रविवार को हो रहा अप्रेल का समापन, जानिए आज के शुभ मुहूर्त

Rajeev sharma

Publish: Apr, 30 2017 10:51:00 (IST)

Astrology and Spirituality
रविवार को हो रहा अप्रेल का समापन, जानिए आज के शुभ मुहूर्त

आज 30 अप्रेल 2017 एवं रविवार है। वि.सं.: 2074, संवत्सर : साधारण, अयन: उत्तरायण, शाके: 1939, हिजरी: 1438, मु.मास: सावान-3, ऋतु: ग्रीष्म, मास: वैशाख, पक्ष: शुक्ल।

शुभ तिथि

पंचमी पूर्ण संज्ञक तिथि रात्रि 12.50 तक, फिर षष्ठी नन्दा संज्ञक तिथि प्रारम्भ हो जाएगी। पंचमी तिथि में सभी स्थिर व चंचल कार्य तथा अन्य समस्त शुभ व मांगलिक कार्य सिद्ध होते हैं। पर कर्ज देना अच्छा नहीं होता है। षष्ठी तिथि में यथा आवश्यक वास्तु, अलंकारादि और मांगलिक कार्य सिद्ध होते हैं। यात्रा, उबटन व चित्रकारी सम्बंधी कार्य शुभ नहीं होते हैं।      




नक्षत्र

मृगशिर नक्षत्र प्रात: 8.33 तक, फिर आर्द्रा नक्षत्र है। मृगशिर में यथा-आवश्यक विवाह, यज्ञोपवीत, यात्रा, देवप्रतिष्ठा, वास्तु और कृषि सम्बंधी कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं। आद्र्रा में उपनयन व विद्यादि कार्य शुभ कहे गए हैं। 




चंद्रमा

सम्पूर्ण दिवारात्रि मिथुन राशि में रहेगा।  




विशिष्ट योग

प्रात: 8.33 तक, दोष समूह नाशक रवियोग शक्तिशाली शुभ योग है। रवियोग- तिथि, वार, नक्षत्र जन्य कुयोगों की अशुभताओं को नष्ट कर शुभकार्यारम्भ के लिए मार्ग प्रशस्त करता है। 




वारकृत्य कार्य

रविवार को सभी स्थिर संज्ञक कार्य, ललित कला सीखना, राज्याभिषेक, पदारूढ़ होना, पशु क्रय, औषध निर्माण, धातु कार्य और यज्ञादि मंत्रोपदेश आदि कार्य शुभ व सिद्ध होते हैं।




दिशाशूल

रविवार को पश्चिम दिशा की यात्रा में दिशाशूल रहता है। पर आज मिथुन राशि के चन्द्रमा का वास पश्चिम दिशा में ही होगा। यात्रा में सम्मुख चंद्रमा धनलाभ कराने वाला व शुभप्रद माना गया है।




व्रत त्योहार

30 अप्रेल : श्रीआद्य शंकराचार्य जयंती व संत सूरदास जयंती।

2 मई : गंगा सप्तमी व पूजन, गंगोत्पत्ति, गुरु अर्जुनदेव जयंती (नवीन मत से)।

3 मई : दुर्गाष्टमी, बुधाष्टमी, देवी बगलामुखी जयंती।

4 मई : जानकी नवमी (स्वयंसिद्ध अबूझ मुहूर्त) व श्रीहरि जयंती।

5 मई : श्री महावीर स्वामी कैवल्य ज्ञान (जैन)।



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