विद्या प्राप्ति, पीड़ा निवारण और विवाह में शीघ्रता के लिए करें इन मंत्रों का जप

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विद्या प्राप्ति, पीड़ा निवारण और विवाह में शीघ्रता के लिए करें इन मंत्रों का जप

माना जाता है कि मंगलवार-शनिवार को हनुमानजी का व्रत और उनके पाठ कर गुणगान करने से विशेष लाभ मिलता है।

हंनुमानजी को लुभाने या रिझाने के लिए सुंदरकांड को सर्वश्रेष्ठ माना गया है। इसमें सीता-हनुमान संवाद, लंका दहन, श्रीराम-हनुमान संवाद, लंका प्रस्थान आदि का संपूर्ण वर्णन है।



माना जाता है कि मंगलवार-शनिवार को हनुमानजी का व्रत और उनके पाठ कर गुणगान करने से विशेष लाभ मिलता है।



मंगल दोष से पीडि़त जातकों को मंगलवार का व्रत करना लाभकारी होता है। किसी भी मंगलवार से इन उपायों को प्रारम्भ करने से शीघ्र ही सफलता मिलती है।



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विद्या प्राप्ति के लिए

बुद्धिहीन तनु जान के सुमिरो पवन कुमार

बल बुद्धि विद्या देहु मोहि हरहु कलेश विकार।



विजय प्राप्ति के लिए

पवन तनय बल पवन समाना। 

बुद्धि विवेक विग्यान निधाना।



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पीड़ा निवारण के लिए

हनुमान अंगद रन गाजे हांक 

सुनत रजनीचर भाजे।



विवाह में शीघ्रता के लिए

मास दिवस महुं नाथु न भावा 

तो पुनि मोहि जिअत नहि पावा।



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इन मंत्रों का जप मंगल या शनिवार से प्रारम्भ करें। सर्व प्रथम तेल का दीपक जलाकर दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके लाल आसन पर बैठ कर 'मूंगा माला' से यथा शक्ति जप करने चाहिए। 

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