टीकाकरण अभियान...नि:शुल्क लगेगा निमोनिया से बचाने वाला टीका

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By: Krishan chauhan

Published: 03 Jan 2020, 09:34 PM IST

टीकाकरण अभियान...नि:शुल्क लगेगा निमोनिया से बचाने वाला टीका

श्रीगंगानगर. बाल मृत्यु के पीछे सबसे बड़े कारणों में से एक निमोनिया को माना गया और अब इससे बचाव के लिए न्युमोकोकल कंजुगेट वैक्सीन (पीसीवी) टीका जिले में शुरू होने जा रहा है। सीएमएचओ डॉ.गिरधारी मेहरड़ा ने बताया कि इसी जनवरी 2020 के पहले सप्ताह से पीसीवी को नियमित टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल किया गया है। यह जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर अन्य टीकों के साथ नि:शुल्क लगाया जाएगा।

महंगा है निमोनिया का टीका

आरसीएचओ डॉ.एचएस बराड़ ने बताया कि वीआइपी माना जाने वाला लगभग 3000 रुपए की अनुमानित डोज का यह टीका एक साल तक के बच्चों को नि:शुल्क लगेगा। प्रत्येक बच्चे को इसकी तीन डोज क्रमश: जन्म के डेढ़ माह, साढ़े तीन माह व नौ माह पर लगाई जाएगी। जिले में यह टीका प्रति वर्ष करीब 37 हजार से अधिक बच्चों को लगाया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि वे निजी चिकित्सा संस्थानों की बजाए राजकीय चिकित्सालयों व स्वास्थ्य केंद्रों से टीकाकरण करवाएं ताकि आमजन की आर्थिक नुकसान न हो।

छह जनवरी को सघन मिशन इंद्रधनुष में होगा टीकाकरण, करेगा बच्चों को बीमारियों से रक्षित
-वंचित बच्चों व गर्भवतियों का होगा टीकाकरण, इसी माह से शुरू होगा निमोनिया का नि:शुल्क टीका

श्रीगंगानगर. जिले में एक बार फिर से मिशन इंद्रधनुष अभियान चलेगा और नियमित टीकाकरण से छूटे बच्चों व गर्भवतियों तक पहुंचकर उन्हें 10 जानलेवा बीमारियों से प्रतिरक्षित करेगा। छह जनवरी को चलने वाले इस अभियान को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारियां कर ली है और इसे लेकर शुक्रवार को सीएमएचओ डॉ. गिरधारी मेहरड़ा व अभियान प्रभारी आरसीएचओ डॉ.एचएस बराड़ ने पत्रकार वार्ता कर अभियान की जानकारी दी। अभियान का मुख्य लक्ष्य सम्पूर्ण टीकाकरण के कवरेज को 90 प्रतिशत के स्तर से ऊपर ले जाना है। अभियान के तहत ऐसे क्षेत्रों का चिन्हीकरण कर विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे जहां टीकाकरण का प्रतिशत बहुत कम है और जिसे नियमित टीकाकरण द्वारा बढ़ाना मुश्किल है।

आरसीएचओ डॉ.एचएस बराड़ ने बताया कि जिले में चिन्हित एरिया में चार चरणों में मिशन इंद्रधनुष अभियान निर्धारित किया गया, जिसमें से पहला चरण दिसंबर माह में हो चुका है। अभियान का दूसरा चरण एवं इस वर्ष का पहला सेशन छह जनवरी को आयोजित होगा। इसके बाद तीन फरवरी व दो मार्च को आगामी चरण आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि प्रत्येक आइएमआइ सत्र में समस्त प्रकार की वैक्सीन व लोजिस्टिक्स की व्यवस्था की गई है। इसके लिए आवश्यक वैक्सीन का समय रहते स्टॉक कर लिया जाएगा। पुख्ता माइक्रोप्लानिंग करने, उपलब्ध मानव संसाधनों को सही दिशा में निवेशित करने व जरूरत पडऩे पर अतिरिक्त संसाधनों को जोडऩे के लिए बैठक की जा चुकी है।

हाइ रिस्क क्षेत्रों को किया शामिल
डब्ल्यूएचओ की ओर से जिला स्तर पर सभी बीसीएमओ, बीपीएम सहित एनएचएम टीम को प्रशिक्षित किया जा चुका है। सभी अधिकारी व कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि हर बार सही हैड काउंट के आधार पर ड्यू लिस्ट तैयार करें, समय-समय कार्यक्रम की समीक्षा करें व हाइ रिस्क क्षेत्रों को शामिल करते हुए टीकाकरण स्थलों का त्रुटिरहित चिन्हीकरण करें ताकि अभियान को सफल बनाया जा सके। अभियान को लेकर जिला स्तरीय टास्क फॉर्स का गठन किया गया है, जिसकी बैठक आयोजित कर अभियान को सफल बनाने पर चर्चा की गई है।

Krishan chauhan Reporting
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