ट्रेजरी की भूमिका की जांच के लिए जयपुर से आई टीम

श्रीगंगानगर के सीबीइओ ऑफिस में 38 करोड़ का गबन प्रकरण

ट्रेजरी की भूमिका की जांच के लिए जयपुर से आई टीम

-श्रीगंगानगर के सीबीइओ ऑफिस में 38 करोड़ का गबन प्रकरण...

-स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग क्षेत्रीय कार्यालय बीकानेर के अतिरिक्त निदेशक की जांच टीम पहुंची
—पत्रिका पड़ताल—

श्रीगंगानगर.मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीइओ) श्रीगंगानगर कार्यालय में 38 करोड़ रुपए के गबन प्रकरण में जिला कोष कार्यालय के कर्मचारियों और अधिकारियों की भूमिका की विस्तृत जांच के लिए निदेशक कोष एवं लेखा जयपुर से संयुक्त निदेशक मीणा के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम आई हुई है।
जांच टीम ने कोष कार्यालय की वर्ष 2015-16 (1 अप्रेल 2015) से वर्ष 2019-20 (31 जुलाई 2019) तक के सीबीइओ ऑफिस से आए बिलों की विशेष जांच की है। संबंधित अवधि में यहां नियुक्त रहे अधिकारियों-कर्मचारियों की रिपोर्ट भी तैयार की जा रही है। टीम जांच के बाद शुक्रवार शाम को जयपुर के लिए रवाना हो गई। बताया जाता है जांच में प्रथम दृष्टया कोष कार्यालय के कर्मचारियों और अधिकारियों की लापरवाही सामने आई है।

इस प्रकरण की जांच स्थानीय निधि अंकेक्षण विभाग के क्षेत्रीय कार्यालय बीकानेर के अतिरिक्त निदेशक प्रताप सिंह पूनिया के नेतृत्व में करके निदेशक कोष एवं लेखा जयपुर को भी सौंपी थी। उल्लेखनीय है कि सीबीइओ ऑफिस में प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत रहे पीटीआइ ओमप्रकाश शर्मा ने 515 लोगों ने नाम से फर्जी बिल बनाकर 38 करोड़ रुपए का गबन कर लिया।

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कोष कार्यालय में पग-पग पर लापरवाही--- जांच रिपोर्ट में जिला कोष कार्यालय के कर्मचारियों-अधिकारियों की लापरवाही का विवरण दिया गया है। इसमें लिखा गया है कि शिक्षा विभाग से कोष कार्यालय में बिल जमा करवाने के लिए शिक्षा विभाग की ‘ट्रांजिट बुक ’सीबीइओ ऑफिस के कार्मिक लेकर आते ही नहीं थे। इसमें बिल अंकित किए ही नहीं गए। इस बुक में बिलों पर डीडीओ के हस्ताक्षर होते हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि अधिकांश बिलों की ट्रांजिट बुक में एंट्री तक नहीं की गई। इसे कोष कार्यालय के काउंटर कार्मिक ने देखा ही नहीं। कोष कार्यालय में बिल पारित करने वाले ऑडिटर ने इसकी पूरी प्रक्रिया की जांच तक नहीं की गई। इसके अलावा सुपरवाइजर ने सीबीइओ के हस्ताक्षरों की पूरी तरह से जांच तक नहीं की। टीम ने डीडीओ के हस्ताक्षरों की जांच एफएसएल से करवाने की अनुशंसा की है।

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कार्मिकों की भूमिका की भी जांच--राज्य सरकार ने मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीइओ)श्रीगंगानगर कार्यालय में 38 करोड़ रुपए के गबन प्रकरण की विशेष जांच अंकेक्षण विभाग की टीम से करवाई थी। वित्त विभाग अंकेक्षण अनुभाग के विशिष्ट शासन सचिव सुधीर कुमार शर्मा ने आदेश जारी कर इस कार्यालय की वर्ष 2015-16 (1अप्रेल 2015) से वर्ष 2019-20 (31 जुलाई 2019) तक के लेखों की विशेष जांच करवाई थी।

जांच दल कार्यालय के निर्धारित अवधि के लेखों के साथ-साथ इस गबन के संदर्भ में कोषागार,बीमा एवं प्रावधायी विभाग के कार्मिकों की भूमिका की भी जांच की गई। इस विशेष जांच में दृष्टिगत होने वाली अनियमितताओं के लिए अभिलेखीय साक्ष्य के आधार पर स्पष्ट उत्तरदायित्व निर्धारित किया गया है।
जानकारी देने से किया मना
इस संवाददाता ने जयपुर से आई जांच टीम के संबंध में जिला कोषाधिकारी नरेश कुमार अग्रवाल से बात की तो उन्होंने साफ कहा कि वे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं दे सकते। आप चाहें तो इस संबंध में जिला कलक्टर से बात कर सकते हैं।

Krishan chauhan Reporting
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