मूंग, मूंगफली व कॉटन खरीद में किसान को कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए

-मूंग व मूंगफली खरीद के लिए जल्दी शुरू होगा रजिस्ट्रेशन
-एसडीएम को किसानों को जल्दी गिरदावरी देने के लिए किया पाबंद

By: Krishan chauhan

Updated: 15 Sep 2020, 08:56 AM IST

मूंग, मूंगफली व कॉटन खरीद में किसान को कोई परेशानी नहीं आनी चाहिए

-मूंग व मूंगफली खरीद के लिए जल्दी शुरू होगा रजिस्ट्रेशन
-एसडीएम को किसानों को जल्दी गिरदावरी देने के लिए किया पाबंद

श्रीगंगानगर. जिला कलक्टर महावीर प्रसाद वर्मा ने कहा कि कृ षि बाहुल्य श्रीगंगानगर जिले में कोरोना संक्रमण के बीच मूंग, मूंगफली व कॉटन की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरकारी खरीद जल्द शुरू की जाएगी। खरीद रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जल्द शुरू कर दी जाएगी। एमएसपी पर कृषि जिंसों की खरीद के लिए मंडियों में माकूल व्यवस्था करने व हर मंडी का निरीक्षण करने की हिदायत उपखंड अधिकारियों को दी गई। साथ ही कहा कि एक सप्ताह बाद फिर खरीद को लेकर रिव्यू किया जाएगा। कहीं पर अव्यवस्था पाई गई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होगी।

23 नए खरीद केंद्र का प्रस्ताव
कलक्टर ने कहा कि मूंग व मूंगफली की खरीद के लिए श्रीगंगानगर जिले में इस बार 17 खरीद केंद्र है और 23 नए खरीद केंद्र स्वीकृत करने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजे हुए हैं। यह खरीद केंद्र ग्राम सेवा सहाकारी समितियों के अंतर्गत होंगे। कलक्टर ने कहा कि मंगू व मूंगफली की खरीद जल्दी शुरू की जा रही है। इसके लिए किसी प्रकार से किसान को कोई दिक्कत नहीं आनी चाहिए। आरएसडब्लूसी के अधिकारियों से कृषि जिन्सों के भंडारण के लिए पर्याप्त व्यवस्था करने की हिदायत दी गई।

अधिकारियों को किया पाबंद
रसद अधिकारी राकेश सोनी, उप निदेशक कृषि विस्तार जीआर मटोरिया,राजस्थान कृषि विपणन विभाग के संयुक्त निदेशक डीएल कालवा, सीसीआइ के एडीओ नीरज भ_,राजफैड के महाप्रबंधक रणवीर चाहर, डीआर श्रीगंगानगर गौरीशंकर बंसल, डीआर अनूपगढ़ गणेशाराम, उपखंड अधिकारी श्रीगंगानगर उम्मेद सिंह रतनू सहित सभी उपखंड अधिकारी व मंडी समिति सचिव आदि सहित खरीद से जुड़े अन्य अधिकारियों को खरीद में किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए।

एक सप्ताह में सॉफ्टेवयर तैयार कीजिए
सीसीआई के अधिकारी भ_ से कहा कि आप एक सप्ताह में कॉटन की फसल की ऑनलाइन खरीद के लिए एक सॉफ्टवेयर तैयार कीजिए। हर किसान की ऑनलाइन ई मित्र पर खरीद का रजिस्ट्रेशन हो जाना चाहिए। कोरोना संक्रमण में किसान को अपनी फसल बैचान में किसी प्रकार की कोई दिक्तत नहीं होनी चाहिए। कॉटन की फसल की आवक मंडी में 15 अक्टूबर तक आनी बताई गई है।

फैक्ट फाइल
मूंग की फसल

मूंग की बुवाई-98578 हैक्टेयर
मूंग का प्रति हैक्टेयर उत्पादन-130806 मीट्रिक टन

मूंग का एमएसपी-7196
मूंग की संभावित खरीद-395085 क्विंटल

मूंगफली की फसल
मूंगफली की बुवाई-5668 हैक्टेयर

मूंगफली का प्रति हैक्टेयर उत्पादन-11486 मीट्रिक टन
मूंगफली का एमएसपी-5275

मूंगफली की संभावित खरीद-25850 क्विंटल
कॉटन की फसल

कॉटन की बुवाई-1,89,544
कॉटन का उत्पादन-2473096 गाठें

कॉटन एमएसपी-5515
कॉटन की संभावित खरीद-4328793 क्विंटल में

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प्रति क्विंटल 1700 रुपए का मूंग में किसान को फटका

जिले भर में इस बार मूंग की बंपर फसल है और प्रति हैक्टेयर 13 क्विंटल उत्पादन होने हो रहा है। जिले भर की मंडियों में मूंग फसल की आवक शुरू हो चुकी है। जबकि मूंग की एमएसपी 7196 रुपए है और अभी तक मूंग की फसल की फसल की सरकारी खरीद शुरू नहीं हुई है। जबकि सोमवार को नई धानमंडी श्रीगंगानगर में मूंग की आवक 2114 क्विंटल हुई है और मूंग का औसत भाव 5500 रुपए है जबकि उच्चतम भाव 6150 रुपए है। एमएसपी और बाजार भाव में बड़ा अंतर है। किसान को औसत भाव के हिसाब से प्रति क्विंटल 1696 रुपए का राजस्व का नुकसान हो रहा है। कोरोना संकट में एक क्विंटल के पीछे इतना नुकसान किसान के लिए बहुत भारी पड़ रहा है। पिछली बार मूंग की एमएसपी 7050 रुपए प्रति क्विंटल थी जबकि बाजार में मूंग उच्चतम 6382 रुपए प्रति क्विंटल बिका था।

Krishan chauhan Reporting
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