दिखावे के लिए हिटलर रखता था महंगी बुलेट प्रूफ कार

santosh trivedi

Publish: Mar, 09 2017 09:35:00 (IST)

Automobile
दिखावे के लिए हिटलर रखता था महंगी बुलेट प्रूफ कार

जर्मन तानाशाह अडोल्फ हिटलर की निजी मर्सिडीज दुनिया की इस्तेमाल की गई सबसे महंगी कार है। 'द डेविल्स मर्सिडीज : द बिजारे एंड डिस्टर्बिंग एडवेंचर्स ऑफ हिटलर्स लिमोजीन इन अमेरिका' नामक एक किताब में यह दावा किया गया है।

जर्मन तानाशाह अडोल्फ हिटलर की निजी मर्सिडीज दुनिया की इस्तेमाल की गई सबसे महंगी कार है। 'द डेविल्स मर्सिडीज : द बिजारे एंड डिस्टर्बिंग एडवेंचर्स ऑफ हिटलर्स लिमोजीन इन अमेरिका' नामक एक किताब में यह दावा किया गया है। रार्बट कालरा की इस किताब के अनुसार, 20 फीट लंबी, सात फीट चौड़ी और पांच टन से भी अधिक वजन वाली यह बुलेट प्रूफ लिमोजिन जर्मनी में मर्सिडीज-बेंज कंपनी ने दूसरे विश्वयुद्ध से पहले बनाई थी।



ताकत का प्रतीक

'द ग्रोसर 770 के मॉडल 150Ó हाथ से बनाई गई थी। नाजी तानाशाह इसका उपयोग खास कर प्रोपगैंडा के लिए किया करता था। इसकी अगली सीट पर खड़ा होकर हिटलर परेड और रैलियों में लोगों से सार्वजनिक रूप से रूबरू होता था। तब यह नाजियों की ताकत का प्रतीक थी।



मालिक को लेकर रहा भ्रम

अधिकतर 770 के मर्सिडीज-बेंज लिमोजिन दूसरे विश्वयुद्ध में बच नहीं सकीं, पर उनमें से दो युद्ध के बाद अमेरिका पहुंचने में कामयाब रहीं। इन्हीं में से एक हिटलर की कार थी। दशकों तक हिटलर की असली कार को लेकर भ्रम रहा। वर्ष 1973 में हिटलर की निजी लिमोजिन की पहचान हुई।



कनाडा के संग्रहालय की शोभा 

फिलहाल यह कनाडा के एक संग्रहालय में है। इसको कई बार प्रदर्शित किया गया और यह एक से दूसरे हाथों तक बिकती रही। इससे हुई कमाई को चैरिटी में दान दिया गया। वर्ष 1973 में अरिजोना में हुई एक नीलामी में इसकी 1.53 लाख डॉलर बोली लगी। इसके बाद नए मालिक ने इसको 1.76 लाख डॉलर में बेचा। इसे पृथ्वी की इस्तेमाल की गई सबसे महंगी कार माना गया।

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