छह बहनों को 13 माह से पापा के खड़े होने का इंतजार, रोटी के लिए करती हैं दुआ

Rakesh gotam

Publish: Jul, 16 2017 10:15:00 (IST)

Churu, Rajasthan, India
छह बहनों को 13 माह से पापा के खड़े होने का इंतजार, रोटी के लिए करती हैं दुआ

मरहम लगा सको तो किसी गरीब के जख्मों पर लगा देना, हकीम बहुत हैं बाजार में अमीरों के इलाज के खातिर। ऐसे ही मरहम के लिए सुजानगढ़ पंचायत समिति के गांव चरला का धर्माराम नायक महीनों से इंतजार कर रहा है।

मरहम लगा सको तो किसी गरीब के जख्मों पर लगा देना, हकीम बहुत हैं बाजार में अमीरों के इलाज के खातिर। ऐसे ही मरहम के लिए सुजानगढ़ पंचायत समिति के गांव चरला का धर्माराम नायक महीनों से इंतजार कर रहा है। गौरतलब है कि धर्माराम 13 माह पहले दुर्घटना में घायल हो गया था। गंभीर चोट लगने से दोनों पैरों से विकलांग हो गया। तभी से उसकी छह बेटियां पापा के खड़े होने के इंतजार में प्रतिदिन भगवान की पूजा करती हैं।



गरीबी व हालात से जूझ रहे धर्माराम के परिवार में उसकी पत्नी ग्यारसी देवी पर पति व बेटियों का भार आ पड़ा। मजदूरी कर पेट पालने वाले धर्माराम के परिवार की हालात दिनों-दिनों खराब होती जा रही है। परिजन किसी के सहारे का इंतजार में बैठे हैं। धर्माराम के घर में एक छोटा सा कच्चा मकान है जिस पर लोहे के टिनशैड लगे हुए हंै। पास में छान बना रखी है। खाना बनाने के लिए ईंटे रखकर जुगाड़ से रसोई बना रखी है। तेज गर्मी व बरसात के समय परिवार में भय की स्थिति बनी रहती है।



शौचालय भी नहीं बना



सरकार ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर-घर शौचालय बनवा दिया लेकिन। इस परिवार को सरकारी अनुदान से भी  शौचालय नहीं बनवाया गया। हालातों से जूझ रहे परिवार का बीपीएल सूची में भी नाम नहीं है।



पत्नी को नरेगा में भी नहीं मिल रहा कार्य




ग्यारसी ने बताया कि कुछ दिन नरेगा में कार्य किया था। अब वहां काम बंद होने से परिवार का खर्चा उठाना मुश्किल हो गया है। बेटी पूनम (13) गांव के सरकारी स्कूल में कक्षा छह में पड़ती है। गणपति, ललिता, आइना, लक्ष्मी व विमला की उम्र 10 वर्ष से कम है। पत्नी के मुताबिक दुर्घटना के बाद परिवार को सरकार से सड़क दुर्घटना में गंभीर घायल होने के कारण 10 हजार रुपए की सहायता राशि मिली थी। इसके अलावा कोई राहत व सहायता नहीं मिली।

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