scriptफिक्स डिपॉजिट के साथ सोना भी बन रहा निवेश का बेहतरीन जरिया, सरकारी और निजी बैंकों ने शुरू की गोल्ड बॉन्ड योजनाएं | Along with fixed deposits, gold is also becoming a great way of investment, government and private banks have started gold bond schemes | Patrika News
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फिक्स डिपॉजिट के साथ सोना भी बन रहा निवेश का बेहतरीन जरिया, सरकारी और निजी बैंकों ने शुरू की गोल्ड बॉन्ड योजनाएं

पिछले पांच सालों में बचत करने वाले लोगों का फिक्स डिपॉजिट के साथ गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने का रुझान बढ़ा है। लोगों के रुझान को देखते हुए सरकारी और निजी बैंकों ने कई गोल्ड बॉन्ड योजनाएं शुरू की है।

सीकरMay 27, 2024 / 03:27 pm

Akshita Deora

पूरणसिंह शेखावत

कम रिस्क और सुरक्षित निवेश को देखते हुए महिलाओं में बैंकिंग और निवेश की आदतें बदल रही हैं। भविष्य को सुरक्षित रखने और भावी जरूरतों को देखते हुए महिलाओं में सोना खरीदने-सहेजने की बजाए निश्चित रिटर्न लेने की ओर ध्यान बढ़ता जा रहा है।
पिछले पांच सालों में बचत करने वाले लोगों का फिक्स डिपॉजिट के साथ गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने का रुझान बढ़ा है। लोगों के रुझान को देखते हुए सरकारी और निजी बैंकों ने कई गोल्ड बॉन्ड योजनाएं शुरू की है। जिसका नतीजा है कि पिछले पांच साल में ही राजस्थान में निवेशकर्ता की संया हर साल 2.3 प्रतिशत की दर से बढ़ती जा रही है वहीं गोल्ड बॉन्ड में निवेश करीब तीन गुना तक बढ़ गया है। वहीं अच्छी बात है कि फिक्स डिपोजिट में निवेश के लिहाज से राजस्थान भी टॉप टेन राज्य में शामिल है।

सीकर में छह साल में 3.42 टन का बढ़ा निवेश

देश में गोल्ड बॉन्ड में निवेश का आकंड़ा 71.99 टन तक पहुंच चुका है। 6 सालों राजस्थान में 3.42 टन का निवेश बढ़ा है। कुल निवेश का करीब 50 प्रतिशत से ज्यादा वर्ष 2020 व 2021 के कोरोना काल में हुआ है। सीकर जिले में वर्ष 2015 से 2021 तक गोल्ड निवेश 0.135 टन रहा है। कोरोना काल के दो साल में यह आंकड़ा 0.09 टन के करीब रहा। जबकि 2015 से 2019 तक देशभर में महज 30.95 टन ही गोल्ड में निवेश हुआ।
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वरिष्ठ नागरिकों की पसंद फिक्स डिपॉजिट

भारत में बचत को प्रोत्साहित करने के लिए अंग्रेजों ने वर्ष 1900 में फिक्स डिपॉजिट की शुरूआत की थी। बैंकों के राष्ट्रीयकरण के बाद ब्याज दरों पर सरकारी नियंत्रण शुरू होने से निवेशकर्ता को गारंटीड रिटर्न भी मिलने लगा। वित्तीय विशेषज्ञों के अनुसार कई बैंकों की ओर से वरिष्ठ नागरिकों को फिक्स डिपॉजिट करवाने पर एक से डेढ प्रतिशत तक अधिक ब्याज दर दी जाती है। यही कारण है कि सेवानिवृत्ति के समय या बाद में 27 प्रतिशत से ज्यादा कर्मचारी फिक्स डिपॉजिट करवाने को ही तरजीह देते हैं। इसके अलावा बैंक एफडी निवेशकों को नियमित इनकम का भी विकल्प देता है।

एफडी में महाराष्ट्र अव्वल, राजस्थान दसवें पायदान पर

आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार महाराष्ट्र के लोगों ने फिक्स डिपॉजिट में 25.14 लाख करोड़ रुपए निवेश किया है। दिल्ली एनसीआर 10.97 लाख करोड़ रुपए के साथ दूसरे और कर्नाटक 8.17 लाख करोड़ रुपए के साथ तीसरे स्थान पर है। दक्षिण भारत के प्रमुख राज्य तमिलनाडु 6.57 लाख करोड़ रुपए की बचत एफडी में निवेश के साथ चौथे पायदान पर और 6.56 लाख करोड़ रुपए के साथ उत्तर प्रदेश पांचवें और 5.91 लाख करोड़ रुपए के साथ पश्चिम बंगाल छठे स्थान पर है। सातवें स्थान पर शुमार गुजरात के लोगों की 5.68 लाख करोड़ रुपए की बचत एफडी में निवेश है। आठवें पर आंध्रप्रदेश, नवें स्थान पंजाब और दसवें स्थान पर राजस्थान है। जहां के लोगों ने 4.43 लाख करोड़ रुपए का निवेश फिक्स डिपॉजिट में किया है।
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अच्छे रिटर्न के साथ शुद्ध सोने की गारंटी भी

चोरी सहित आपराधिक घटनाओं के दौर में लोग गोल्ड बिस्किट, ज्वैलरी की बजाय गोल्ड बॉन्ड में निवेश ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसमें सरकार की ओर से शुद्ध सोने की गारंटी होती है। कोरोनाकाल में शेयर मार्केट में हुए उतार चढ़ाव और अन्य योजनाओं की ब्याज दरों में कटौती के कारण लोगों को रुझान गोल्ड बॉन्ड की तरफ ज्यादा हो गया।
इसके अलावा गोल्ड बॉन्ड निवेश पर लोन की सुविधा भी दी जाती है। मैच्योरिटी रिटर्न टैक्स फ्री है। गोल्ड बॉन्ड खरीदने पर प्रत्येक छह माह से निश्चित ब्याज दर की राशि निवेशक के खाते में जमा होती है।
निवेश अधिकतम 8 वर्ष के लिए होता है, 5 वर्ष बाद इसे प्रीमेच्योर बंद किया जा सकता है। व्यक्ति या परिवार का समूह न्यूनतम 1 ग्राम तथा अधिकतम 4 किलो सोने के बराबर गोल्ड बांड खरीद की सुविधा है। संस्था या ट्रस्ट अधिकतम 20 किलो ग्राम तक के गोल्ड बॉन्ड खरीद सकते है।

यूं बढ़ा निवेश

सरकारी और निजी बैंकों में गोल्ड बॉन्ड में निवेश
2020- 28.69 टन
2021-33.85 टन
2022-68.68 टन
2023-71.06 टन
2024 -77.85 टन

एक्सपर्ट व्यू

गोल्ड बॉन्ड में निवेश राशि पर पूरा ब्याज, जमा पूंजी के अनुपात में नियमानुसार लोन और अन्य निवेश की बजाए इसमें रिटर्न की गारंटी होने के कारण लोग का रुझान बढा है। साथ ही सरकार की बचत योजनाओं मे ब्याज दर कम होने के कारण भी आमजन का गोल्ड बॉन्ड मे निवेश की तरफ रुझान बढ़ा है। अधिक रिटर्न मिलने पर गोल्ड बॉन्ड व ईटीएफ को आसानी से बाजार मे बेच सकते है। गोल्ड बॉन्ड मे रिटर्न दर 100% प्रतिशत तक पहुंच गया है तथा 2010 से अब तक गोल्ड मे रिटर्न दर 225 प्रतिशत है। इसके अलावा वर्तमान में शेयर मार्केट मे अनिश्चिता भी गोल्ड मे निवेश बढ़ने का कारण है ।
सुरेंद्र पूनिया, वित्तीय विशेषज्ञ

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