सात सूत्री मांगों को लेकर शिक्षकों ने पहले दिया धरना, फिर कलक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन

-राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) का विरोध-प्रदर्शन

सात सूत्री मांगों को लेकर शिक्षकों ने पहले दिया धरना, फिर कलक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन

-राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) का विरोध-प्रदर्शन

श्रीगंगानगर. राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) ने शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को कलक्ट्रेट के बाहर सुबह दस से शाम चार बजे तक धरना दिया। इसके बाद कलक्ट्रेट पर विरोध-प्रदर्शन करते हुए अतिरिक्त जिला कलक्टर गुंजन सोनी को मुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री को ज्ञापन देकर शिक्षकों से जुड़ी मांगों पर कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शन में जिले भर से शिक्षक शमिल हुए।

प्रदर्शन में शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष राधेश्याम यादव, जिला महामंत्री सुभाष सहारण, गुरमीत सिंह गिल, देवेंद्र महायच, विनोद तरड़, हरबंश सिंह, बाबूलाल यादव, मनीष जग्गा, बालकिशन गहलोत, हरभजन सिंह, मोहनखान, विनोद डागला, वकील सिंह,भूप कूकणा, सतविंद्र सिंह, निर्मला बिश्नोई, अंजू पूनिया, विनोद पांडे व संरक्षक तेजप्रताप यादव सहित अन्य शिक्षकों ने संबोधित करते हुए कहा कि यदि सरकार ने शिक्षकों की वाजिब मांगों का सकारात्मक समाधान नहीं किया तो फिर मजबूरी में आन्दोलन को तेज किया जाएगा। विरोध का कार्यक्रम तय कर सरकार की शिक्षक और शिक्षा विरोधी नीतियों का विभिन्न कर्मचारी संगठनों, छात्र संगठनों और जनता से जुड़े जनसंगठनों को साथ लेकर पुरजोर विरोध किया जाएगा। जिसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

इन मांगों को लेकर किया प्रदर्शन

जुलाई 2019 से देय महंगाई भत्ता अविलंब लागू किया जाए, बिना पूर्व तैयारी और संसाधनों के अभाव में शुरू की गई ऑनलाइन उपस्थिति और अवकाश स्वीकृति का अव्यवहारिक आदेश वापिस लिया जाए, पोषाहार, अन्नपूर्णा दुग्ध योजना, ट्रांसपोर्ट वाउचर आदि की बकाया राशि के लिए पर्याप्त राशि जारी कर तुरंत भुगतान किया जाए। कुक कम हेल्पर का मानदेय 10000 रुपए किया जाए। स्थाई स्थानांतरण नीति लागू कर शैक्षिक ढांचे को मजबूत किया जाए तथा भ्रष्टाचार पर रोक लगाई जाए। वरिष्ठ प्रबोधकों के पद सृजित कर प्रबोधकों की पदोन्नति प्रक्रिया शुरू की जाए। शिक्षकों को गैर शैक्षिक कार्यों से पूर्णतया मुक्त किया जाए। कार्यालयों में प्रतिनियुक्त समस्त शिक्षकों को विद्यालयों में भेजा जाए। शिक्षा विभाग के कार्यालयों में पूर्ववर्ती सरकार में नियुक्त लम्बे समय से कार्यरत अधिकारियों को बदला जाए। पूर्ववर्ती सरकार द्वारा एकीकरण के नाम पर बंद किए गए विद्यालयों को पुन: खोला जाए। तथा बाल सभा स्कूल परिसर में ही आयोजित करवाई जाए। समस्त रिक्त पदों को शीघ्रातिशीघ्र भरा जाए। समस्त विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी, लिपिक तथा शारीरिक शिक्षक और कम्प्यूटर शिक्षक के पद सृजित कर भरे जाएं।

Krishan chauhan Reporting
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