scriptThe picture of the future, the smile of Lado scattered in the house an | भविष्य की दिखी तस्वीर, घर-आंगन में बिखरी लाडो की मुस्कान | Patrika News

भविष्य की दिखी तस्वीर, घर-आंगन में बिखरी लाडो की मुस्कान

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के ताजा आंकड़ों में प्रदेश में प्रति हजार पुरुषों के पीछे महिलाओं की संख्या 1009 हो गई है, जो पांच साल पहले हुए सर्वे से 36 ज्यादा है। आधी दुनिया के आगे होने का यह ग्राफ प्रदेश के 33 में से 28 जिलों में हैं। सिर्फ तीन जिले ही ऐसे हैं जहां संख्या घटी है जबकि दो में यथावत रही है। सर्वाधिक लिंगानुपात के मामले में अकेले जिले की बात करें तो भीलवाड़ा सबसे आगे है, जहां प्रति हजार पुरुषों के पीछे 1069 महिलाएं हैं जबकि जयपुर सबसे पीछे है।

श्री गंगानगर

Published: December 29, 2021 07:01:06 pm

महेंद्र सिंह शेखावत
ाष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5

श्रीगंगानगर. राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 के ताजा आंकड़ों में प्रदेश में प्रति हजार पुरुषों के पीछे महिलाओं की संख्या 1009 हो गई है, जो पांच साल पहले हुए सर्वे से 36 ज्यादा है। आधी दुनिया के आगे होने का यह ग्राफ प्रदेश के 33 में से 28 जिलों में हैं। सिर्फ तीन जिले ही ऐसे हैं जहां संख्या घटी है जबकि दो में यथावत रही है। सर्वाधिक लिंगानुपात के मामले में अकेले जिले की बात करें तो भीलवाड़ा सबसे आगे है, जहां प्रति हजार पुरुषों के पीछे 1069 महिलाएं हैं जबकि जयपुर सबसे पीछे है। यहां यह आंकड़ा 944 ही है। पांच साल के तुलनात्मक आंकड़ों के मामले में जोधपुर सर्वाधिक आगे है जबकि उदयपुर सबसे फिसड्डी रहा है। बाड़मेर एवं करौली जिलों में भी वृद्धि बाकी जिलों के मुकाबले कम हुई है।
भविष्य की दिखी तस्वीर, घर-आंगन में बिखरी लाडो की मुस्कान
भविष्य की दिखी तस्वीर, घर-आंगन में बिखरी लाडो की मुस्कान
टॉप पांच जिले
नाम 2019 2015 अंतर
-21 -16
जोधपुर 1042 952 90
हनुमानगढ़ 1015 928 87
धौलपुर 1002 917 85
बांसवाड़ा 1056 983 73
बूंदी 1002 930 71

फिसड्डी पांच जिले
नाम 2019 2015 अंतर
-21 -16
उदयपुर 998 1043 45
दौसा 986 1016 30
सवाईमाधोपुर 999 1001 02
टोंक 987 987 00
भरतपुर 970 970 00
(करौली एवं बाड़मेर में भी उल्लेखनीय वृद्धि नहीं हुई है। प्रति हजार पुरुषों पर करौली में पांच साल में आठ जबकि बाड़मेर में छह महिलाओं की संख्या बढ़ी है।)
-----------------------------

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण आंकड़ों को एकदम सच तो नहीं माना जा सकता है लेकिन यह सच के बेहद करीब हैं। 0 से छह वर्ष का लिंगानुपात भी सुधर रहा है। जागरुकता के कारण यह आंकड़ा सुधरा है। -राजन चौधरी, सामाजिक कार्यकर्ता,
---------------------

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण आंकड़ों को एकदम सच तो नहीं माना जा सकता है लेकिन यह सच के बेहद करीब हैं। 0 से छह वर्ष का लिंगानुपात भी सुधर रहा है। जागरुकता के कारण यह आंकड़ा सुधरा है। -राजन चौधरी, सामाजिक कार्यकर्ता,

सबसे लोकप्रिय

शानदार खबरें

Newsletters

epatrikaGet the daily edition

Follow Us

epatrikaepatrikaepatrikaepatrikaepatrika

Download Partika Apps

epatrikaepatrika

बड़ी खबरें

Army Day 2022: सेना प्रमुख MM Naravane ने दी चीन को चेतावनी, कहा- हमारे धैर्य की परीक्षा न लेंUP Election 2022 : भाजपा उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी, गोरखपुर से योगी व सिराथू से मौर्या लड़ेंगे चुनावUttar Pradesh Assembly Elections 2022: टूटेगी मायावती और अखिलेश की परंपरा, योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से लड़ेंगे विधानसभा चुनावPunjab Assembly Election: कांग्रेस ने जारी की 86 उम्मीदवारों की पहली सूची, चमकोर से चन्नी, अमृतसर पूर्व से सिद्धू मैदान मेंअब हर साल 16 जनवरी को मनाया जाएगा National Start-up DayHaryana: सरकार का निर्देश, बिना वैक्सीन लगाए 15 से 18 वर्ष के बच्चों को स्कूल में नहीं मिलेगी एंट्रीUP Election: सपा RLD की दूसरी लिस्ट जारी, 7 प्रत्याशियों में किसी भी महिला को नहीं मिला टिकटजम्मू कश्मीर में Corona Weekend Lockdown की घोषणा, OPD सेवाएं भी रहेंगी बंद
Copyright © 2021 Patrika Group. All Rights Reserved.