बाजार बंद के समय में अंतर नहीं, सिर्फ शनिवार को मिली छूट

There is no difference in the time of market closure, only on Saturday the discount- कोरोना की दूसरी लहर में दो महीने बाद दुकानदारों को हुई निराशा

By: surender ojha

Published: 16 Jun 2021, 12:34 PM IST

श्रीगंगानगर. आखिर दो महीने बाद लॉक डाउन से दुकानदारों को निराशा हुई है। राज्य सरकार की नई गाइड लाइन के अनुसार बाजार खुलने का समय सुबह छह बजे से शाम चार बजे तक ही रखा गया है। व्यापारिक संगठनों ने राज्य सरकार से बाजार का समय शाम सात बजे तक करने की मांग की थी।

पड़ौसी राज्य हरियाणा में बाजार बंद करने का समय शाम सात बजे कर दिया है। इसके बावजूद गहलोत सरकार ने कोई ढील नहीं दी। हालांकि इस नई गाइड लाइन में शनिवार को वीकेंड कफ्र्यू से राहत दे दी है।

अब शनिवार को वीकेंड कफ्र्यू नहीं होगा। महज रविवार को ही कफ्र्यू रहेगा। कोविड-19 संक्रमण एवं बचाव को लेकर राज्य सरकार की गाइड लाइन में जिम और मॉल खोलने की छूट दी गई है। बुधवार से यह प्रक्रिया शुरू भी हो गई। शहर के चुनिंदा मॉल में एकाएक रौनक देखने को मिली।
पिछले एक सप्ताह से शहर के अधिकांश इलाके में संचालित हो रही दुकानों पर ग्राहकी देखने को मिल रही है।

रवीन्द्र पथ, गौशाला मार्ग, सुखाडि़या मार्ग, पुरानी आबादी उदाराम चौक, रवि चौक, ताराचंद वाटिका, सेतिया कॉलोनी, अग्रसेननगर चौक, चहल चौक, हनुमानगढ रोड, पदमपुर रोड, स्वामी दयानंद मार्ग, जवाहर मार्केट, पुरानी धानमंडी, तहबाजार, सदर बाजार, महावीर शॉपिंग सैंटर, पब्लिक पार्क मार्केट, प्रताप मार्केट, पटेल मार्केट, दुर्गा मंदिर मार्केट एरिया में सुबह छह बजे के बाद ग्राहकों की चहल पहल रही।

लेकिन चार के बाद दुकानें बंद होने से वहां सन्नाटा पसरने लगा। इधर, बाजार खुलते ही दुकानदारों की मुश्किलें कम नहीं हुई। अधिकांश दुकानें किराये पर संचालित हो रही है। एेसे में दुकान का किराया वसूलने के लिए दुकान मालिकों के फोन आने शुरू हो गए। वहीं दुकान के अंदर आते ही बिजली बिल की राशि चुकानें की चिंता हो उठी।

इसके साथ साथ दुकान पर काम करने वाले सैल्समैंनों की तनख्वाह और बकाया उधारी का हिसाब किताब दुकानदारों की परेशानी कोढ़ में खाज वाली स्थिति हो गई। संयुक्त व्यापार मंडल के सचिव नरेश सेतिया का कहना था कि दुकान न खोले तो टेंशन और खोली है तो दुगुनी टेंशन। लोगों के पास खरीददारी की क्षमता अब उतनी नहीं है जितनी पहले हुआ करती थी। लॉक डाउन के कारण लोग बेरोजगार हो गए है।

एेसे में विलासता वाली वस्तुओं की खरीददारी करने के लिए ग्राहकी की ओर से हो रही अनदेखी फिलहाल बड़ी चुनौती है। ग्राहक सिर्फ अपने जरुरत का सामान खरीद रहे है। बाजार और अन्य चौक चौराहों के आसपास जिनकी खुद की दुकानें है, वे इस संकट के दौर से बाहर निकल जाएंगे लेकिन जिन्होंने किराये पर दुकानें ले रखी है, बकाया किराये कैसे निकल पाएगा।

इसके साथ साथ राज्य सरकार ने बिजली पानी के बिल माफ नहीं किए सिर्फ पैनेल्टी राशि में छूट देकर ऊंट के मुंह में जीरे के सामान घोषणा की है।

surender ojha Reporting
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