गलती व्यवस्थापक की तो सजा किसानों को क्यों?

bhawani singh

Publish: Jul, 14 2017 11:06:00 (IST)

Barmer, Rajasthan, India
गलती व्यवस्थापक की तो सजा किसानों को क्यों?

किसान- हम ऋण जमा कराने को तैयार, लेकिन रिकॉर्ड नहीं होने की बात कह कर नहीं ले रहे भुगतान

जिला कलक्टर शिवप्रसाद मदन नकाते की अध्यक्षता में गुरुवार को जिला स्तरीय जनसुनवाई कलक्ट्रेट स्थित अटल सेवा केन्द्र में हुई। प्रस्तुत परिवेदनाओं में से कुछ पर तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए तो अधिकांश में वीडियो कांफ्रेंस के जरिए अधिकारियों को कार्रवाई के आदेश दिए गए। इस दौरान कई फरियादी यह कहते नजर आए कि बार-बार आ रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा।




समदड़ी के किसानों के प्रतिनिधि मण्डल ने बताया कि वहां ग्राम सेवा सहकारी समिति का व्यवस्थापक सेवानिवृत्त हो चुका है, उसने न तो चार्ज दिया है और ना ही रिकॉर्ड। एेसे में समिति की ओर से ऋण व देनदारी का लेन-देन बंद है। यह स्थिति लम्बे समय से है और किसान परेशान हैं। इस पर कलक्टर ने मौके पर मौजूद दी बाड़मेर सेेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के प्रतिनिधि अधिकारी से पूछा तो उन्होंने बताया कि व्यवस्थापक के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज करवाया हुआ है। कागजात नहीं मिलने से दिक्कत आ रही है। कलक्टर ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा कि गलती व्यवस्थापक की है और सजा किसान क्यों भुगत रहे हैं।




देवड़ा में गोचर भूमि पर शराब की दुकान

सिवाना क्षेत्र के देवड़ा गांव के लोगों ने बताया कि वहां आबकारी विभाग ने गोचर भूमि पर शराब की दुकान दे दी है। कलक्टर ने जिला आबकारी अधिकारी से पूछा तो उन्होंने गोचर भूमि में दुकान होने पर अनभिज्ञता जताई। इस पर कलक्टर ने समदड़ी तहसीलदार को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा। सावरड़ा पटवारी के खिलाफ शिकायत पर कलक्टर ने जांच करने के निर्देश दिए।




बैंक से रुपए किसने उठाए, कोई जवाब नहीं 

चौहटन के गोलियार गांव निवासी मोहम्मद हसन ने बताया कि उसने मनरेगा योजना में टांका बनाया है। इसका भुगतान 18 हजार 501 रुपए उसे अब तक नहीं मिला। इस पर कलक्टर ने चौहटन विकास अधिकारी से बात की तो उन्होंने बताया कि यह राशि 3 अक्टूबर 16 को प्रार्थी के खाते में जमा हो चुकी है। इस पर हसन ने कहा कि उसने बैंक से रुपए उठाए ही नहीं तो मेरे रुपए कहां गए। कलक्टर ने लीड बैंक अधिकारी अशोक गीगल को जांच करवाने को कहा।




नहीं मिल रहा पट्टा 

मंूगड़ा के एक जने ने बताया कि शिविर में सम्पूर्ण कार्रवाई पूर्ण करने के बावजूद उसे पट्टा नहीं मिला। कलक्टर ने विकास अधिकारी को इस मामले जांच करवा पन्द्रह दिन में मामला निपटाने को कहा।




भूमाफियों ने बेची करोड़ों की जमीन

बांदरा निवासी बुजुर्ग पदमसिंह ने अधिकारियों से कहा कि उसके पुश्तैनी खेत पर पटवारी ने बहिनों के गलत हस्ताक्षर करवा कब्जा कर लिया। करोड़ों की जमीन चंद हजार में खरीद की बताई। उस जमीन को आगे भूमाफिया ने करोड़ों में बेच दिया। इस पर पुलिस अधीक्षक डॉंं गगनदीप सिंगला ने कार्रवाई का भरोसा दिलवाया।




भ्रष्टाचार की हो जांच

सरली निवासी डूंगराराम ने बताया कि ग्राम पंचायत में 2011-12 से 14-15 के दौरान विकास कार्यों में भ्रष्टाचार व गबन हुआ है। इसकी जांच एसीबी बाड़मेर को सौंपी गई है, लेकिन अभी तक कार्रवाई नहीं की गई है। उसने सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों का निस्तारण भी गलत तरीके से करने का आरोप लगाया। इस पर कलक्टर ने उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।




अन्य मुद्दे भी उठे

जनसुनवाई के दौरान विद्युत कनेक्शन, पेयजल आपूर्ति, नगरपरिषद क्षेत्र में पट्टा जारी करने और अतिक्रमण हटाने, शिक्षा विभाग प्राथमिक एवं माध्यमिक शिक्षा, चिकित्सा विभाग सहित कई विभागों से संबंधित प्रकरण भी आए, जिनका निस्तारण करने के कलक्टर ने निर्देश दिए। जनसुनवाई में अतिरिक्त जिला कलक्टर ओ पी बिश्नोई, मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद एम एल नेहरा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे। 

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