चाहते हैं सुख और सफलता तो रविवार को करें ये काम, बनी रहेगी आप पर सूर्यदेव की कृपा

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चाहते हैं सुख और सफलता तो रविवार को करें ये काम, बनी रहेगी आप पर सूर्यदेव की कृपा

रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चंद्र स्थिति के अनुसार आज उत्तर दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद रहेगी।

19 मार्च 2017 को रविवार है। आज शुभ वि.सं. 2073, संवत्सर: सौम्य, अयन: उत्तरायण, शाके: 1938, हिजरी: 1438, मु.मास: रवि-उलसानि-20, ऋतु: बसन्त, मास: चैत्र, पक्ष: कृष्ण है।




शुभ तिथि 

सप्तमी भद्रा संज्ञक तिथि सम्पूर्ण दिवारात्रि है। यदि समयादि शुद्ध हो तो सप्तमी तिथि में समस्त शुभ व मांगलिक कार्य, विवाह, वास्तु, यात्रा, प्रवेश, सवारी, नृत्य-संगीत व वस्त्रालंकार आदि कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं। पर अभी मीन का मलमास होने से शुभ व मांगलिक कार्यों के लिए समय शुद्ध नहीं है।     




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नक्षत्र

ज्येष्ठा नक्षत्र सम्पूर्ण दिवारात्रि है। ज्येष्ठा नक्षत्र में शत्रुवध, भेद, प्रहार, आसव, तेलादि बनाना, चित्र, कारीगरी, अक्षरारम्भ और मुण्डनादि कार्य सिद्ध होते हैं।     




ग्रह राशि-नक्षत्र परिवर्तन

दोपहर बाद 2.49 पर बुध रेवती नक्षत्र में प्रवेश करेगा।




चंद्रमा 

सम्पूर्ण दिवारात्रि वृश्चिक राशि में रहेगा।




वारकृत्य कार्य 

रविवार को सामान्यत: सभी स्थिर संज्ञक कार्य, पदारूढ़ होना, मांगलिक कार्य, सेवा-नौकरी, धातु, स्वर्ण, औषध निर्माण, राज्यसेवा, पशु क्रय तथा यज्ञादि-मंत्रोपदेश आदि कार्य करने योग्य हैं।




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विशिष्ट योग

सूर्योदय से सम्पूर्ण दिवारात्रि दोष समूह नाशक रवियोग शुभयोग है। रवियोग- सभी तिथि, वार, नक्षत्रजन्य कुयोगों की अशुभताओं को नष्ट कर शुभकार्यारम्भ के लिए मार्गप्रशस्त करता है।




दिशाशूल 

रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। चंद्र स्थिति के अनुसार आज उत्तर दिशा की यात्रा लाभदायक व शुभप्रद रहेगी।




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ये हैं आने वाले प्रमुख व्रत-त्योहार

19 मार्च: रांधापुआ तथा गुरु हरगोविंद पुण्य दिवस।

20 मार्च: शीतला सप्तमी व पूजन, बास्योड़ा (स्वयंसिद्ध अनबूझ मुहूर्त), मेला शील डूंगरी चाकसू जयपुर (राज.), कालाष्टमी।

21 मार्च: वर्षीतप प्रारम्भ (जैन), ऋषभदेव जयंती।

22 मार्च: राष्ट्रीय चैत्रमास प्रारम्भ, शाके संवत् 1939 प्रारम्भ, भगवान आदिनाथ जयंती व तप कल्याणक दिवस (जैन)।

24 मार्च: पापमोचनी एकादशी व्रत सबका तथा पंचक प्रारम्भ अंतरात्रि 4.57 से।

25 मार्च: शनि प्रदोष व्रत, पंचक, मेला कैलादेवी प्रारंभ, करौली 





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