ऐसे तो हो गए आत्मनिर्भर: 57 प्रतिशत को बैंक प्रबंधकों ने दिखाया अंगूठा

This is how they became self-reliant: 57 percent were shown thumb by bank managers- पीएम स्वनिधि योजना में स्ट्रीट वेंडर्स को ऋण सुविधा नहीं

By: surender ojha

Published: 13 Sep 2021, 02:39 PM IST

श्रीगंगानगर. कोरोना महामारी से सड़क किनारे चाय की थड़ी, पान का खोखा, सब्जी की रेहड़ी लगाने वाले पात्र स्ट्रीट वैंडर्स को आत्मनिर्भर करने के लिए पीएम स्वनिधि योजना के माध्यम से दस हजार रुपए का ऋण देना था लेकिन इसका लाभ धरातल पर चुनिंदा लोगों को तक पहुंचा है।

इस योजना के लिए किए गए आवेदकों के आंकड़ों पर नजर डाली जाएं तो ५७ प्रतिशत स्ट्रीट वेंडर्स को बैंकों ने ऋण से दूर रखा है। अब तक जिले में इस योजना के लिए ३४९० आवेदन २६ बैंकों को जारी किए गए थे। इसमें से १५४२ आवेदकों को ऋण की सुविधा दी गई है।

जबकि १३३१ आवेदन निरस्त कर दिए जा चुके है। वहीं ६१८ आवेदनों को बैंकों ने लंबित रखा है। इधर, बैंक प्रबंधकों को कहना है कि कई आवेदको का सिविल सही नहीं है।

इस कारण वे ऋण की दौड़ से स्वत: ही बाहर हो गए है। वहीं कई आवेदक पहले से ही किस्तें नहीं चुकाने के कारण डिफाल्टर घोषित है। सिविल खराब होने से बैंकों के लिए सरदर्द बने आवेदक केन्द्र सरकार प्रत्येक जिले से पीएम स्वनिधि योजना का हर महीने फीडबैक मांग रहा है।

इस कारण जिला प्रशासन बैंकों को पात्र आवेदकों को ऋण के लिए बार बार रिपोर्ट मांग रहे है जबकि बैंक प्रबंधकों के लिए ये आवेदन चुनौती बन गए है।

बैंकों का कहना है कि संबंधित आवेदनों की प्रारभिंक जांच में कई आवेदकों ने टीवी, फ्रिज आदि लोन पर ले रखे हैं, इसकी किस्त समय पर नहीं दी। इससे उनका सिबिल भी खराब हो गया है।

ऐसे आवेदकों की संख्या कई है। इस योजना के जिला समन्वयक ओमप्रकाश कस्वां ने बताया कि बैंकों ने आवेदन तो स्वीकार कर लिए लेकिन छंटनी के नाम पर पचास फीसदी आवेदन निरस्त कर दिए। कई आवेदन तो लंबित प्रक्रिया बताकर पल्ला झाड़ लिया।

इस कारण आवेदक उनके यहां आकर शिकायत करते है कि ऋण सुविधा केन्द्र सरकार दे रही है जबकि ऋण देने के लिए बैँक प्रबंधक आनाकानी कर रहे है।

हर महीने केन्द्र सरकार को रिपोर्ट भिजवाई जा रही है। यहां तक कि जिला प्रशासन भी बार बार अधिकाधिक ऋण देने की बात कर रहा है। लेकिन बैँक प्रबंधक सिविल खराब होने का रटारटाया जवाब देकर ऋण की फाइलों को देखते तक नहीं है।

पीएम स्वनिधि योजना की बैंक वाइज लिस्ट
बैंक का नाम कुल आवेदन ऋण मिले निरस्त आवेदन लंबित प्रकरण
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 1178 637 324 217
अन्नपूणाज़् फाइनेंस 246 172 065 05
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक 08 00 05 03
एक्स बैंक 03 00 00 03
बैंक ऑफ बड़ौदा 193 80 64 48
बैँक ऑफ इंडिया 118 078 28 12
बैंक ऑफ महाराष्ट्र 022 04 15 03
केनरा बैंक 183 34 133 16
कैपीटल स्माल फाइनेंस 01 00 00 01
सैंट्रल बैँक ऑफ इंडिया 34 19 15 00
कारपोरज़्शन बैंक 02 00 00 02
देना बैंक 01 00 00 01
एचडीएफसी बैंक 84 00 06 78
आईसीआईसीआई बैँक 24 00 05 19
पंजाब नेशनल बैंक 860 346 485 29
इंडियन बैँक 201 48 118 35
कुल योग 3490 1542 1331 618

surender ojha Reporting
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