मेट यूनियन का प्रदर्शन और बोले मजदूरी दो पूरी, नहीं तो मनरेगा काम ठप

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By: surender ojha

Published: 10 Jan 2019, 06:40 PM IST

श्रीगंगानगर।
मनरेगा मेट यूनियन ने कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर न्यूनतम मजदूरी देने और मनरेगा कामों में राजनीतिक हस्तक्षेप बंद करने की मांग करते हुए रोष प्रकट किया। गुरुवार को पंचायती धर्मशाला से कलक्ट्रेट तक रोष मार्च निकाला गया। इस दौरान यूनियन से जुड़े मेटों ने साडा हक ऐत्थे रख की नारेबाजी की। जिला परिषद और कलक्ट्रेट के समक्ष इस प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस का व्यापक जाब्ता सुबह से दोपहर तक तैनात रहा। यूनियन प्रदेश अध्यक्ष रमेश परिहार की अगुवाई में ग्यारह सदस्यीय शिष्टमंडल ने जिला प्रशासन के प्रतिनिधि एसडीएम सौरभ स्वामी के साथ वार्ता की।

इसमें न्यूनतम मजदूरी 223 रुपए प्रति दिन लागू करने, मेटों को प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, अनुभव प्रमाण पत्र, पहचान पत्र व कार्य स्थल पर निर्माण संबंधित सामग्री उपलब्ध कराने, रोटेशन प्रणाली के तहत कार्य आवंटित किए जाने, नए मेटों की भर्ती पर रोक लगाने, जिले के प्रत्येक ग्राम पंचायतों में वर्ष 2008 से 2016 तक भर्ती हुए मेटों की सूची व मोबाइल नम्बर यूनियन को उपलब्ध कराने, मेटों की रूकी हुई मजदूरी को सात दिन में भुगतान करने, जिन ग्राम पंचायतों में मेटों की संख्या कम है, उसके आसपास की ग्राम पंचायतों में समायोजित करने की मांग के संबंध में मांग पत्र सौंपा।
इससे पहले पंचायती धर्मशाला में हुई सभा को प्रदेश उपाध्यक्ष श्रवण पंवार के अलावा सादुलशहर के नरेन्द्र मेघवाल, अनूपगढ़ की सरोज पतरोड़ा, रायसिंहनगर के विनोद बिश्नोई, पदमपुर के प्रकाश, श्रीविजयनगर के राकेश, श्रीकरणपुर के चरणजीत सिंह, श्रीगंगानगर के महावीर, जिला महामंत्री राजेन्द्र, जिला प्रभारी रणजीत मजोका, महिला विंग प्रभारी बिन्दू जाट, उपाध्यक्ष चन्द्रकला वर्मा, जिलाध्यक्ष खेत सिंह, सदस्य ममता मेहरड़ा आदि ने मनरेगा कार्यो में आ रही विभिन्न समस्याओं के संबध्ंा में अपने विचार व्यक्त किए।

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