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जयपुर

राजस्थान में करोड़ों की बिजली खरीद से भी राहत नहीं, अब और बढ़ी बिजली डिमांड

Electricity Crisis : प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती के हालात ने जनता की परेशानी बढ़ा दी है। उत्पादन और डिमांड में 1500 से 2500 मेगावाट तक अंतर गहरा गया है, जिससे ग्रामीण इलाकों के बाद अब छोटे शहरों में भी अघोषित रूप से बिजली कटौती की जा रही है।

जयपुरMay 21, 2024 / 09:42 am

Kirti Verma

Electricity Crisis : प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती के हालात ने जनता की परेशानी बढ़ा दी है। उत्पादन और डिमांड में 1500 से 2500 मेगावाट तक अंतर गहरा गया है, जिससे ग्रामीण इलाकों के बाद अब छोटे शहरों में भी अघोषित रूप से बिजली कटौती की जा रही है। पिछले दिनों में 220 केवी जीएसएस के कई फीडर पर आधे से ढाई घंटे तक कटौती की गई है। खास यह है कि डिमांड पूरी करने के लिए ऊर्जा विकास निगम एक्सचेंज से हर दिन 5 से 6 करोड़ यूनिट महंगी बिजली खरीद रहा है। पिछले आठ दिन में 38 करोड़ यूनिट बिजली खरीदी गई।

इसके लिए 225 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत चुकाई गई। इसके बावजूद स्थिति सामान्य होती नजर नहीं आ रही। दूसरे राज्यों से बिजली उधार (बैंकिंग प्रक्रिया) लेने का प्लान भी फेल हो गया है, क्योंकि वहां भी बिजली डिमांड बढ़ रही है। ऊर्जा मंत्री और मुख्य सचिव के बिजली कंपनियों को बिजली सप्लाई मेंटेन करने के दिए गए निर्देश भी नाकाफी साबित हो रहे हैं।
एक पखवाड़े में ही 590 लाख यूनिट बढ़ी मांग
पिछले एक पखवाड़े में 590 लाख यूनिट तक बिजली की मांग बढ़ गई। प्रदेश में एक मई को जहां 2836 लाख यूनिट बिजली की आपूर्ति थी, वहीं दूसरी पखवाड़े में 18 मई को 3425 लाख यूनिट तक पहुंच गई। मई में यह रेकॉर्ड डिमांड रही। ऐसे में लोड मैनेजमेंट के लिए अघोषित रूप से कटौती की गई।
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किस दिन कितनी कटौती
15 मई- 60 लाख यूनिट
16 मई- 35 लाख यूनिट
17 मई- 60 लाख यूनिट
18 मई- 40 लाख यूनिट
19 मई- 21 लाख यूनिट

जनप्रतिनिधियों ने जताई नाराजगी
बिजली कटौती को लेकर कई जनप्रतिनिधि ऊर्जा राज्यमंत्री तक को नाराजगी जता चुके हैं। कई जनप्रतिनिधि इसलिए भी नाराज हैं क्योंकि उन्हें बिजली उपलब्धता, आपूर्ति व कटौती की वस्तुस्थिति की नियमित जानकारी नहीं मिल पा रही है। उनका कहना है कि लोग उनसे पूछते हैं, लेकिन वे उन्हें सही जानकारी नहीं दे पा रहे।
इस साल एक दिन में 34 प्रतिशत तक बढ़ी डिमांड
तिथि–वर्ष 2023– वर्ष 2024– डिमांड अंतर
-1 मई- 2024- 2717- 34.25 %
-2 मई- 2110- 2735- 29.65 %
-3 मई- 2122- 2792- 31.58 %
-4 मई- 2271- 2873- 26.49 %
-5 मई- 2430- 2882- 18.63 %
-6 मई- 2526- 3036- 20.20 %
-7 मई- 2537- 3126- 23.23 %
-8 मई- 2639- 3124- 18.38 %
-9 मई- 2745- 3162- 15.19 %
-10 मई- 2796- 3111- 11.25 %
-11 मई- 2831- 2873- 1.47 %
-12 मई- 2878- 2844- माइनस 1.16 %
-13 मई- 2865- 3061- 6.82 %
-14 मई- 2690- 3018- 12.23 %
-15 मई- 2591- 3077- 18.77 %
-16 मई- 2678- 3206- 21.11 %
-17 मई- 2841- 3230- 13.69 %
-18 मई- 2934- 3425- 14.33 %
(डिमांड लाख यूनिट में है)
ये यूनिट ठप
राज्य विद्युत उत्पादन निगम की एक 600 और दूसरी 250 मेगावाट की यूनिट से बिजली उत्पादन नहीं हो रहा। इसके अलावा राजवेस्ट के प्लांट की 135-135 मेगावाट की तीन यूनिट से अब भी उत्पादन ठप है।
बिजली डिमांड पूरी करने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। शाम से रात के कुछ घंटे हैं जब डिमांड ज्यादा है, उसे पूरा करने के लिए एक्सचेंज से बिजली खरीदनी पड़ रही है। बेहद जरूरी होता है तब कुछ समय के लिए लोड शेडिंग करते हैं। पावर मैनेजमेंट और बेहतर किया जा रहा है।
-भानूप्रकाश एटुरू, सीएमडी, डिस्कॉम्स

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