Video: अधिक उत्पादन के लिए धरा में डाल रहे उर्वरक, जीवन को पहुंचा रहे नुकसान

Bhilwara, Rajasthan, India
Video: अधिक उत्पादन के लिए धरा में डाल रहे उर्वरक, जीवन को पहुंचा रहे नुकसान

खेती में अधिक उत्पादन लेने के चक्कर में कुछ वर्षों से किसान क्षमता से अधिक उर्वरक एवं फर्टिलाइजर्स का प्रयोग कर रहे हैं। एेसे में कुछ समय के लिए जरुर अनाज का उत्पादन बढ़ा है लेकिन जमीन की उत्पादन क्षमता कम हुई है। फर्टिलाइजर्स के अधिक प्रयोग से उत्पादित अनाज के प्रयोग से लोगों के जीवन पर नकारात्मक अ

खेती में अधिक उत्पादन लेने के चक्कर में कुछ वर्षों से किसान क्षमता से अधिक उर्वरक एवं फर्टिलाइजर्स का प्रयोग कर रहे हैं। एेसे में कुछ समय के लिए जरुर अनाज का उत्पादन बढ़ा है लेकिन जमीन की उत्पादन क्षमता कम हुई है। फर्टिलाइजर्स के अधिक प्रयोग से उत्पादित अनाज के प्रयोग से लोगों के जीवन पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। एेसे में लोगों में विभिन्न प्रकार की गंभीर बीमािरयां घर कर रही है।


फल व ताजा सब्जियों के जरिए रगो में घुल रहा जहर


 ज्यादा उर्वरक के प्रयोग से नुकसान की जानकारी सभी को है, इसके बावजूद उर्वरक का प्रयोग कर रहे हैं। एेसे में कुछ वर्षों के लिए जरुर किसानों को अधिक उत्पादन मिल जाता है लेकिन जमीन की उत्पादन क्षमता भी कम हो रही है। वहीं दूसरी ओर जैविक खाद के प्रयोग भी कुछ वर्षों से बढ़ा है। अनाज के विशेषज्ञ एवं जानकार लोगों की मानें तो उर्वरक के खतरों से लोग सचेत हो रहे हैं। गोबर से बनने वाले खाद का प्रयोग कर रहे हैं। इसके चलते पशुपालन को बढ़ावा मिला है। गोबर के खाद का प्रयोग भी बढ़ रहा है।



मर्जी से डालेंगे उर्वरक तो होगा नुकसान

कृषि विभाग से सहायक निदेशक जीएएल चावला ने बताया कि सरकार की ओर से मृदा कार्ड योजना लागू की है। इसके अनुसार मिट्टी की जांच करवा विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार खाद का प्रयोग करना चाहिए। लेकिन किसान अधिक उपज लेने के चक्कर में अपनी मनमर्जी से खाद का प्रयोग करते हैं। इससे मृदा को नुकसान हो रहा है तथा इससे पैदा होने वाली उपज शरीर पर भी नुकसान पहुंचा रही है। किसान खतरों को नहीं भांप रहे, जिससे भविष्य में गंभीर बीमारियां बढ़ सकती है।



जैविक खाद का बढ़ा प्रयोग

भीलवाड़ा कृषि उपज मंडी व्यापार संघ के अध्यक्ष मुरली ईनाणी ने बताया कि लोगों में जागरूकता बढ़ी तथा जैविक खाद का प्रयोग कर रहे हैं। इससे उपज भी गुणवत्तापूर्ण आ रही है। गोबर की खरीद के लिए बोलियां लगने लगी है। मंडी में लोग जैविक खाद से उत्पादित अनाज मांगने लगे हैं।



उर्वरक व जैविक खाद दोनों डालते हैं

कृषि उपज मंडी में गेहूं बिक्री के लिए आए मुरलिया के बंशीलाल व परसराम ने बताया कि जैविक व रसायनिक दोनों ही प्रकार के खाद का प्रयोग करते हैं। उत्पादन तो बढ़ता ही है रसायनिक खाद से। अधिक उत्पादन बढ़ाने के लिए होता के खाद का प्रयोग। जानकारी है लेकिन जैविक खाद डालते हैं, जिससे कि अधिक नुकसान नहीं होता है। 

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