अध्ययन कहते हैं, पढ़ाई के दौरान बात करने से सक्रिय रहता है बच्चों का दिमाग

santosh trivedi

Publish: Jun, 17 2017 12:09:00 (IST)

Education
अध्ययन कहते हैं, पढ़ाई के दौरान बात करने से सक्रिय रहता है बच्चों का दिमाग

4 साल के बच्चे के लिए किसी पुस्तक को सिर्फ जोर-जोर से पढऩा ही उनकी बुद्धि के विकास के लिए पर्याप्त नहीं होता, बल्कि पढ़ाई के दौरान माता-पिता को बच्चों से बातचीत भी करते रहना चाहिए।

शोधार्थियों का कहा है कि 4 साल के बच्चे के लिए किसी पुस्तक को सिर्फ जोर-जोर से पढऩा ही उनकी बुद्धि के विकास के लिए पर्याप्त नहीं होता, बल्कि पढ़ाई के दौरान माता-पिता को बच्चों से बातचीत भी करते रहना चाहिए। इससे उनका मस्तिष्क बेहतर तरीके से सक्रिय रहता है। 



अमरीका के सिनसिनाटी चिल्ड्रन हॉस्पिटल मेडिकल सेंटर में 'फंक्शनल मैग्नेटिक रिसोनेंस इमेजिंग' की ओर से किए गए अध्ययन में शोधार्थियों ने यह पाया कि उन चार साल  तक के बच्चों का मस्तिष्क अधिक सक्रिय रहता है, जिनसे  कहानी सुनाने के दौरान बातचीत की जाती है। यह प्रक्रिया बातचीत के साथ-साथ पढ़ाई पर जोर देता है, जिसमें सक्रियता के साथ बच्चों को भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। 



बाल विशेषज्ञ ने बताया कि यह प्रक्रिया यह मस्तिष्क की सक्रियता बढ़ा सकता है। इससे साक्षरता कौशल का विकास भी तेज होता है, खास तौर पर बच्चों के स्कूल जाने से पहले की उम्र में। उन्होंने बताया कि शोध का निष्कर्ष यह है कि माता-पिता को बच्चों के पढऩे के दौरान उनसे बात करते रहना चाहिए। सवाल पूछने चाहिए। 



अध्ययन में 4 साल की उम्र की 22 बच्चियों का फंक्शनल एमआरआई किया गया। नतीजे में बच्चों के पढ़ाई के दौरान माता-पिता का बच्चों से संवाद की स्थापित करने की अहमियत का पता चला।

Rajasthan Patrika Live TV

1
Ad Block is Banned