देशभर में फैले जाली डिग्री बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, सैकड़ों जाली अंकसूचियां और उपाधियां बरामद

santosh trivedi

Publish: May, 07 2017 09:12:00 (IST)

National News
देशभर में फैले जाली डिग्री बनाने वाले गिरोह का भंडाफोड़, सैकड़ों जाली अंकसूचियां और उपाधियां बरामद

कर्नाटक पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में फैले जाली अंकसूची और उपाधियां बनाकर बेचने के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

कर्नाटक पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए देशभर में फैले जाली अंकसूची और उपाधियां बनाकर बेचने के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने बेंगलूरु के अलावा, नई दिल्ली और गाजियाबाद से एक महिला समेत पांच लोगों को गिरफ्तार कर सैकड़ों की तादाद में जाली अंकसूचियां और उपाधियां बरामद की हैं। 


पुलिस का कहना है कि इस देशव्यापी नेटवर्क की जड़ें पूरे देश में फैली होने से अभी और गिरफ्तारियां होंगी। पुलिस आयुक्त कार्यालय की केंद्रीय अपराध जांच शाखा (सीसीबी) ने यह कार्रवाई की। पुलिस ने गिरोह के सदस्यों से मिली सूचनाओं के आधार पर विभिन्न विश्वविद्यालयों की सैकड़ों जाली अंकसूचियां, उपाधियां और अन्य सामग्री जब्त की है। पुलिस ने गिरोह के सरगाना गाजियाबाद का सौरव कुमार शर्मा (45), बेंगलूरु की अरुणा (32), जॉइन अस फॉर एजुकेशन का मालिक कुणाल कुमार मंडल (28), बेंगलूरु का दीपांकर सेन (35) और नई दिल्ली के संदेश अग्रवाल (35) को गिरफ्तार किया है।


यह है अपराध की पूरी कहानी

पुलिस के अनुसार सात्विक कुमार नामक एक छात्र ने  इंटरनेट पर मणिपाल सेंटर के नॉर्थ ब्लॉक स्थित जाइन अस फॉर एजुकेशन संस्था से संपर्क किया। उससे 50,000 रुपए लेकर जाली अंकसूची और उपाधि दी गई। यह जानकारी मिलने पर पुलिस ने संस्था पर छापा मारा और कुणाल कुमार मंडल (28) को गिरफ्तार किया। उसने बताया कि कौशल कुमार  उसकी सहायता करता था। 


पुलिस ने कुणाल के मोबाइल कॉल डिटेल्स से दीपांकर सेन को गिरफ्तार किया। सेन से   पता चला कि वह जाली मार्कशीट सौरव कुमार से खरीदता है। तब पुलिस ने गाजियाबाद जाकर सौरव को गिरफ्तार कर लिया। उसका असली नाम गौरव है। उससे हुई पूछताछ में दिल्ली के संदेश अग्रवाल से जाली अंकसूचियां  खरीदने की बात बताई। पुलिस ने पीतमपुर में डबल एड कंसलटेंसी पर छापा मारा। वहां से विभिन्न विश्वविद्यालयों की  732 जाली अंक सूचियां जब्त की हैं। 


1.60 लाख जाली डिग्री बेची

सौरव कुमार ने पूरे देश में 180 एजेंट बना रखे हैं। उनकी मदद से उसने पिछले दो साल में 1.60 लाख जाली उपाधियां और अंक सूचियां बेची हैं। आरोपी एक अंक सूची के लिए 20-25 हजार और उपाधि के लिए 30 हजार रुपए लेता था। आरोपी अंक सूचियों पर विश्वविद्यालयों के डेसिमल हस्ताक्षर के लिए जाली मोहर और नकली होलोग्राम का इस्तेमाल करते थे। गिरफ्तार  महिला अरुणा बेंगलूरु की एजेंट है। वह  फार्चून इंस्टीट्यूट चला रही थी।


क्या-क्या बनाते थे

एमबीबीएस एवं मेडिकल से जुड़े प्रमाण पत्र। बीकॉम, बीएससी से लेकर पीएचडी तक के जाली प्रमाण पत्र बनाते थे।

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