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सर्वार्थसिद्धि व परिध योग में 23 को मनाएंगे वैशाख पूर्णिमा

सर्वार्थसिद्धि व परिध योग में पड़ रही वैशाख पूर्णिमा को विष्णु पूजन के लिए श्रेष्ठ माना जा रहा है। वैशाख पूर्णिमा पर भक्तजन विष्णु भगवान का पूजन करेंगे। शुभ मुहूर्त पर मंदिरों में अनुष्ठान होंगे। नदियों किनारे स्नान-दान के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगेगा। पूर्णिमा को ही बौद्ध समाज तथागत गौतम बुद्ध की जयंती मनाएगा। इस अवसर पर शोभायात्रा निकाली जाएगी। बौद्ध विहारों में आयोजन होंगे।

बारांMay 20, 2024 / 11:51 am

mukesh gour

सर्वार्थसिद्धि व परिध योग में पड़ रही वैशाख पूर्णिमा को विष्णु पूजन के लिए श्रेष्ठ माना जा रहा है। वैशाख पूर्णिमा पर भक्तजन विष्णु भगवान का पूजन करेंगे। शुभ मुहूर्त पर मंदिरों में अनुष्ठान होंगे। नदियों किनारे स्नान-दान के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगेगा। पूर्णिमा को ही बौद्ध समाज तथागत गौतम बुद्ध की जयंती मनाएगा। इस अवसर पर शोभायात्रा निकाली जाएगी। बौद्ध विहारों में आयोजन होंगे।

सर्वार्थसिद्धि व परिध योग में पड़ रही वैशाख पूर्णिमा को विष्णु पूजन के लिए श्रेष्ठ माना जा रहा है। वैशाख पूर्णिमा पर भक्तजन विष्णु भगवान का पूजन करेंगे। शुभ मुहूर्त पर मंदिरों में अनुष्ठान होंगे। नदियों किनारे स्नान-दान के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगेगा। पूर्णिमा को ही बौद्ध समाज तथागत गौतम बुद्ध की जयंती मनाएगा। इस अवसर पर शोभायात्रा निकाली जाएगी। बौद्ध विहारों में आयोजन होंगे।

नदी के तटों पर लगेगा श्रद्धालुओं का मेला, भगवान विष्णु का किया जाएगा पूजन

बारां. वैशाख माह की पूर्णिमा का विशेष धार्मिक महत्व है। इस बार वैशाख पूर्णिमा 23 मई को मनाई जाएगी।
सर्वार्थसिद्धि व परिध योग में पड़ रही वैशाख पूर्णिमा को विष्णु पूजन के लिए श्रेष्ठ माना जा रहा है। वैशाख पूर्णिमा पर भक्तजन विष्णु भगवान का पूजन करेंगे। शुभ मुहूर्त पर मंदिरों में अनुष्ठान होंगे। नदियों किनारे स्नान-दान के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगेगा। पूर्णिमा को ही बौद्ध समाज तथागत गौतम बुद्ध की जयंती मनाएगा। इस अवसर पर शोभायात्रा निकाली जाएगी। बौद्ध विहारों में आयोजन होंगे।
23 मई को वैशाख पूर्णिमा के दिन सर्वार्थ सिद्धि योग का निर्माण हो रहा है। इस योग में पूजा-पाठ करने से हर तरफ से फायदा देखने को मिलेगा। कोई भी कार्य को सिद्ध करने के लिए ये योग बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन शुभफलदायी परिध योग भी बनेगा।
सुबह से शुरू हो जाएगा स्नान-दान अनुष्ठान

वैशाख पूर्णिमा पर पुण्य स्नान करने के लिए नर्मदा तटों पर सुबह से लोग उमड़ेंगे। जिलेभर के जलस्रोतों सहित नदियों और तालाबों पर लोग पूजन और स्नान के लिए पहुंचेंगे। घाटों पर सुबह से शाम तक श्रद्धालु पूजन-अर्चन कर दान पुण्य करेंगे।
दान का मिलता है फल

मान्यता है कि वैशाख पूर्णिमा पर दान करना अत्यंत शुभ होता है। इस दिन किए गए दान का कई गुना फल प्राप्त होता है। वैशाख पूर्णिमा का व्रत रखने से बुरे या पाप कर्मों से मुक्ति मिलती है। इस दिन भगवान विष्णु की उपासना से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है और सारे दुख दूर होते हैं। बताया जाता है कि इस दिन नर्मदा तट पर कथा श्रवण का पुण्य लाभ अधिक मिलता है।
ये है पूजन मुहूर्त

ज्योतिषाचार्यो के अनुसार 22 मई की शाम को 06.47 बजे वैशाख पूर्णिमा तिथि प्रारंभ होगी। 23 मई को इसका समापन होगा। उदया तिथि के अनुसार वैशाख पूर्णिमा का व्रत 23 मई को रखा जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार 22 मई की सुबह 11.51 बजे से दोपहर 12.46 बजे तक पूजन का शुभ मुहूर्त है। वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 09:15 से अलग दिन 24 मई को सुबह 05:26 बजे तक रहता है। परिघ योग सुबह से दोपहर 12:12 बजे तक है। इन शुभयोगों में पूजन कई गुना अधिक फल प्रदान करता है।

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