नहीं मिल रहा पानी, तरस रही खेती

rajesh khandelwal

Publish: Jun, 20 2017 11:39:00 (IST)

Bharatpur, Rajasthan, India
नहीं मिल रहा पानी, तरस रही खेती

खेती की सिंचाई के लिए किसान बारिश पर निर्भर हैं। गुडग़ावां कैनाल का पानी किसानों को नहीं मिल पा रहा है।

खेती की सिंचाई के लिए किसान बारिश पर निर्भर हैं। गुडग़ावां  कैनाल का पानी किसानों को नहीं मिल पा रहा है।


इस योजना के द्वितीय चरण का काम अभी तक शुरू नहीं हुआ है। इसके लिए किसान हर साल आंदोलन करते हैं, लेकिन अभी तक कोई लाभ नहीं मिला है। गुडग़ावां कैनाल सिंचाई परियोजना से डीग, कुम्हेर व नदबई के करीब 207 गांव लाभान्वित होने हैं। उसका द्वितीय चरण का कार्य कई दशक से आश्वासनों तक सीमित है। किसानों के लिए यह योजना सपना बनकर रह गई है।


किसान छिद्दी सिंह आजउ का कहना है कि प्रदेश में कई सरकारें आई और चली गई, लेकिन समस्या का हल नहीं हुआ। समस्या को लेकर किसान यूनियन, किसान संघर्ष समिति व कई अन्य किसान संगठन लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन समस्या का हल नहीं निकला है।


किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष राजपाल सिंह पूनिया कहते हैं कि अभी तक हरियाणा सरकार 12 सौ में से मात्र 4-5 सौ क्यूसेक पानी ही दे रही है। यदि कैनाल के द्वितीय चरण का काम हो जाए तो समझौता के मुताबिक पूरा पानी मिल सकेगा। किसान संघर्ष समिति के गिर्राज शरण सिंह का कहना है कि किसान भरतपुर, जयपुुर तक पड़ाव डालकर संघर्ष कर चुके हैं।


गत दिनों भी सरकार के नुमाइन्दों से वार्ता हुई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। किसान हुब्बलाल चौधरी, राजाराम, किसान नेता गोवर्धन सिंह रिठोटी ने कहा कि यदि समय से पानी नहीं मिला तो क्षेत्र के किसानों के खेत बंजर हो जाएंगे। सरकार को शीघ्र ही इस काम को शुरू कराना चाहिए।


महापड़ाव भी डाला


पिछले एक साल में गुडग़ावां कैनाल सिंचाई परियोजना पर कार्य शुरू कराने के लिए क्षेत्र के किसान  संगठनों ने आन्दोलन किए और किसान यूनियन ने रूंध हेलक के आदर्शनगर में दो माह तथा किसान संघर्ष समिति ने 75 दिन तक जोदेला में महापड़ाव डाला।


फिर हो सकता है आंदोलन


किसान यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष राजपाल सिंह ने चेतावनी दी कि अगर जल्दी ही सरकार ने किसानों की समस्याओं को नहीं सुना तो किसान बड़े आन्दोलन को मजबूर होंगे। यह आन्दोलन जुलाई-अगस्त में शुरू हो सकता है।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned