बाड़मेर के इस अस्पताल में न दर्द निवारक इंजेक्शन न गॉज पट्टी

bhawani singh

Publish: Feb, 13 2017 12:04:00 (IST)

Barmer, Rajasthan, India
बाड़मेर के इस अस्पताल में न दर्द निवारक इंजेक्शन न गॉज पट्टी

पत्रिका ग्राउंड रिपोर्ट : - ढाई माह से दर्द निवारक इंजेक् शन नहीं होने से परेशानी

अस्पताल में आना वाला हर मरीज लेने आता है। कोई भी बीमारी हो उसको पीड़ा जरूर होती है पर लंबे समय से जिला अस्पताल में दर्द निवारक इंजेक्शन ही नहीं है। मामूली चोट में भी मरहम पट्टी की जाती है लेकिन इतने बड़े अस्पताल में गॉज पट्टी भी नहीं है। यहां स्टोर में स्टॉक की मॉनीटरिंग नहीं होने से यह गफलत हो रही है।



जिले के सबसे बड़े चिकित्सालय में दर्द का इंजेक्शन नहीं होने से आपातकालीन परिस्थितियों में इसके लिए मरीज भटक रहे हैं। यहां मेडिकल कॉलेज को लेकर संसाधनों के साथ बड़े स्तर पर तैयारियां चल रही हैं पर जिला चिकित्सालय में प्रबंधन की बेपरवाही से साधारण लेकिन बेहद जरूरी इंजेक्शन के मरीज व उनके परिजन भटक रहे हैं। समय पर इसकी खरीद को लेकर कोई प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।



राजकीय चिकित्सालय में इन दिनों 1100 का आउटडोर व प्रतिदिन 100 से अधिक मरीजों के भर्ती होने से हर समय भीड़ रहती है। अधिकांश मरीजों को दुर्घटना, पेट दर्द, बुखार, सर्जरी, सिरदर्द सहित अन्य बीमारियों में दर्द निवारक डाइक्लोफिनेक इंजेक्शन दिया जाता है। मुख्यमंत्री नि:शुल्क दवा योजना में पिछले ढाई माह से यह इंजेक्शन उपलब्ध नहीं है। चिकित्सालय प्रबंधन पंाच रुपए प्रति इंजेक्शन के मामूली खर्च के बावजूद मेडिकल रिलीफ सोसायटी के तहत इसकी खरीद नहीं कर रहा।



भटकते परिजन

चिकित्सालय में दर्द का इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने से सर्वाधिक परेशानी आपातकालीन वार्ड में रात को आने वाले मरीजों व उनके परिजन को झेलनी पड़ रही है। रात को सभी मेडिकल स्टोर बंद रहने से आपात स्थितियों में भी यह इंजेक्शन नहीं मिलता। परिजन भटकते-भटकते देर रात जब नेहरू नगर सहित शहर के अन्य निजी अस्पतालों में इसे खरीदने के लिए पहुंचते हैं, तो वहां से भी उन्हें बैरंग लौटना पड़ रहा है।


विकल्प में ज्यादा डोज

चिकित्सालय के कार्मिकों से मिली जानकारी के अनुसार कई बार मरीज को दर्द के लिए साधारण डाइक्लोफिनेक इंजेक्शन नहीं मिलने से दर्द का ट्रामाडोल इंजेक्शन लगाना पड़ता है। ट्रामाडोल इंजेक्शन भारी दर्द के लिए काम में लिया जाता है। मामूली दर्द में मरीजों को ट्रामाडोल इंजेक्शन लगाने से उनकी सेहत पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। यह इंजेक्शन सर्जरी, बड़ा घाव या नारकोटिक ड्रग को छोडऩे पर मरीजों को लगानेे के लिए प्रयोग में लिया जाता है।


गॉज की कमी ने बढ़ाई पीड़ा

चिकित्सालय में बड़े घाव या सर्जिकल उपचार के लिए गॉज भी उपलब्ध नहीं होने से ड्रेङ्क्षसग व पट्टी करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कार्मिकों को कॉटन पट्टी को काट गॉज बनाने का कार्य करना पड़ता है।


करवा देंगे उपलब्ध

चिकित्सालय में दर्द के डाइक्लोफिनेक इंजेक्शन के स्टॉक के लिए सोमवार को स्टोर कीपर से बात करेंगे। यह इंजेक्शन उपलब्ध हो जाएगा।- डॉ देवेन्द्र भाटिया, प्रमुख चिकित्साधिकारी

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