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आपकी बात, रेल यात्रा सुरक्षित बनाने के लिए क्या किया जाना चाहिए ?

पाठकों की मिलीजुली प्रतिक्रियाएं मिलीं, पेश हैं चुनिंदा प्रतिक्रियाएं

जयपुरJun 18, 2024 / 03:50 pm

Gyan Chand Patni

आधुनिक तकनीक की लें मदद
रेल सफर को सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही पटरियों, पुलों, रेलवे कोच और सबसे ज्यादा सिग्नल प्रणाली की नियमित जांच को सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
-ओमवीरसिंह राठौड़, बेटवास जोधपुर
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पटरियों के रखरखाव का रहे ध्यान
 बढ़ते रेल हादसों की वजह से रेलवे के पूरे तंत्र पर प्रश्न चिह्न लग रहा है। सिग्नल सिस्टम में सुधार करना जरूरी है। साथ ही मानवीय त्रुटियां न हों, इसके लिए रेलवे कर्मचारियों को पर्याप्त प्रशिक्षण दिया जाए। पटरियों के रखरखाव पर खास ध्यान दिया जाए। नियमित सुरक्षा ऑडिट और निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए। आधुनिक तकनीक को अपनाया जाए।
-हिम्मत सिंह टेवाली, पाली
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 नियमित निरीक्षण जरूरी
रेलवे ट्रैक का नियमित निरीक्षण होना चाहिए और इसकी मरम्मत पर ध्यान दिया जाना चाहिए। स्टाफ प्रशिक्षित और सतर्क होना चाहिए। आधुनिक कम्युनिकेशन सिस्टम का इस्तेमाल किया जाए। आपातकालीन सेवाओं को मजबूत बनाया जाए। ट्रेनों और स्टेशनों में सीसीटीवी लगाए जाए।
मुकेश भटनागर, भिलाई, छत्तीसगढ़
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उन्नत तकनीक को अपनाएं
रेलवे को पूरी तरह अपनी स्वचालित सुरक्षा प्रणाली विकसित करना चाहिए एवं इंटरलॉकिंग प्रणाली, से ट्रेनों का संचालन सुनिश्चित करना चाहिए । रेलवे को अपनी प्रतिबद्धता सिद्ध करते हुए उन्नत तकनीक और सुरक्षा पर विशेष जोर देना चाहिए।
रेखा उपाध्याय, मनेंद्रगढ़ एमसीबी, छत्तीसगढ़
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 सिग्नल प्रणाली ठीक की जाए
 देश में पिछली तीन बड़ी रेल दुर्घटनाओं में सिग्नल सिस्टम तकनीक में आ रही खामी एक बड़ी वजह उभर कर सामने आई हैं। अत: इसमें सुधार की आवश्यकता है।
-परमिनास मैथ्यू, उदयपुर .
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कर्मचारियों को प्रशिक्षण की जरूरत
रेल हादसे रोके जाने चाहिए। रेलवे के कर्मियों को उच्च का प्रशिक्षण दिया जाए। हादसे रोकने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाए। रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि वे निर्भय होकर यात्रा कर सकें।
-नरेश कानूनगो, देवास, मप्र
 तय की जाए जिम्मेदारी
रेल यात्रा सुरक्षित बनाने के लिए ड्राइवरों की समय समय पर आंखों की जांच की जाए । आठ घंटे बाद उन्हें विश्राम दें । सिग्नल प्रणाली की समय-समय पर जांच हो। इसी प्रकार रेल लाइनों का सही रखरखाव हो, ट्रेनों की गति को अनावश्यक रूप से न बढ़ाया जाए। रेलवे कर्मचारियों व अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाए। मात्र मृतकों के परिजनों व घायलों को मुआवजा देने से रेलवे अपनी जिम्मेदारी से नहीं बच सकता। समस्या समाधान चाहती है, न कि दलगत राजनीति ।
सुनील कुमार माथुर, जोधपुर
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