राम जन्मभूमि के बाद अब सीता जन्मभूमि पर विवाद, संसद में भिड़े पक्ष और विपक्ष

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राम जन्मभूमि के बाद अब सीता जन्मभूमि पर विवाद, संसद में भिड़े पक्ष और विपक्ष

राम जन्म भूमि के बाद अब सीता माता की जन्मस्थली पर विवाद हुआ है। हालांकि यह विवाद देश में दो समुदायों के बीच न होकर संसद में सत्तारुढ़ पार्टी और विपक्ष के बीच हुआ।

राम जन्म भूमि के बाद अब सीता माता की जन्मस्थली पर विवाद हुआ है। हालांकि यह विवाद देश में दो समुदायों के बीच न होकर संसद में सत्तारुढ़ पार्टी और विपक्ष के बीच हुआ। विवाद की शुरुआत बुधवार को राज्यसभा में प्रश्न काल के दौरान उस समय हुई जब विपक्ष के कई सदस्यों ने सरकार पर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राम जन्म भूमि के दम पर तो सत्ता में आई और भगवान राम के मंदिर के लिए अपनी तमाम कोशिश करने में जुटी हुई है लेकिन दूसरी ओर सीता मां की जन्म स्थली को आस्था का सवाल बता कर बच निकलने की कोशिश में हैं। और अब तक सीता माता की जन्मस्थली सीतामढ़ी उपेक्षा की शिकार बनी हुई है। हालांकि केंद्रीय पर्यटन एवं संस्कृत राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने विपक्षी सदस्यों के इन आरोपों को एक सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सीतामढ़ी में मां सीता की जन्म स्थली से जुड़े तमाम मंदिरों को पुनरोद्धार किया जाएगा।




विकास नहीं

बुधवार को राज्य सभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस सांसद दिग्विजय सिंह,जनता दल यूनाइटेड के अनिल सैनी सहित कई अन्य विपक्षी सदस्यों ने सवाल उठाया कि केंद्र में काबिज सत्तारुढ पार्टी राम जन्म भूमि के नाम पर पूरे देश में आंदोलन खड़ी करती नजर आती है और भगवान राम का नाम लेकर सत्ता में आई है लेकिन वहीं पार्टी मां सीता के नाम पर कुछ भी करने को तैयार नहीं दिखती है। इसका सबूत है बिहार का सीतामढ़ी जिला जिसे माता सीता की जन्म स्थली कहा जाता है आज तक वहां केंद्र सरकार द्वारा किसी भी प्रकार का विकास नहीं किया गया है। विकास तो दूर की बात है यहां सीता माता से जुड़े मंदिर भी उपेक्षित पड़े हुए हैं। उनकी कहीं कोई खोजखबर सरकार द्वारा नहीं ली जा रही है।





अब तक सुध नहीं ली

सांसद अनिल कुमार सैनी ने तो केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वास्तव में केंद्र सरकार सीतामां की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि हम बोलचाल में भी सीताराम कहते हैं लेकिन सरकार है कि वह बस भगवान राम के मंदिर तक ही अपने को सीमित रखना चाहती है क्योंकि इससे उसे राजनीतिक लाभ मिलने की उम्मीद है लेकिन मां सीता के जन्म स्थली को केंद्र ने आज तक सुध नहीं ली है यही नहीं बिहार में ऐतिहासिक जनकपुर में भी विकास का पहिया अब तक नहीं घूमा है।




खुदाई कार्य नहीं अब तक

सांसद दिग्विजय सिंह ने तो सरकार द्वारा सीता माता के संबंध में सदन में दिए जवाब को ही गलत करार दिया और कहा कि मैं केंद्र सरकार द्वारा दिए गए इस जवाब की कड़े शब्दों में निंदा करता है जिसमें मां सीता को आस्था का हवाला दिया गया है। हालांकि उनकी बात का केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा ने तुरंत खंडन करते हुए कहा कि सांसद महोदय पहले तो मेरे द्वारा दिए गए जवाब को पूरा पढें फिर इस प्रकार की बातें कहें। उन्होंने कहा कि हमारा मंत्रालय सीतामढ़ी में माता सीता की जन्म स्थली से जुड़े मंदिरों का शीघ्र ही पुनरोद्धार करेगा। हालांकि उन्होंने कहा कि अब तक पुरातत्व विभाग ने सीतामढ़ी में किसी प्रकार की खुदाई कार्य शुरु नहीं किया है।

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