एसपी ऑफिस में दो युवकों को क्लर्क नियुक्ति के फर्जी आदेश जारी कराने वाले दो आरोपी जेल से लाई पुलिस

एसपी ऑफिस में दो युवकों को क्लर्क नियुक्ति के  फर्जी आदेश जारी कराने वाले दो आरोपी जेल से लाई पुलिस
एसपी ऑफिस में दो युवकों को क्लर्क नियुक्ति के फर्जी आदेश जारी कराने वाले दो आरोपी जेल से लाई पुलिस

Raj Singh Shekhawat | Updated: 13 Oct 2019, 12:14:32 AM (IST) Sri Ganganagar, Sri Ganganagar, Rajasthan, India

फर्जी सिपाही बनकर नौकरी व पोस्त का लाइसेंस दिलाने के नाम पर ठगे थे 2 करोड़ रुपए

श्रीगंगानगर. कोतवाली पुलिस फर्जी सिपाही बनकर जयपुर में अपने दोस्त के साथ मिलकर एसपी ऑफिस श्रीगंगानगर में क्लर्क के फर्जी नियुक्ति पत्र देने वालों को श्रीकरणपुर उप कारागृह से अनुसंधान के लिए लाई है। आरोपियों के खिलाफ कोतवाली में फर्जी नियुक्त पत्र जारी करने का मामला दर्ज हुआ था।


सेतिया चौकी प्रभारी बलवंत सिंह ने बताया कि 25 एफ गुलाबेवाला निवासी गुरवीर सिंह ने थाना केसरीसिंहपुर में 6 सितंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि एक एसकेएम रावला निवासी कालूराम उर्फ राहुल कुमार पुत्र कस्तूरीलाल ओड खुद को पुलिस में कांस्टेबल बताता है।

आरोपी ने उसे डोडा पोस्त बेचने का लाइसेंस दिलाने के नाम पर 20 लाख रुपए ठग लिए। केसरीसिंहपुर पुलिस ने मामले में कालूराम उर्फ राहुल कुमार को गिरफ्तार करने के बाद जयपुर में पूछताछ में सामने आया कि कालूराम और उसका एक साथी पंजाब, हरियाणा व राजस्थान में युवाओं को नौकरी दिलाने व डोडा पोस्त बेचने का लाइसेंस दिलाने के नाम पर करीब दो करोड़ रुपए ठग चुके हैं।

जिसमें उसका साथ जयपुर निवासी पंकज जैन पुत्र विमल कुमार देता है। पुलिस ने आरोपी पंकज जैन को जयपुर से गिरफ्तार कर लिया था। इसके पास से पुलिस ने फर्जी मुहर व फर्जी दस्तावेज जब्त किए थे। आरोपी कालूराम उर्फ राहुल कुमार के खिलाफ पंजाब, हरियाणा व श्रीगंगानगर के विभिन्न थानों में ठगी के दर्जनों प्रकरण दर्ज है। दोनों आरोपियों को कोर्ट ने जेल भेज दिया था, जो श्रीकरणपुर उपकारागृह में न्यायिक अभिरक्षा में चल रहे थे।


एसपी ऑफिस में नियुक्ति के कर दिए थे फर्जी आदेश जारी
- पुलिस ने बताया कि आरोपी इतने शातिर है कि उन्होंने एसपी ऑफिस में क्लर्क पद के लिए सांवतसर के दो युवकों की नियुक्ति के फर्जी आदेश जारी कर दिए थे। अगस्त माह में जब दोनों युवक क्लर्क की नियुक्ति के पत्र लेकर फोर्स बाबू के पास पहुंचे तो पत्रों पर लगी सील व मुहरों की जांच की और उनसे जानकारी ली गई तो मामला खुल गया।

जिसकी रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। जिनको शनिवार को कोतवाली पुलिस जेल से पूछताछ के लिए लेकर आई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। इसके अलावा अन्य जगह भी किए गए फर्जी आदेशों व कागजातों की जांच पड़ताल की जा रही है।

बॉर्डर होमगार्ड से बर्खास्त है आरोपी
- कोतवाली थाना प्रभारी ने बताया कि ठगी करने का आरोपी कालूराम पहले बॉर्डर होम गार्ड में था, जहां से बर्खास्त हो गया था और फर्जी पुलिसकर्मी बनकर लोगों को झांसा देकर ठगी कर रहा था। पुलिस अधीक्षक हेमंत शर्मा की ओर से मामले को गंभीरता से लिया गया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई दोनों आरोपियों को पकड़ा था। इनके खिलाफ एक दर्जन मामले विभिन्न थानों में दर्ज है। जो सभी ठगी व रकम ऐंठने के हैं।


इनका कहना है
- मामले में दोनों आरोपियों को जेल से पूछताछ के लिए लाया गया है। इनके खिलाफ यहां कोतवाली थाने में फर्जी नियुक्ति पत्र जारी करने का मामला दर्ज था। पुलिस आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है। पूछताछ में अन्य प्रकरण भी सामने आ सकते हैं।
हनुमानाराम बिश्नोई, कोतवाली थाना प्रभारी श्रीगंगानगर।

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