प्रशिक्षु पटवारियों ने कुशलता से निपटाई गिरदावरी

-प्रशिक्षु पटवारियों ने आखिरकार गिरदावरी के कार्य को कुशलता से पूरा कर ही लिया। यह गिरदावरी उनके लिए पूर्व में गलफांस बनी हुई थी

By: pawan uppal

Published: 13 Mar 2018, 07:08 AM IST

श्रीगंगानगर.

प्रशिक्षु पटवारियों ने आखिरकार गिरदावरी के कार्य को कुशलता से पूरा कर ही लिया। यह गिरदावरी उनके लिए पूर्व में गलफांस बनी हुई थी। प्रशिक्षण के दौरान गिरदावरी के कार्य के समय पर पूरा किए जाने पर संदेह बना हुआ था।


पटवार संघ से जुड़े पटवारियों ने अतिरिक्त कार्य का बहिष्कार करते हुए संबंधित पटवार मंडलों के रिकॉर्ड को तहसीलों में जमा करवा दिया था। इससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस बीच प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 143 प्रशिक्षु पटवारियों को फील्ड में तैनात कर दिया गया।


लापरवाही पर चेतावनी भी
पटवारियों की कमी को देखते हुए प्रत्येक प्रशिक्षु पटवारी को 2 से 3 पटवार मंडलों का चार्ज दे दिया गया। इन प्रशिक्षु पटवारियों को गिरदावरी का भी कार्य सौंप दिया गया। 16 जनवरी के बाद से गिरदावरी का यह कार्य शुरू हुआ। गेहूं, चना और सरसों की उपज पककर तैयार होती, उससे पूर्व ही इन प्रशिक्षु पटवारियों ने अपने दायित्व का भली-भांति निर्वाह किया। प्रत्येक पटवार मंडल में प्रशिक्षु पटवारियों को लगभग 5 हजार किसानों के खेतों में जाकर गिरदावरी का कार्य करना पड़ा। कुल मिलाकर कई प्रशिक्षु पटवारियों को 15 से 20 हजार किसानों के खेतों में जाकर गिरदावरी के कार्य को पूरा करना पड़ा। हालांकि इस बीच काम में लापरवाही बरतने वाले प्रशिक्षु पटवारियों को चेतावनी भीदेनी पड़ी।


पटवारियों को गिरदारी स्लिप सौंपी
जिले में सरसों और चना की समर्थन मूल्य पर खरीद 4 अप्रेल से और गेहूं की सरकारी खरीद 1 अप्रेल से शुरू होनी है। तहसीलदारों ने अब इन पटवारियों को गिरदावरी स्लिप सौंप दी है।


इन प्रशिक्षु पटवारियों को हिदायत दी गई है कि वे किसानों को समय रहते गिरदावरी स्लिप जारी कर दें। इस गिरदावरी स्लिप पर किसान के खेत में बोई गई फसल और उसकी कुल भूमि का उल्लेख करते हुए अंकों और शब्दों का स्पष्ट उल्लेख करें। गिरदावरी स्लिप में हस्ताक्षर के साथ पटवार मंडल की मोहर
भी लगाएं।

क्या है गिरदावरी?
फसल गिरदावरी प्रति वर्ष की जाने वाली महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जोकि वर्ष में 2 बार खरीफ एवं रबी सीजन की बुवाई के पश्चात् की जाती है। किसान ने अपने खेत में कितने रकबे में कौनसी फसल की बुवाई की है, इस बारे में पूरी जानकारी भू-अभिलेखों में दर्ज की जाती है। यह जानकारी कई मामलों जैसे फसल बीमा, प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई, बैंक ऋण और योजनाओं का लाभ लेने में महत्वपूर्ण होती है।

गंगानगर पटवार मंडल में गिरदावरी का कार्य समय रहते पूरा कर लिया गया है। प्रशिक्षु पटवारियों द्वारा किसानों को समय पर गिरदावरी स्लिप जारी कर दी जायेगी।
-सुरेन्द्र पारीक, तहसीलदार, श्रीगंगानगर।

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