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बूंदी

कचरे से अटे यहां के प्रमुख नाले, मानसून पूर्व नहीं हुई तो सफाई फिर बनेंगे बाढ़ के हालात

प्रदेश में सामान्यतया मानसून का आगाज 15 जून से माना जाता है। उक्त तिथि से पूर्व प्रशासन संबंधित तैयारियां भी करता है।

बूंदीMay 18, 2024 / 05:29 pm

Narendra Agarwal

कचरे से अटे यहां के प्रमुख नाले, मानसून पूर्व नहीं हुई तो सफाई फिर बनेंगे बाढ़ के हालात

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बूंदी. प्रदेश में सामान्यतया मानसून का आगाज 15 जून से माना जाता है। उक्त तिथि से पूर्व प्रशासन संबंधित तैयारियां भी करता है। ताकि बारिश में आमजन को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े, लेकिन बूंदी में अभी स्थिति इसके उलट है। यहां अभी तक मानसून एवं प्री मानसून को लेकर कुछ भी तैयारी नहीं की गई है।
शहर में बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति से सभी लोग एवं वर्षों से यहां जमे नगर परिषद के अधिकारी व कर्मचारी वाकिफ है, बावजूद इसके अभी तक नालों की सफाई के प्रति कोई कार्य शुरू नहीं किया गया है। जबकि शहर के नाले कचरे से अटे हुए है। नालों को देख कर लगता है,जैसे गत मानसून के बाद इनकी सफाई नहीं की गई है। सर्किट हाउस से देवपुरा की ओर जाने वाला नाले की गहराई करीब छह फीट है, जो वर्तमान में पांच फीट कचरे से भरा हुआ है। ऐसे में बारिश में पानी सडक़ पर ही बहेगा।
शहर में यह मुख्य नाले
शहर में जैतसागर,लंकागेट रोड, देवपुरा रोड, छत्रपुरा रोड सहित छोटे-बड़े नाले मुख्य है। इन दोनों की सफाई हुए काफी अरसा बीत चुका है। इसके अलावा शहर में करीब एक दर्जन छोटे नाले ओर भी है, जो कचरे से अटे हुए है, जिनकी बारिश से पहले सफाई होना आवश्यक है। वहीं नवल सागर ओवर फ्लो हो जाने पर पानी बाजार में आ जाता है। जिसके चलते कई बार मार्ग अवरूद्ध हो जाता है।
दो भागों में बंट जाता है सर्कल
बारिश के दौरान नवलसागर व जैतसागर अभी बारिश को लेकर कोई कार्य योजना तैयार नहीं की है।जैतसागर ओवरफ्लो होने पर नाले से इसका पानी मीरागेट व महावीर कॉलोनी,बहादुर ङ्क्षसह सर्किल व पुलिस लाइन रोड,बीबनवा रोड पर पानी भर जाता है। पूर्व में मानसून मेहरबान रहने पर यह मार्ग अवरुद्ध भी रह चुके है। नाले पर अतिक्रमण होने से कई जगह पर सकरा हो चुका है,ऐसे में नाले से कचरा नहीं हटाने पर जलभराव की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका बनी रहेगी।
कचरे से अटे है नाले
मानसून में एक माह शेष रह गया है,लेकिन अभी तक शहर के एक भी नाले की सफाई शुरु नहीं हो पाई है। जिम्मेदारों का इस ओर ध्यान नहीं देने से आने वाले समय में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
इनका कहना है
शहर में जलभराव की स्थिति नहीं आने दी जाएगी। बारिश से पहले सभी कर्मचारियों को साथ लेकर नालों की सफाई करवाई जाएगी।
रुही तरन्नुम, कार्यवाहक आयुक्त, नगर परिषद, बूंदी

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