किसान आंदोलन में महिलाएं रोटी नहीं बना रही बल्कि निभा रही है अहम भूमिका

-तीन कृषि कानून रद्द करने व कृषि जिन्सों की खरीद करने के लिए एमएसपी का गारंटी कानून बनाने की मांग को लेकर दिल्ली की बॉर्डर पर चल रहा किसान आंदोलन

By: Krishan chauhan

Published: 19 Jan 2021, 10:55 AM IST

किसान आंदोलन में महिलाएं रोटी नहीं बना रही बल्कि निभा रही है अहम भूमिका

-तीन कृषि कानून रद्द करने व कृषि जिन्सों की खरीद करने के लिए एमएसपी का गारंटी कानून बनाने की मांग को लेकर दिल्ली की बॉर्डर पर चल रहा किसान आंदोलन

श्रीगंगानगर. गणतंत्र दिवस पर दिल्ली में किसान आंदोलन के समर्थन में ट्रैक्टर परेड निकाली जाएंगी। इसको लेकर श्रीगंगानगर जिले के गांव-गांव में विभिन्न किसान संगठनों से जुड़े किसान नेता इसकी तैयारियों में जुटे हुए हैं। सोमवार को दिल्ली की टिकरी बॉर्डर से लेकर शाहजहांपुर बॉर्डर के मंच सहित अन्य गतिविधियां महिला किसानों के हाथ में ही रही। महिलाएं किसान आंदोलन में रोटी ही नहीं बना रही बल्कि आंदोलन में अहम भूमिका निभा रही है। किसान आंदोलन में महिलाएं बढ़-चढकऱ हिस्सा ले रही है। डाबला क्षेत्र में ट्रैक्टर रैली में भी कुछ महिलाएं दिखाई दी। इनमें रायसिंहनगर क्षेत्र की महिला नेत्री रामदेवी बावरी भी अहम भूमिका निभा रही थी। किसान आंदोलन में बहुत सी बुजुर्ग महिलाएं गांव छोडकऱ दिल्ली बॉर्डर पर जमीं हुई है। इनका किसी संगठन से ज्यादा सरोकार नहीं है। बस गांव से अपने जत्थे के साथ आंदोलन में शामिल लोगों का हौसला बढ़ाने आई है। शाहजहांपुर बॉर्डर पर बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल है। घड़साना की पूर्व प्रधान रानी दुग्गल, उनकी बेटी व पूर्व विधायक सोना देवी सहित बड़ी संख्या में महिलाएं किसान आंदोलन में अहम भूमिकाएं निभा रही है।
ट्रैक्टर रैली निकाली

संयुक्त किसान मोर्चा दिल्ली के आह्वान पर सोमवार को किसान आंदोलन के समर्थन में डाबला व आसपास क्षेत्र की पांच ग्राम पंचायतों के किसानों ने जागरूकता के लिए सुबह 9 बजे ट्रैक्टर रैली निकाली। साथ ही एक दिन पहले हुई मीटिंग में किसानों के समर्थन में एक बड़ा जत्था दिल्ली भेजने का निर्णय किया गया। किसान नेता बलदेव सिंह बराड़ ने बताया कि ट्रैक्टर किसान रैली विश्नोई मन्दिर से सुबह 9 बजे डाबला गांव 2 एलसी,1 एलसी, 6 एलसी,बिशनपुरा,85 एलएनपी,बारांवाली,33 एमएल,32 एमएल,4 एमके,उड़सर,2 एमके,13 पीएस बी,3 पीएस,14 पीएस ए ,6 एमके ए,3 एमके,5 एमके,14 टीके , झोटांवाली,2 एनपी व 1 एनपी होते हुए वापस डाबला दोपहर में शहीद नगर गुरुद्वारा बुड्डाजोहड़ पर संपन्न हुई। टै्रक्टर रैली में ट्रैक्टर,जीप,कार व मोटरसाइकिल आदि भी शामिल हुए।
महिलाओं ने दिखाई एकजुटता

किसान नेता बराड़ ने कहा कि तीनों कृषि कानूनों को सरकार को वापस लेना ही होगा। महिला नेत्री रामदेवी बावरी ने कहा कि किसान आंदोलन में आज महिलाओं ने एकजुटता दिखाई है। हर जगह महिलाओं ने नेतृत्व किया है। क्षेत्र का किसान 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रैक्टर परैड की तैयारी कर रहा है। यहां से बड़ी संख्या में किसान व महिलाएं भी रवाना होगी। इस ट्रैक्टर रैली में
राकेश जांगू, मोहन संधू, कृष्ण सुथार, हरबंस खीचड़, उड़सर सरपंच शिवदत्त खीचड़, डाबला सरपंच रजनीश ज्याणी, जीकेएस के किसान नेता हरविंदर गिल, सुखविंद्र सुख सहित काफी संख्या में किसानों ने ट्रैक्टर रैली में भाग लेते हुए देश के किसान आंदोलन में एकजुटता दिखाने का आह्वान किया।

गुरु द्वारा शहीद नगर बुड्डा जोहड़ के गुरमेल सिंह की अगुवाई में सेवादारों ने लंगर की सेवा की गई।
लंगर के लिए चक 8 एलएनपी के किसान करेंगे मदद

श्रीगंगानगर क्षेत्र के चक 8 एलएनपी के किसानों ने किसान आंदोलन में शामिल किसानों के लंगर के लिए पौने दो लाख रुपए की आर्थिक मदद करने का निर्णय किया है। 8 एलएनपी निवासी पूर्व विधायक हेतराम बेनीवाल ने बताया कि एक दिन के प्रयास से छोटे गांव से शाहजहांपुर बॉर्डर पर चल रही लंगर सेवा के लिए इतनी राशि एकत्रित कर भेजी जा रही है।
18 एमएल में किसान जागृति पर चर्चा की

किसान आंदोलन के समर्थन में गांव 18 एमएल में एक कार्यक्रम हुआ। इसमें श्रीगंगानगर विधायक, किसान आर्मी के मनिंद्र सिंह मान व गुरलाल सिंह बराड़, सरपंच जयप्रकाश,अवतार सिंह सहित अन्य किसान नेता व व्यापारी शामिल हुए। टिकरी बॉर्डर पर लंगर के लिए 21 जनवरी को श्रीगंगानगर से किसान व व्यापारी वर्ग रवाना होगा। इसके लिए गांवों में जनसंपर्क कर किया गया। किसान आंदोलन में लंगर के लिए सेवादार व राशन सामग्री आदि के सहयोग पर विस्तृत चर्चा की गई।

Krishan chauhan Reporting
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