कौन है इसका जिम्मेदार? धान मंडियों में खुले में पड़ा गेहूं भीगा, कई जगह गेहूं की बनी घूघरी

-हनुमानगढ़ जिले में एफसीआइ का एक लाख मीट्रिक टन गेहूं का नहीं हुआ उठाव

By: Krishan chauhan

Published: 31 May 2020, 08:10 PM IST

कौन है इसका जिम्मेदार? धान मंडियों में खुले में पड़ा गेहूं भीगा, कई जगह गेहूं की बनी घूघरी

-हनुमानगढ़ जिले में एफसीआइ का एक लाख मीट्रिक टन गेहूं का नहीं हुआ उठाव
श्रीगंगानगर. कृषि बाहुल्य श्रीगंगानगर जिला अन्न का कटौरा नाम से प्रसिद्ध है। जबकि शुक्रवार शाम को हुई प्री-मानसून की बारिश में कृषि उपज मंडी समिति (अनाज) श्रीगंगानगर सहित जिले की अन्य मंडियों में खुले में पड़ा लाखों मीट्रिक टन गेहूं, सरसों, जौ आदि की फसल भीग गई। बारिश की पूर्व में चेतावनी भी दी गई थी। इसके बावजूद कृषि जिन्सों का समय पर उठाव क्यों नहीं किया गया? और इस लापरवाही के लिए कौन है जिम्मेदार? इसमें एफसीआइ का भी काफी गेहूं शामिल है। इससे एफसीआइ, व्यापारी व धरतीपुत्र को काफी नुकसान हुआ है।

पत्रिका ने शनिवार को जिला मुख्यालय की नई धानमंडी के प्रथम, द्वितीय व तृतीय ब्लॉक में जाकर देखा तो गेहूं, सरसों व जौ आदि की फसल काफी मात्रा में भीग गई। कई जगह गेहूं की घूघरी तक बन गई। सरसों की ढेरियां भी भीग गई। साइड में पड़ा गेहूं काफी मात्रा में भीग गया है। जगह-जगह प्राइवेट व्यापारियों ने खरीदा गेहूं, सरसों व जौ आदि की फसल भीग गई। मंडी में मजदूर वर्ग भीगे गेहूं को पल्टी मारने और गेहूं के भीगे थैलों की ढांग लगाने के काम में लगे हुए थे।

एफसीआइ का गेहूं मंडियों में भीगा

भारतीय खाद्य निगम (एफसीआइ)ने श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले में आठ लाख 22 हजार मीट्रिक टन गेहूं की एमएसपी पर खरीद की है। जबकि इसमें एक लाख 12 हजार मीट्रिक टन गेहूं मंडियों में पड़ा है और उसका उठाव नहीं है। इसमें कई मंडियों में एफसीआइ का गेहूं भीग भी गया। श्रीगंगानगर की अनाज मंडी में ढाई लाख थैले एफसीआइ का गेहूं मंडी में पड़ा है। इसका समय पर उठाव नहीं होने से गेहूं बारिश में भीग गया। जबकि दो लाख थैले गेहूं मंडी में व्यापारियों के पिडों पर पड़ा है। बारदाना समय पर नहीं मिलने से गेहूं का तुलाव नहीं हो पाया। बारिश में तिरपाल से बचाव करने की कोशिश की गई लेकिन ढेरी के नीचे पानी चला गया। इस कारण काफी मात्रा में गेहूं भीग गया। इसका नुकसान इलाके के धरती पुत्रों को उठाना पड़ेगा।

फैक्ट फाइल

-श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले में गेहूं की खरीद- 8 लाख 22 हजार मीट्रिक टन
-श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ जिले में गेहूं का उठाव नहीं हुआ-एक लाख 12 हजार मीट्रिक टन

कृषि उपज मंडी समिति अनाज श्रीगंगानगर
-गेहूं की खरीद- 13 लाख 50 हजार बैग
-गेहूं का उठाव हुआ- नौ लाख बैग
-गेहूं थैलों में भरे हुए हैं- तीन लाख बैग
-गेहूं की ढेरियां खुले में पड़ी- एक लाख 50 हजार बैग
-प्राइवेट व्यारियों की कृषि जिन्स-गेहूं,सरसों,चना,जौ-दो लाख बैग

समय पर गेहूं का उठाव नहीं हुआ और खुले में पड़ा गेहूं भीग गया। इससे व्यापारी व किसान वर्ग को काफी नुकसान हुआ है। ढेरियों को तिरपाल से ढकने के बाद नीचे पानी चला गया। एफसीआइ का भी गेहूं मंडी में भीगा है। बारदाना देरी से मिलने पर गेहूं का तुलाव समय पर नहीं हुआ।
हनुमान गोयल, जिलाध्यक्ष, श्रीगंगानगर-हनुमानगढ़ संयुक्त व्यापार संघ।

कृषि जिन्सों की ब्रिकी का सीजन चल रहा है। इसमें गेहूं सहित अन्य कृषि जिन्सें की आवक एक साथ ज्यादा आने और समय पर इनका उठाव नहीं होने से समस्या आ रही है। इस बीच हुई बारिश से आंशिक कृषि जिन्सों को नुकसान हुआ है। जहां सडक़ पर या नीचे की जगह पर कृषि जिन्स की ढेरी होती है। वह कृषि जिन्स भीगने की आंशका रहती है।

डीएल कालवा, संयुक्त निदेशक, कृषि विपणन विभाग, श्रीगंगानगर।

खरीद के बाद गेहूं थैलों में पैक हो चुका है। इस गेहूं को बारिश में ज्यादा नुकसान नहीं हुआ है। जिला मुख्यालय की मंडी में कई जगह गेहूं भीगा है। जहां कहीं पर नुकसान हुआ है। वहां पर थैलों को पलट कर हवा लगाई जा रही है। खुले में पड़े गेहूं की जिम्मेदारी व्यापारी व किसान की होती है। एफसीआइ अच्छी क्लालिटी का ही गेहूं लेगा।

लोकेश ब्रहम भट्ट, डीएम, एफसीआइ, श्रीगंगानगर

Krishan chauhan Reporting
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