ग्रैच्युटी टैक्स छूट की सीमा: मोदी सरकार जल्द लेगी बड़ा फैसला, 10 लाख से बढ़कर होगी 20 लाख रुपए

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ग्रैच्युटी टैक्स छूट की सीमा: मोदी सरकार जल्द लेगी बड़ा फैसला, 10 लाख से बढ़कर होगी 20 लाख रुपए

फैसले को कैबिनेट ने इस साल 15 मार्च को ही मंजूरी दे दी थी। बता दें कि रिटायरमेंट के बाद कंपनी या फिर सरकार अपने कर्मचारी को ग्रैच्युटी की राशि देती है।

संसद के मॉनसून सत्र के शुरुआत के साथ ही केंद्र सरकार इस दौरान कई अहम बिलों को पारित कराने की कोशिश करेगी। जिसमें ग्रैच्युटी ऐक्ट में संशोधन विधेयक भी शामिल है। सरकार संशोधन के जरिए ग्रैच्युटी पर टैक्स छूट की सीमा को बढ़ने की तैयारी में है। इसके तहत  टैक्स छूट की सीमा को दोगुना किया जा सकता है। 



वर्तामन समय तक 10 लाख रुपए से ज्यादा की ग्रैच्युटी राशि पर टैक्स लगता रहा है। लेकिन अब केंद्र सरकार विधेयक पारित कर इसे बढ़ाकर 20 लाख रुपए तक करने जा रही है। जहां इस फैसले को कैबिनेट ने इस साल 15 मार्च को ही मंजूरी दे दी थी। बता दें कि रिटायरमेंट के बाद कंपनी या फिर सरकार अपने कर्मचारी को ग्रैच्युटी की राशि देती है। इसके साथ ही इसका फायदा कंपनियां 5 साल या उससे अधिक समय तक नौकरी करने वाले कर्मचारियों को देती है।  



ध्यान हो कि 10 या उससे अधिक कर्मचारी रखने वाले संस्थानों पर ग्रैच्युटी एक्ट लागू है। साथ ही इस दायरे में एक बार आने के बाद भी अगर कंपनी की कर्मचारियों की संख्या भी कम हो जाती है, तो यह नियम उस लागू रहता है। तो वहीं फिहलहाल देश में पेमेंट ऑफ ग्रैच्युटी ऐक्ट 1972 लागू है। 



पेमेंट ऑफ ग्रैच्युटी ऐक्ट 1972 के तहत सरकारी दफ्तर में काम करने वाले कर्मचारियों को मिलने वाली ग्रैच्युटी की रकम पर टैक्स में छूट मिलती है, जहां कर्मचारियों को कोई टैक्स नहीं देना पड़ता है। तो वहीं प्राइवेट कर्मचारियों को भी 10 लाख रुपए तक की ग्रैच्युटी पर कोई टैक्स जमा नहीं करना पड़ता है। 



जबकि इस एक्ट के तहत कोई भी कर्मचारी चाहे वो सरकारी हो या गैर-सरकारी लगातार 5 साल या उससे अधिक की सेवा संस्थान में देता है, तो तब भी वह ग्रैच्युटी पाने का हकदार है।

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