नाबालिग का अपरहण कर दुष्कर्म करने वालों को दस—दस साल की सजा

Chittorgarh, Rajasthan, India
नाबालिग का अपरहण कर दुष्कर्म करने वालों को दस—दस साल की सजा

विशिष्ट न्यायालय (पोक्सो एक्ट) चित्तौडग़ढ़ ने नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए दस-दस वर्ष के कठोर कारावास व बीस-बीस हजार रुपए जुर्माना किया।

विशिष्ट न्यायालय (पोक्सो एक्ट) चित्तौडग़ढ़ ने नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए दस-दस वर्ष के कठोर कारावास व बीस-बीस हजार रुपए के आर्थिक दण्ड से दण्डित किया है।


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विशिष्ट लोक अभियोजक पूरणमल धाकड़ ने बताया कि 29 नवंबर 2014 को एक नाबालिग किशोरी ने भूपालसागर थाने में रिपोर्ट दी कि वह गरीबी हालत होने से वह मजदूरी करने के लिए एक मकान में किराए पर रहकर मजदूरी कर रही थी, तभी 15 नवंबर 2014 को आरोपित उदयपुर जिले के डबोक थानान्तर्गत महाराज की खेड़ी गांव में रहने वाला रमेश उर्फ राजू पुत्र धन्ना डांगी तथा भूपालसागर थानान्तर्गत पारी का खेड़ा निवासी धन्ना उर्फ धनराज पुत्र नारायण भील कार लेकर उसके किराए के मकान पर आए और उसकी मां के बीमार होने की बात कहते हुए साथ चलने को कहा, लेकिन उसने साथ जाने से इनकार कर दिया। 


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दोनों अभियुक्त अनाधिकृत रूप से घर में घुस गए और मुंह पर कपड़ा बांध कर उसका अपहरण कर ले गए। इसके बाद अभियुक्त रमेश ने उसके साथ कई बार धमकियां देकर चाकू की नोक पर दुष्कर्म किया और अभियुक्त धन्ना ने अपहरण और दुष्कर्म में सहयोग किया। रमेश ने उसके पहने गहने सोने का मांदलिया, पायजेब, अंगूठी खुलवा ली और 27 नवंबर 2014 को अभियुक्तों ने उसे उदयपुर के पास जंगल में छोड़ दिया। अगले दिन उसने घर पहुंचकर मकान मालिक को आपबीती सुनाई। इसके बाद थाने में रिपोर्ट दी। पीठासीन अधिकारी अनूप कुमार पाठक ने उभय पक्षों को सुनने के बाद दोनों अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए दस-दस वर्ष के कठोर कारावास व बीस-बीस हजार रुपए के आर्थिक दण्ड से दण्डित किया। अभियोजन पक्ष की ओर से विचारण के दौरान 16 गवाह व 18 दस्तेवेज प्रदर्शित कराए।

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