प्यास बुझाने के लिए स्थापित किए थे वाटर कूलर, अनदेखी से हुए बंद, अब कब्जे से कशमकश

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By: surender ojha

Published: 10 Apr 2019, 11:28 PM IST

श्रीगंगानगर। शहर में राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए विभिन्न धार्मिक, सामाजिक संगठनों सहित कई संस्थाओं के जनसहयोग से अलग अलग स्थानों पर वाटर कूलर लगाए लेकिन सार संभाल नहीं होने के कारण अनदेखी के शिकार हो गए है।

इन वाटर कूलर में ठंडा तो दूर गर्म पानी नहीं आता। कई वाटर कूलर तो आसपास रेहड़ी वालों के अतिक्रमण के कारण अपने वजूद की अंतिम सांस गिन रहे है। करीब सात साल पहले शहर मं गमी के प्रकोप से जनहसयोग से चौराहें के आसपास राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए प्याऊ तक लगाई जाती थी लेकिन बदलते परिवेश में इन प्याऊ ने अब वाटर कूलर ले लिया है।

नियमित रखरखाव नहीं होने के कारण वाटर कूलर अब नाकारा होने लगे है। ऐसे में राहगीरों की प्यास बुझाने के लिए किसी भी राजनीतिक दल या जिला प्रशासन या नगर परिषद या नगर विकास न्यास या जिला परिषद ने जनहित में यह कदम तक नहीं उठाया है।
सुखाडिय़ा सर्किल अस्थायी बस स्टैण्ड के पास करीब डेढ़ दशक पहले एक सामाजिक संस्था ने यह वाटर कूलर बस यात्रियों के लिए लगाया था। लेकिन अब रखरखाव नहीं होने के कारण बंद पड़ा है। वाटर कूलर के लिए बनाए गए पक्के निर्माण से बनाई गई गुमटी में एक फ्रूट विक्रेता के कब्जे में है।

यात्रियो को मजबूरन अपनी प्यास बुझाने के लिए आसपास की रेहडिय़ों और दुकानदारों से रुपए देकर पानी की बोतल खरीदनी पड़ रही है।
सुखाडिय़ा सकिल श्रीगौशाला के इस द्वार के पास श्रद्धालुओं और गौ प्रेमियों के लिए वाटर कूलर लगाया हुआ है। लेकिन इस वाटर कूलर की सार संभाल की व्यवस्था किसी ने नहीं की।

नतीजन यह वाटर कूलर महज शो पीस बनकर रह गया है। इस गौशाला में सुबह और शाम के समय कई लोग गौसेवा के लिए भी आते है लेकिन इन लोगों को भी अपनी प्यास बुझाने के लिए इस वाटर कूलर पर आकर निराशा हाथ लग रही है।
केन्द्रीय बस स्टैण्ड के र्पीछे नेहरू पार्क के मुख्य गेट पर लगा वाटर कूलर भी सूखा पड़ा है। इस वाटर कूलर से ठंडा तो दूर गर्म पानी नहीं आता है। आसपास शिक्षण संस्थाओं में आए दिन परीक्षा देने के लिए परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों के साथ साथ पार्क में घूमने वाले भी निराश हो रहे है। कई कोचिंग सैटरों ने इस वाटर कूलर पर पम्फलेट तक चस्पा कर दिए है।
इस केन्द्रीय कारागृह के मुख्य गेट पर बंदियों से मिलने वाले लोगों के लिए वाटर कूलर का उद्घाटन चार साल पहले तत्कालीन जेल अधीक्षक ने किया था। लेकिन यह वाटर कूलर में अब दुकानदारी शुरू हो गई है। जिस जगह टूंटी लगी थी वहां अब उखाडकऱ उसे बंद कर दिया गया था। इस वाटर कूलर को वापस शुरू करने के संबंध में जेल प्रशासन ने भी अब चुप्पी साध ली है।

नगर परिषद के अग्नि शमन सेवा केन्द्र के मुख्य गेट के पास वाटर कूलर राहगीरों के लिए लगाया गया था। इस वाटर कूलर में दो टूंटियों में से एक टूंटी में गर्म पानी आता है, दूसरी टूंटी अब बंद हो चुकी है। ठंडे पानी के लिए वाटर कूलर की व्यवस्था के लिए नगर परिषद ने भी कोई इंतजाम नहीं किए है।
केन्द्रीय बस स्टैण्ड पर वाटर कूलर नाकारा किया जा चुका है। यात्रियों को ठंडे पानी के लिए मजबूरन दुकानदारों से बीस रुपए का खर्च किया जा रहा है। इस संबंध में रोडवेज प्रबंधन के अधिकारी भी जानबूझकर चुप्पी साध लेते है। करीब ढाई दशक पहले लगे एक संस्था ने भी वहां वाटर कूलर लगाया था वह दुकानदारों के बर्तन धाने का स्थान बन चुका है।

 

surender ojha Reporting
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