सीएम योगी के लिए फजीहत का सबब बन रहा उनका उठाया मुद्दा

सीएम योगी के लिए फजीहत का सबब बन रहा उनका उठाया मुद्दा

Devesh Singh | Publish: Aug, 30 2017 06:45:00 PM (IST) राज्य

बीजेपी को उठाना पड़ सकता है नुकसान, जानिए क्या है कहानी

वाराणसी. सीएम योगी आदित्यनाथ ने जिस मुद्दे को उठाया था वही मुद्दा अब उनके लिए फजीहत का सबब बनता जा रहा है। सीएम योगी ने जब यूपी की सत्ता संभाली थी तो उस समय एक नारा लगा था, जिसमे सर्मथकों ने कहा कि सारा यूपी डोल रहा है, योगी-योगी बोल रहा है। इसके बाद लोगों ने उत्साह के साथ सीएम योगी पर भरोसा जताया है, लेकिन अब लोगों को निराशा मिलने लगी है, जिसकी एक प्रमुख वजह गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कालेज में लगातार हो रही बच्चों की मौत है।
यह भी पढ़े:-पूरा हुआ पीयूष गोयल का निर्देश तो 15 सितम्बर तक कूड़ा मुक्त होगा पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र



सीएम योगी ने गोरखपुर का सांसद रहते हुए इंसेफलाइटिस का मुद्दा उठाया था। सीएम योगी ने खुद सदन में इंसेफलाइटिस के इलाज कराने की बात कही थी। उस समय भी बीमारी से बच्चों की मौत होती थी, लेकिन कालेज स्तर से इतनी लापरवाही नहीं बरती जाती थी, जितनी अब बरतने के आरोप लग रहे हैं। देश में पीएम मोदी सरकार बनने के बाद से ही गोरखपुर का दिन फिरने लगा था। सबसे पहले पीएम मोदी ने फर्टिलाइज कारखाना खोलने का ऐलान किया था फिर इंसेफलाइटिस की रोकथाम के लिए गोरखपुर को एम्स दे दिया गया है, उस समय कहा जा रहा था कि पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र को एम्स की अधिक दरकार है, लेकिन पीएम मोदी ने एम्स की सौगात गोरखपुर को दी है, जिसकी मुख्य वजह इंसेफलाइटिस है। इसके बाद यूपी में सीएम योगी सरकार बन गयी है और जिस तरह से बीआरडी कालेज में बच्चों की मौत हो रही है वह सीएम योगी के लिए फजीहत का सबब बन सकता है। यूपी की जनता में सीएम योगी की कार्यप्रणाली को लेकर अंसतोष होता जा रहा है, यदि बीजेपी ने जल्द ही लोगों के असंतोष को खत्म नहीं किया तो पार्टी को नुकसान उठाना तय है।
यह भी पढ़े:-काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव का हरियाली महोत्सव1 को 

सीएम योगी आये दबाव में दिया गलत बयान
सीएम योगी पर बीआरडी मेडिकल कालेज का प्रकरण गले की फांस बनता जा रहा है। बीआरडी मेडिकल कालेज में बच्चों की हो रही लगतार मौत से सीएम योगी भी बैकफुट पर आ गये हैं इसके चलते सीएम योगी ने विवादित बयान दे दिया है। सीएम योगी ने यह कहा दिया है कि मुझे लगता है कहीं ऐसा न हो कि लोग अपने बच्चे के दो साल के होते ही सरकार के भरोसे छोड़ दे, सरकार ही उनका पालन पोषण करे। बयान से साफ है कि सीएम योगी को उनके गृहनगर गोरखपुर से ऐसी चुनौती मिली है, जिसका जवाब वह देने में असमर्थ होते जा रहे हैं।
यह भी पढ़े:-राज्यपाल ने विद्यापीठ व पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रतिभाशाली खिलाडिय़ों का किया सम्मान

खबरें और लेख पड़ने का आपका अनुभव बेहतर हो और आप तक आपकी पसंद का कंटेंट पहुंचे , यह सुनिश्चित करने के लिए हम अपनी वेबसाइट में कूकीज (Cookies) का इस्तेमाल करते है । हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति (Privacy Policy ) और कूकीज नीति (Cookies Policy ) से सहमत होते है ।
OK
Ad Block is Banned