल

-शुगर मिल को गन्ना पिराई के लिए मिलेगा-12 से 13 लाख क्विंटल
डीजल, खाद व लेबर के रेट बहुत बढ़ चुके हैं जबकि तीन साल से गन्ना के भाव नहीं बढ़े हैं। समिति ने पूर्व मंत्री व विधायक कुन्नर व मिल प्रबंधन से गन्ने का भाव हरियाणा पैटर्न के हिसाब से बढ़ाने की मांग की थी। भाव नहीं बढ़े हैं अब किसान सीएम से गुहार लगाएंगे।

करतार सिंह, प्रधान, किसान गन्ना उत्पादक प्रबंध समिति, श्रीगंगानगर
गन्ना का भाव 295 रुपए से लेकर 310 रुपए प्रति क्विंटल है और तीन साल से गन्ने के भाव में इजाफा नहीं हुआ है। भाव बढ़ाने का मामला राज्य व मुख्यालय स्तर का है।

रजनीश कुमार, मुख्य गन्ना विकास अधिकारी, राजस्थान स्ट्ेट गंगानगर शुगर मिल लिमिटेड, श्रीगंगानगर

Krishan chauhan Reporting
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