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SriGanganagar शहनाई थमी तो स​ब्जियों के नखरे हुए दूर

locationश्री गंगानगरPublished: Nov 19, 2022 01:40:41 pm

Submitted by:

surender ojha

When the clarinet stopped, the tantrums of the vegetables went away.- इलाके में सब्जियों की आवक बढ़ी, मांग एकाएक घटी

 

SriGanganagar शहनाई थमी तो स​ब्जियों के नखरे हुए दूर
SriGanganagar शहनाई थमी तो स​ब्जियों के नखरे हुए दूर
श्रीगंगागर। इलाके में पिछले एक सप्ताह से शादियों की रौनक छंटने लगी तो सब्जियों के नखरे दूर होने लगे है। दस दिन पहले आसमान छू रहे सब्जियों के दामों में इन दिनों काफी गिरावट आई है। रही कही कसर आसपास इलाके में सब्जियों का उत्पादन होकर मंडियों में आने लगा है। सब्जियों के दाम गिरने से आम जन को मंहगाई से कुछ राहत मिली है। वहीं बचत होने से गृहणियों में भी खुशी देखी गई है।
शहर की फल एवं सब्जी मण्डी में आ रही सब्जियों के थोक भाव में गत दस दिनों में पहले की तुलना अब काफी उतार आया है। कई सब्जियों के थोक भाव तो आधे ही रह गए हैं। मण्डी में थोक का काम करने वाले विष्णु ने बताया कि गत माह के मुकाबले अभी सब्जियों के भाव में काफी कमी आई है। सर्दी में सब्जियों की पैदावार काफी मात्रा में होती है।
इसलिए दामों में लगातार आ रही कमी
मंडी में थोक विक्रेता गौरीशंकर बतरा का कहना है कि इन दिनों में खेतो में रुई-नरमे की चुगाई चल रही है, वहां सरसों का साग, पालक, मेथी, काचर, ककड़ी, गाजर जैसी सब्जियां काम करने वाले लोगों को आसानी से उपलब्ध हो रही है। वहां से गांवों में ही आपूर्ति होने लगी है। इस सीजन में ज्यादातर ग्रामीण ऐसी सब्जियों का अधिक इस्तेमाल करने लगे है। इससे ग्रामीण अन्य सब्जियों की अनदेखी कर रहे है। वहीं ग्रामीण इलाके में सब्जियों का उत्पादन इन दिनों अधिक हो रहा है तो लोग बाजार में खरीदने नहीं आते। इसके अलावा शादी-ब्याह व अन्य मांगलिक कार्यों के नहीं होने के कारण सब्जियों की खपत उतनी नहीं हो रही जितनी होनी चाहिए। मांग और आपूर्ति के बीच काफी अंतर होने के कारण सब्जियों के दाम सस्ते हो गए है।
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आलू और टमाटर भी लुढ़का
पिछले बीस दिन पहले थोक में आलू तीस रुपए किलो था जो अब लुढ़कर कर 18 से 20 रुपए प्रति किलो की दर बिक रहा है। प्याज भी चालीस की बजाय बीस से बाइस रुपए प्रति किलो पहुंच चुका है। टमाटर भी पहले 30 से 32 रुपए थोक में था जो अब 12 से 15 रुपए के भाव में जा रहा है। इसी प्रकार टिण्डा पहले 25 रुपए था जो अब दस रुपए प्रति किलो थोक में बिक रहा है। वहीं हरी मिर्च अस्सी से एक सौ रुपए बिक रही थी, वह अब तीस से चालीस रुपए बिकने लगी है। इसके साथ साथ नींबू पहले पचास रुपए भाव में बिक रहा था जो अब तीस रुपए प्रति किलो पर अटक गया है।
मटर ने भी बदली चाल, गाजर भी ढली
इलाके में नई सब्जी हरी मटर के दाम 200 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बिक रही थी। इस नई सब्जी के नखरे महज बीस दिन में ढीले हो गए। पिछले सप्ताह मटर 160 रुपए में बिकी थी लेकिन दो दिन पहले इसके दाम 100 रुपए तक आ गए। शनिवार को मंडी में बोली में यह 60 रुपए प्रतिकिलो के दाम तय हुए। रिटेल में मटर के दाम 75 से 80 रुपए तक बिक रही है। वहीं गाजर 20 से 30 रुपए बिकने लगी है। साधुवाली और चक आठ जैड जैसे आसपास क्षेत्र के अलावा पंजाब और जयपुर से भी आने लगी है। साधुवाली में गाजर मंडी के कारण गाजर के दामों में लगातार कमी आने लगी है।
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