Campaign : बिना सोचे-समझे बना दिया आफत का नाला, अब रास्ते हो गए बंद

bhawani singh

Publish: Jul, 16 2017 10:21:00 (IST)

Barmer, Rajasthan, India
Campaign : बिना सोचे-समझे बना दिया आफत का नाला, अब रास्ते हो गए बंद

पत्रिका अभियान - नाला बना आफत - सिणधरी चौराहे से चौहटन सर्किल तक नौ किलोमीटर बनना है नाला, आधा कार्य पूरा, व्यापार ठप, बारिश में कॉलोनियों में पानी भराव की समस्या, सड़क से अधिक ऊंचाई पर बना है नाला

सरकारी पैसे की बर्बादी....बिना सोचे-समझे निर्णय...भ्रष्टाचार, ठेकेदार का दबाव......... कमीशन का खेल या फिर कुछ और। शहर में नेशनल हाइवे पर सिणधरी चौराहे से चौहटन सर्किल तक एनएचआई की ओर से बनाए गए नाले को देखकर तो यही सब कुछ कहा जा सकता है। नाले का बहाव कहीं और है, वहीं सड़क इसके तीन फीट नीचे बनाई है। इससे कई कॉलोनियों से आने-जाने का रास्ता बंद हो गया। कई घरों व प्रतिष्ठानों के रास्ते भी बंद हो गए। सबसे बड़ा खतरा बारिश में है क्योंकि नाले का लेवल ऊंचा होने से कॉलोनियो में पानी भरने की आशंका है। तकनीकी खामी के बावजूद नाला क्यों बनाया गया? किसी के समझ में नहीं आ रहा।




अभी तक नहीं खुली आंख

एनएचआई ने हाईवे के साथ करीब 9 किमी तक नाले का निर्माण शुरू किया, जिसमें सिणधरी सर्किल से चौहटन चौराहे तक का काम पूरा कर दिया है। निर्माण के दौरान आसपास के व्यापारियों ने विरोध भी जताया, लेकिन जिम्मेदारों की आंख नहीं खुली। अब विरोध बढ़ा। लोगों ने सड़क पर आने की चेतावनी दी तो अधिकारी दौरा कर जायजा ले रहे हैं। अब अभियंता कह रहे हैं कि तकनीकी खामी रह गई, लेकिन यह खामी लोगों पर भारी पड़ रही है।




बंद हो गए कॉलोनियों के रास्ते

शहर की कृषि मंडी से सदर थाने तक नाले के बीच में आने वाले मार्ग बंद होने की आशंका है। फिलहाल नाला निर्माण से शास्त्रीनगर, जाट कॉलोनी, शिवकर रोड, मुस्लिम छात्रावास, विष्णुकॉलोनी सहित कई कॉलोनियों के रास्ते बंद हो गए हैं। वहीं सदर थाने की चारदीवारी नाले से पूरी तरह दब गई है।




दुकानों से कैसे आएं-जाएं

करीब दो किमी नाला मुख्य मार्ग की दुकानों के गेट पर बना दिया है। यहां दुकानदारों का निकलना मुश्किल हो गया है। कई दुकानदारों ने नाले के दोनों तरफ आने-जाने के लिए सीढिय़ां रखी है। व्यापार पर भी विपरीत असर पड़ रहा है।




डूब जाएगी ये कॉलोनियां

नाले के निर्माण से गांधीनगर, शास्त्रीनगर व कृषि मण्डी के आस-पास के क्षेत्रों में बारिश के पानी को निकासी को लेकर कोई प्रबंध नहीं है। नाले का निर्माण ऊंचाई में होने पर उक्त कॉलोनियां के डूबने का खतरा हो गया है। गौरतलब है कि बरसात के दिनों में पूर्व में भी गांधीनगर व चामुण्डा सर्किल पर पानी का ज्यादा भराव हो गया था। तत्कालीन कलक्टर मौके पर आए थे, उस समय भी नाले के गलत तरीके से निर्माण को लेकर लोगों ने ऐतराज जताया था।




इनका कहना है

- नाला पूरी तरह गलत बना है। दुकानें पूरी तरह दब गई है। व्यापार नहीं हो रहा है। परेशानी बढ़ रही है लेकिन सुनवाई करने वाला कोई नहीं है।- ओमप्रकाश, व्यापारी


- सड़क से तीन फीट ऊंचाई पर नाले का निर्माण कर दिया गया है। इसके कारण पिछले तीन महीनों से कारोबार ठप है। यह तो सीधे तौर पर लापरवाही है।- अर्जुन राव


- हमें समझ भी नहीं आ रहा है कि नाला क्यों बनाया है। इसका कोई फायदा नहीं है। उल्टा यहां पर पानी का भराव बढ़ेगा।- सुन्दरलाल


- हाईवे की सड़क व नाले का कहीं मेल ही नहीं है। सरकारी तंत्र की गंभीर लापरवाही है। जिम्मेदार जबाव देने की स्थिति में नहीं है।- जगदीश खत्री, पार्षद




- देखनी पड़ेगी, गलती कहां हैं

नाले के निर्माण में कहां गलती रही है। यह देखकर ही बता पाऊंगा। सड़क के लेवल से अधिक ऊंचाई पर नाला किस तरह बना, इसे प्राथमिकता से दिखवाया जाएगा।- सुनिलकुमार, निदेशक, एनएचआई

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