छह माह में ही वर्चस्व की लड़ाई सडक़ों पर आई

The battle for supremacy came on the roads in six months- श्रीगंगानगर नगर परिषद में चांडक, गौड़ और भाजपाई पार्षदों में तनानती.

By: surender ojha

Published: 17 Jun 2020, 11:19 AM IST

श्रीगंगानगर। नगर परिषद में सियासत नए नए रंग दिखा रही है। छह माह पहले नगर परिषद में सभापति करुणा चांडक के नाटकीय ढंग से चुने जाने के बाद ऐसा लगा कि सब कुछ ठीक रहेगा लेकिन राजनीतिक महत्वाकांक्षा के इस पद को लेकर अब वर्चस्व की लड़ाई सडक़ों पर आ गई है।

विधायक राजकुमार गौड़ और कांग्रेस के प्रत्याशी रहे अशोक चांडक के बीच निकाय चुनाव में सुलह भी हुई, तब चांडक की पत्नी करुणा चांडक को सभापति चुना गया। वहीं अपनी हार से खफा पूर्व पार्षद पवन गौड़ ने नगर परिषद की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्यो और आइटम खरीदने के मामले को भ्रष्टाचार का रंग देकर शहर से सुर्खियों बटोरने का प्रयास किया है।

अब रही कही कसर विधायक गौड़ गुट के पार्षदों ने भी ताल ठोक दी है। गौड़ गुट की पार्षद कमला बिश्नोई, रमेश शर्मा और बलजीत बेदी के वार्डो में आयुक्त की ओर से उपेक्षा किए जाने का आरोप है। इस गुट पार्षदों ने तो नगर परिषद परिसर में धरना लगाकर यह संकेत दे दिया कि आगामी दिनों में सभापति की राह आसान नहीं है। हालांकि सभापति खेमे ने किलेबंदी कर कमला बिश्नोई को घेरने का प्रयास भी किया। वार्ड 15 के पार्षद रोहित बागड़ी के चाचा और वार्ड 16 की पार्षद सावित्री बागड़ी के देवर श्रमिक नेता महेन्द्र बागड़़ी ने सत्ता पक्ष का पक्ष लेते हुए कमला बिश्नोई और उनके समर्थित लोगों से कहासुनी भी कर डाली।

इधर, पार्षद कमला बिश्नोई का आरोप है कि आयुक्त प्रियंका बुडानिया की हठधर्मिता इतनी अधिक बढ़ गई है कि बिना टेंडर कई जगह काम हो रहे हैं। जबकि उनके वार्ड में सडक़ों पर पेचवर्क तक नहीं लग रहे हैं। लाइट ठीक करने के लिए आग्रह किया था वह भी पिछले तीन माह से नहीं किया है। आए दिन ज्ञापन देकर तंग आ चुके है।

उन्होंने कहा कि विधायक गौड़ ने शहरहित में नई सडक़े बनाने के लिए राज्य सरकार से बजट लेकर आए है लेकिन आयुक्त अपने चेहते ठेकेदारों को चुनिंदा पार्षदों के वार्डो में काम करवा रही है, वह भी बिना टैण्डर किए।

वार्ड में जनता काम चाहती है लेकिन नगर परिषद में सुनवाई नहीं हो रही है। ऐसे में तंग आकर धरने पर बैठने को मजबूर हुए है। पुरानी आबादी वार्ड 4 के पार्षद रमेश शर्मा का कहना था कि उनके वार्ड में मुख्य नाले का निर्माण अभी तक अटका हुआ है, इस वजह से बरसाती पानी की निकासी नहीं हो रही है। नाले को कवर नहीं करने से आए दिन दुर्घटनाएं हो रही है। नगर परिषद को पांच माह में बीस बार लिखित में शिकायत कर चुके है, सुनवाई नहीं हो रही है।

वार्ड 5 के पार्षद बलजीत बेदी का आरोप था कि आयुक्त ने उनके वार्ड में जारी किए गए सभी निर्माण कार्यों को कैंसिल करवा दिए हैं। इधर यूथ कांग्रेस के विधानसभा प्रभारी अजय विश्नोई का कहना था कि राज्य सरकार के अनुरूप नगर परिषद में कांग्रेस का बोर्ड बनाया गया था लेकिन आयुक्त काम कराने की बजाय अडग़ा डाल रही है।

surender ojha Reporting
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