भारत में प्रतिघंटा 114 लोग तंबाकू जनित रोगो से गंवा रहे अपनी जान

Ambuj Shukla

Publish: May, 30 2016 06:18:00 (IST)

Health
भारत में प्रतिघंटा 114 लोग तंबाकू जनित रोगो से गंवा रहे अपनी जान

दुनिया भर में ३१मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रुप में मनाया जाता है। एक जानकारी के अनुसार भारत में प्रतिघंटा आैसतन 114 लोग और 24घंटे में 2800 लोग तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों के प्रयेाग से हुए कैंसर सहित अन्य बीमारियों से दम तोड़ देते है।

दुनिया भर में ३१मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस के रुप में मनाया जाता है। एक जानकारी के अनुसार भारत में प्रतिघंटा आैसतन 114 लोग और 24घंटे में 2800 लोग तंबाकू व अन्य धूम्रपान उत्पादों के प्रयेाग से हुए कैंसर सहित अन्य बीमारियों से दम तोड़ देते है।



तम्बाकू उत्पादो के प्रयोग के इस भयावह आंकडे के मददेनजर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2016 की थीम तंबाकू उत्पादों पर प्लेन पैकेजिंग रखी है।



आंकड़ों के अनुसार एक सिगरेट जिंदगी के ११ मिनट आैर पूरा पैकेट तीन घंटे चालीस मिनट तक छीन लेता है। वंही प्रति ६ सैंकड में दुनिया में एक इंसान काे तम्बाकू लील जाती है।


राजस्थान में कुछ एेसे है हालात

वर्ष2010 में वैश्विक व्यस्क तंबाकू सर्वेक्षण के अनुसार राजस्थान में 32 प्रतिशत यानि करीब डेढ करोड़ लोग किसी ना किसी रुप में तंबाकू का सेवन करतें है और इनमें से लाखों तंबाकू से संबधित रोगों के कारण प्रतिवर्ष मृत्यु को प्राप्त होते है।



जबकि भारत में 48 फीसदी पुरुष और 20 फीसदी महिलाएं किसी न किसी रुप में तंबाकू का प्रयोग करते है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की रिपेार्ट ग्लोबल टोबेको एपिडेमिक पर अगर नजर डाले तो पता चलता है कि महिलाअेां में तंबाकू के सेवन का आंकड़ा निरंतर बढ़ता जा रहा है। इनमें किशोर किशोरियां भी शामिल है।



जब 2010 में यह सर्वे हुआ तब 37 प्रतिशत लोग किसी न किसी रुप में तंबाकू का सेवन कर रहे थे और आज2016 में यह आंकड़ा बड़े पैमाने पर बढ़ा होगा। हालांकि गैटस का सर्वे भारत में 2016 में होना प्रस्तावित है।


उम्र घटाती है तम्बाकू

औसतन धम्रपान करने वाले व्यक्ति की आयु धूम्रपान करने वाले व्यक्ति की तुलना में 22 से 26 प्रतिशत तक घट जाती है। राजस्थान राज्य में प्रतिदिन लगभग 250 नए तंबाकू उपभोक्ता तैयार होते हैं। राज्य में किशोरों में तंबाकू का सेवन शुरु करने की औसत आयु 17साल है जबकि किशोरियों में यह आयु मात्र 14 साल है।



यह बेहद गंभीर समस्या है कि प्रतिवर्ष लगभग 72 हजार राजस्थानी आबादी तंबाकू के कारण समय से पहले मौत की शिकार हो जाती है। वैश्विक वयस्क तंबाकू सर्वेक्षण-भारत 2010 (जीएटीएस) के अनुसार रोकी जा सकने योग्य मौतों आैर बीमारियों में सर्वाधिक मौतें एवं बीमारियां तंबाकू के सेवन से होती हैं। विश्व में प्रत्येक १० में से एक वयस्क की मृत्यु के पीछे तंबाकू सेवन ही है।



दुनिया भर में तम्बाकू के नुकसान के प्रति दुनिया भर में चिंता जतार्इ जा रही है।विश्व स्वास्थ्य संगठन ( डब्ल्यूएचओ ) फ्रेमवर्क कन्वेंशन फोर टोबेको कंट्रोल में दुनियाभर के 178 देशों ने अपने अपने देश में तंबाकू नियंत्रण पर नीतियां बनाने पर अपनी सहमति जताई थी।



वायॅस ऑफ टोबेको विक्टिमस के पैटर्न व एसएमएस अस्पताल के सहायक प्राचार्य डा. पवन सिंघल ने बताया कि तंबाकू उद्योग द्वारा तंबाकू के प्रति युवकों को आकर्षित करने के प्रतिदिन नए नए प्रयास किये जा रहे है। सिंघल ने बताया कि प्रारंभिक शोधों में सामने आया है कि तंबाकू का सेवन करने वालेां में जीन में भी आंशिक परिवर्तन होते है जिससे केवल उस व्यक्ति में ही नही बल्कि आने वाली पीढ़ीयेां में भी कैंसर होने की संभावनांए बढ़ जाती है। डा.सिंघल ने बताया कि तंबाकू चबाने से मुंह, गला, अमाशय, यकृत और फेफड़े के कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।

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