VIDEO: राम रहीम को 20 साल की कैद, अब जेल में लगेगा बाबा का डेरा

VIDEO: राम रहीम को 20 साल की कैद, अब जेल में लगेगा बाबा का डेरा

Punit Kumar | Publish: Aug, 28 2017 11:23:00 PM (IST) | Updated: Aug, 29 2017 10:23:00 AM (IST) राज्य

कानून से बड़ा कोई नहीं, लोकतंत्र में ये मिसाल वाकई बेहद अहम है। उम्मीद है कि इस पूरे मामले से जो पहलू सबक के रूप में निकल रहे हैं वो कई मामलों में मिस

विशाल 'सूर्यकांत'

 

अब जेल में ही लगेगा बाबा का डेरा...क़ानून ने किया सच्चा सौदा...जी हां, ये कानून ही तो है जिसकी बदौलत खुद को ईश्वरीय अवतार मानने वाला राम रहीम आज सींखचों के पीछे हैं वो भी पूरे बीस साल के लिए...राजनीतिक रसूख,धर्म का सहारा और ग्लैमर का भरपूर उपयोग ....डेरा सच्चा सौदा का प्रमुख गुरमीत सिंह उर्फ राम रहीम...बलात्कार के आरोप सिद्ध हो जाने के बाद दस साल की सजा भुगतेगा। राम रहीम के समर्थकों के उत्पात को देखते हुए रोहतक जेल में ही सीबीआई जज की स्पेशल कोर्ट लगी और यहां दो साध्वियों के साथ रेप केस में दस-दस यानि बीस साल की सजा सुना दी गई।

 

 

अपने आप में अनोखा इस लिहाज से क्योंकि ये मामला दीये और तूफान की लड़ाई से कम का नहीं है। इस लडाई में दीये की जीत हुई है, तूफान हारा है...इसीलिए आज का प्राइम टाइम डिबेट उन्ही के नाम समर्पित है,,,वाकई क्या गजब लडाई लड़ी होगी उन दो साध्वियों ने, उस सीबीआई अफसर सतीश डागर ने और फैसला देने वाले और जज साहब का शुक्रिया क्योंकि एक नई नजीर इस फैसले के जरिए बनी है...( देखिए इस वीडियो में किस रूप में देश में प्रमुख रही प्रतिक्रियाएं और स्टूडियो में मौजूद पैनल ने रखी राय, सवालों की फेहरिस्त के साथ प्रश्नकाल और पत्रिका प्राइम टाइम डिबेट फोकस...

रोहतक जेल में सीबीआई की विशेष अदालत लगी थी। दोनों पक्षों के वकीलों ने दस मिनट में अपनी बात रखी। जेल में चल रही विशेष कोर्ट के सामने सजा पर बहस के दौरान सीबीआई वकील ने उम्रकैद की मांग की। वहीं राम रहीम के वकील ने सामाजिक कामों का हवाला दिया। कहा गया कि राम रहीम समाज सेवी हैं। उन्होंने जन कल्याण के बहुत काम किए हैं - बचाव पक्ष के वकील

 

 

इसका संज्ञान लेते हुए नरमी बरती जानी चाहिए। जेल में वकीलों की बहस के बाद गुरमीत राम रहीम ने माफी मांगनी शुरु कर दी। राम रहीम की आंखों में आंसू आ गए और शरीर कांप रहा था। बार-बार डेरा के अच्छे कामों की दुहाई दे रहा था। कोर्ट रूम में गुरमीत राम रहीम के लजरते शब्द गूंजे 'क्षमा कर दें,हमनें समाज के लिए काफी काम किया है। वकीलों की सजा पर बहस के बाद जज ने सुनाया फैसला जिसमें दोनों साध्वियों के रेप के मामले में दस-दस साल की सजा सुनाई यानि अब 20 साल तक गुरमीत सिंह राम रहीम जेल में रहेंगे। सजा के ऐलान के बाद गुरमीत सिंह को जेल के कपड़े पहना दिए गए। जेल जाने के बाद अब कैदी 1997 बन गई गुरमीत राम रहीम की नई पहचान बन गई है। इस फैसले के खिलाफ़ वकील ने कहा हाईकोर्ट में अपील करेंगे। देखिए इस वीडियो में, कैसे साध्वियों ने अन्याय के खिलाफ न्याय की उम्मीद का एक दीया जलाया और तूफान के खिलाफ कैसे हासिल की जीत ...

 

- सजा सुनते ही फफक कर रोया राम रहीम

दरअसल, 2002 में दो महिला अनुयायियों की एक गुमनाम चिट्ठी पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट को मिली । जिसमें डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर यौन शोषण का आरोप लगाया। इसके बाद हाई कोर्ट ने जांच सीबीआई को सौंपी। जांच 2007 में पूरी हुई और स्पेशल कोर्ट को रिपोर्ट सौंपी गई। 2008 में राम रहीम के खिलाफ आरोप तय कर दिए गए और सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने दोषी करार दिया। 25.08.2017 को बाबा राम रहीम को दोषी करार दिया। 28.08.2017 को दो साध्वियों के रेप के मामले में धारा 376,511 और 501 के तहत दस-दस साल की सज़ा सुनाई गई। राम रहीम के मामलों में अभी सज़ा का ये पहला मामला बना है। लेकिन अगर आरोपों की फेहरिस्त देखें तो गुरमीत सिंह का विवादों के पहले से नाता रहा है। मसलन,

 

 

- सिरसा में पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या का आरोप

-डेरा के पूर्व मैनेजर रणजीत सिंह की हत्या के मामले में भी आरोप

-गुरु गोबिंद सिंह जैसी वेशभूषा को लेकर विवाद

-400 डेरा साधुओं को नपुंसक बनाने का मामला दर्ज

-हंसराज चौहान ने जुलाई 2012 में हाईकोर्ट में याचिका दायर की

-निजी सेना को प्रशिक्षण का आरोप

-कॉमेडियन कीकू शारदा की गिरफ्तारी के लिए दबाव बनाया

 

 

...देखिए और पढ़िए कैसे एक गुमनाम चिठ्ठी ने 20 साल की जेल दिलाई

दरअसल, कानून से बड़ा कोई नहीं, लोकतंत्र में ये मिसाल वाकई बेहद अहम है। उम्मीद है कि इस पूरे मामले से जो पहलू सबक के रूप में निकल रहे हैं वो कई मामलों में मिसाल बनेंगे। हमारी पुलिस,हमारी जांच एजेंसियां, हमारे राजनेता और हम यानि आम जनता...देश ना तो अंधभक्ति से चलेगा और ना ही धर्मान्धता या कट्टरता से...देश संविधान से चलेगा..इस फैसले से इस बात को, इस इबारत को एक फिर पुख्ता रूप से लिख दिया है।

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