कौन, कहां से चला रहा 420 जिलों की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना

rajesh khandelwal

Publish: Jun, 20 2017 11:30:00 (IST)

Bharatpur, Rajasthan, India
कौन, कहां से चला रहा 420 जिलों की बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना

राजेश खंडेलवाल भरतपुर. देश के 420 जिलों में कथित रूप से चलाई जा रही प्रधानमंत्री योजना ग्राम तथा शहर के लिए 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओÓ योजना को लोगों के साथ अब सरकार भी तलाश रही है।

राजेश खंडेलवाल
भरतपुर. देश के 420 जिलों में कथित रूप से चलाई जा रही प्रधानमंत्री योजना ग्राम तथा शहर के लिए 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओÓ योजना को लोगों के साथ अब सरकार भी तलाश रही है।


यह पता ही नहीं चल सका है कि इस योजना को कौन और कहां से चला रहा है। इस कथित योजना के नाम पर जिले में ग्रामीणों से फॉर्मभरवाकर उनसे ठगी करने का भण्डाफोड़ हुआ है। अब शिकायतें प्रशासन तक पहुंची तो सामाजिक अधिकारिता विभाग भी इसकी तलाश में जुट गया है।


इस योजना की आड़ में कुछ लोग ग्रामीणों को बेटी की पढ़ाई के लिए सरकार से पैसा मिलने का झांसा देकर फार्म भरवाते हुए इसकी ऐवज में 200 से लेकर 500 रुपए वसूल कर रहे हैं। जिले की नगर, बयाना और रूपवास पंचायत समिति क्षेत्र में ऐसे फॉर्म लोगों ने भरकर जिला परिषद कार्यालय को भिजवा भी दिए। परिषद ने यह आवेदन महिला अधिकारिता विभाग को भेजे तो विभाग ने कहा कि ऐसी कोई योजना ही नहीं है।


भारत सरकार का नाम, पता


फार्म पर प्रधानमंत्री योजना ग्राम तथा शहर के लिए (बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ) लिखा है। इसमें नीचे भारत सरकार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, शांतिभवन नई दिल्ली का पता लिखकर यह भी जिक्र किया है कि यह योजना देश के 420 जिलों में शुरू की गई है और 8 से 32 आयु वर्ग के लिए ही है। फार्म में बताया कि बेटियों के लिए 2 लाख रुपए दिए जाएंगे। इसी राशि के प्रलोभन में आकर ग्रामीण बिना विभाग से जानकारी किए फार्म भरते जा रहे हैं और फार्म भरवाने वालों की मांग पर उन्हें 200 से 500 रुपए तक दे भी रहे हैं।


फार्म भरवाने के सूत्रधार का पता नहीं


गांवों में भरवाए जा रहे फार्मों को कौन और कहां से भरवा रहा है, इसकी जानकारी ग्रामीणों को भी नहीं है। ग्रामीण सिर्फ इतना बता पा रहे हैं कि पिछले दिनों कुछ लोग गांव आए और उनसे फार्म भरवा गए। वे कहां से आए, इसका कुछ पता नहीं। फार्म भरवाने वाले ग्रामीणों को कह गए कि सरपंच या पार्षद से फार्म सत्यापित करवाकर पंचायत समिति या जिला परिषद में उनको आवेदन जमा कराना है।


जयपुर से बताया नहीं कोईयोजना


महिला अधिकारिता विभाग में जिला परिषद से पहुंचे फार्म पर सहायक निदेशक के कान खड़े हो गए। उन्होंने जयपुर मुख्यालय से इस योजना का पता लगाया तो बताया कि ऐसी कोई विभागीय योजना नहीं है। जिला परिषद से आए फॉर्म बयाना इलाके के गांव सालाबाद थे। वहीं नगर और रूपवास इलाके से भी कुछ ग्रामीण उनके पास सीधे ही फार्म लेकर आए थे।


सब जानकारियां भरवाई


ग्रामीणों से फार्म में आधार नम्बर, बैंक का खाता नम्बर व आईएफएससी कोड, बैंक की शाखा का पता, मोबाइल नम्बर आदि जानकारियां भरवाई गई। अब ग्रामीणों को उनके दस्तावेजों के दुरुपयोग होने का अंदेशा है।

- गांवों में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना के नाम पर फार्म भरवाने और पैसा वसूलने की शिकायतें मिली हैं। नगर और रूपवास से कुछ लोग विभाग के पास आए थे। बयाना इलाके के कई फार्म जिला परिषद के एसीईओ से मार्क होकर मिले हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के नाम पर विभाग की ऐसी कोई योजना नहीं है, जिसमें बेटी की पढ़ाई के लिए दो लाख रुपए दिए जाने हों। इसकी मैंने जयपुर मुख्यालय से भी जानकारी की है। ग्रामीण सावचेत रहें और ऐसे फार्म नहीं भरें तथा किसी को पैसा नहीं दें। यदि कोई ऐसे फार्म भरवाने आए तो इसकी सूचना विभाग या पुलिस को जरूर दें ताकि धोखाधड़ी करने वाले पकड़ में आ सकें।
-सुरभि सिंह
सहायक निदेशक, महिला अधिकारिता विभाग, भरतपुर

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