अब बैंकों में एक से ज्यादा खाता नहीं होगा, ग्राहकों को मिलेगा यूनिक नम्बर

rohit sharma

Publish: Apr, 19 2017 11:51:00 (IST)

Bharatpur, Rajasthan, India
अब बैंकों में एक से ज्यादा खाता नहीं होगा, ग्राहकों को मिलेगा यूनिक नम्बर

बैंकों में अलग-अलग खाते रखकर आय छिपाने वालों के लिए बुरी खबर है। केन्द्र सरकार अब एक ग्राहक के लिए एक बचत खाता शुरू करने की योजना पर कार्य कर रही है।

बैंकों में अलग-अलग खाते रखकर आय छिपाने वालों के लिए बुरी खबर है। केन्द्र सरकार अब एक ग्राहक के लिए एक बचत खाता शुरू करने की योजना पर कार्य कर रही है।


इससे पहले सरकार ने एक ही बैंक की अलग-अलग शाखाओं में खुले खातों को भी मर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। ग्राहक अब बैंक की किसी एक ही शाखा में खाता रख सकेंगे। यानी ग्राहक के बैंक की अलग-अलग शाखाओं में खुले खाते बंद होंगे।


मिलेगा यूनिक नम्बर


ग्राहकों को अब बैंक यूनिक कस्टमर आइडेन्टीफिकेशन कोड (यूसीआईसी) नम्बर जारी करेगी। अगले कुछ दिन में बैंकों की ओर से ग्राहकों को एक यूनिक नम्बर देना शुरू किया जाएगा। इस नम्बर को ग्राहक बैंकिंग के लिए जीवनभर इस्तमाल कर सकेगा।


यह नम्बर मिलने के बाद ग्राहक आरडी, एफडी, ऋण आदि के अलग-अलग बचत खाते का उपयोग नहीं कर सकेगा। माना जा रहा है कि यूनिक नम्बर से सरकार ग्राहक लेनदेन का लेखा-जोखा कुछ ही मिनट में देख सकेगी। अभी वित्तीय एजेंसियों के पास किसी व्यक्ति के लेनदेन पर नजर रखने के लिए कोई मजबूत सिस्टम नहीं है।


पीएनबी ने शुरू किया मर्ज करना


एक ही बैंक की अलग-अलग शाखाओं में खोल रखे खातों को पीएनबी ने मर्ज करना शुरू कर दिया है। बैंक ने सबसे पहले अपने संस्थान के कर्मचारियों से इसकी शुरुआत की है। बैंकिंग क्षेत्र में कार्य करने वाले कर्मचारी तबादला होने पर दूसरी शाखा में बचत खाता खुलवा लेते हैं।


अब पीएनबी ऐसे कर्मचारियों के बैंक खातों को एक ही खाते में मर्ज करने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद वह ग्राहकों के भी खातों को मर्ज करेगा।


30 जून तक देना होगा आधार



खाताधारकों को 30 जून तक बैंकों में आधार नम्बर जमा कराना होगा। रिजर्व बैंक ऑफ इण्डिया की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के बाद बैंकों ने ग्राहकों के खातों को आधार नम्बर से लिंक करना शुरू कर दिया है। तय तिथि तक आधार नम्बर उपलब्ध नहीं कराने वाले खातों को बैंक बंद कर देगा। जिले में कुल 192 बैंक शाखाओं में करीब 22 लाख खातें हैं। इनमें से करीब 8 लाख खाते प्रधानमंत्री जनधन योजना के हैं।

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