गर्मी बढऩे के साथ शहर में पानी की खपत बढकऱ 50 हजार किलोलीटर प्रतिदिन हुई

-इलाके में दो दिन से गर्मी बढ़ी,पानी की खपत पांच हजार किलोलीटर बढ़ी

-नहरबंदी के बाद नहरों में छोड़ा गया पानी गंदा व दूषित,कई जगह से आई शिकायतें

By: Krishan chauhan

Published: 28 May 2021, 10:31 AM IST

गर्मी बढऩे के साथ शहर में पानी की खपत बढकऱ 50 हजार किलोलीटर प्रतिदिन हुई

-इलाके में दो दिन से गर्मी बढ़ी,पानी की खपत पांच हजार किलोलीटर बढ़ी

-नहरबंदी के बाद नहरों में छोड़ा गया पानी गंदा व दूषित,कई जगह से आई शिकायतें
श्रीगंगानगर.इलाके में गर्मी बढऩे के साथ ही शहरी व ग्रामीण अंचल में पानी की खपत बढ़ गई है। दो दिन से गर्मी के तेवर तीखे बने हुए हैं। इस कारण शहर में दो दिन में पांच हजार किलोलीटर पानी की खपत बढ़ गई है। पहले जहां प्रतिदिन 45 हजार किलो लीटर प्रतिदिन पानी की खपत हो रही थी। अब दो दिन में बढकऱ 50 हजार किलोलीटर पानी की खपत हो गई है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 140 लीटर पानी दिया जा रहा है। वहीं,नहरबंदी के बाद गंगनहर में पानी अब बढ़ा दिया है। इस कारण नहर में पानी भी साफ नहीं आया। नहरबंदी के बीच भी आइजीएनपी व भाखड़ा में पेयजल के लिए पानी छोड़ा गया था,लेकिन पानी साफ नहीं था। इस कारण ग्रामीण अंचल में लोगों को शुद्ध पानी की सप्लाई भी नहीं मिल पा रही है। किसान नेता अमर सिंह बिश्नोई ने बताया कि नहरों में दृषित व गंदापानी से ही बीमारियां हो रही है। उल्लेखनीय है कि शहर की आबादी पहले की तुलना में बढ़ गई है। पहले जहां 50 वार्ड थे। आबादी बढऩे पर इनकी संख्या 65 कर दी गई। इस कारण शहर में पहले की तुलना में पानी की खपत भी बढ़ गई है।

शहर में यहां पर हो रहा है पानी का भंडारण
शहर में पानी का भंडारण जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग मुख्य हैड वक्र्स डीएवी स्कूल के पास डिग्गियों में कर रहा है। इसके अलावा नाथावांला हैडवक्र्स में पानी का भंडारण किया जा रहा है। आरयूआइडीपी ने पानी भंडारण के लिए स्टोरेज आदि का निर्माण करवाया है।

क्लोरिनेशन के बाद पानी की सप्लाई
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि श्रीगंगानगर मुख्य हैडवक्र्स तथा नाथांवाला हैडवक्र्स पर पानी का भंडारण कर पानी का पूर्व शोधन के लिए रॉ वाटर को कोयले के ब्लॉक से निकाला जा रहा है,ताकि पानी में दुर्गन्ध एवं गंदलापन खत्म हो जाता है। इसके बाद इस पानी को क्लोरिनेशन करने के बाद ही शहर में पानी की सप्लाई की जा रही है। वहीं,शहर में गंदे व दूषित पानी की सप्लाई की शिकायतें अक्सर मिलती रहती है।

पानी की समस्या है तो नियंत्रण कक्ष में बताएं

गर्मी के मौसम में पानी की समस्या बढ़ जाएंगी। कहीं पर पानी की सप्लाई नहीं आ रही है या पाइप लाइन टूट हुई है या कोई और पानी से संबंधित शिकायत है तो संबंधित उपभोक्ता जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के नियंत्रण कक्ष में इसकी सूचना दी जा सकती है। इसके लिए विभाग ने जिला नियंत्रण कक्ष का नंबर 0154-2445031 जारी कर कक्ष स्थापित किया है।
फैक्ट फाइल-शहर में प्रतिदिन पानी की खपत-50 हजार किलोलीटर-शहर में पहले पानी की खपत-45 हजार किलोलीटर -शहर में प्रतिदिन प्रति व्यक्ति को पानी सप्लाई-140 लीटर

पहले गर्मी ज्यादा नहीं थी और मौसम ठंडा ही चल रहा था। इस कारण पानी की खपत ज्यादा नहीं हो रही थी लेकिन अब दो दिन से गर्मी बढऩे के साथ ही शहर में पानी की खपत पहले की तुलना में बढ़ गई है।
मोहन लाल अरोड़ा,अधिशासी अभियंता शहर जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग,श्रीगंगानगर।

नहर बंदी के बाद पेयजल योजनाओं में जल भंडारण के बाद पूरी तरह शोधन प्रक्रिया पूर्ण करने के बाद ही पेयजल के रूप में पानी की सप्लाई किया जा रहा है। भाखड़ा,गंगकैनाल एवं इंदिरा गांधी नहर परियोजना में बंदी के बाद अधिकांश जगह पहुंच गया है।
वीरेंद्र कुमार बलाना,अधीक्षण अभियंता,जन स्वास्थ्य अभियांत्रिक विभाग,श्रीगंगानगर।

Krishan chauhan Reporting
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