नोटबंदी: पुराने नोट जमा कराने को लेकर केंद्र का साफ इनकार, कहा- इससे मकसद पर पड़ेगा असर

Punit Kumar

Publish: Jul, 17 2017 07:52:00 (IST)

National News
नोटबंदी: पुराने नोट जमा कराने को लेकर केंद्र का साफ इनकार, कहा- इससे मकसद पर पड़ेगा असर

दायर हलफनामे में सरकार ने कहा कि साल 1978 में जब नोटबंदी लागू की गई थी तो सरकार ने केवल 6 दिन ही दिए थे। जबकि इस बार नोटबंदी के बाद पुराने नोट जमा कराने के लिए 51 दिन दिए गए।

केंद्र सरकार ने पुराने नोट जमा कराने के लिए लोगों को एक और मौका देने से साफ इनकार कर दिया है। साथ ही सरकार ने कहा है कि ऐसा करने से उनका नोटबंदी के मकसद पर पानी फिर जाएगा। पुराने नोट को बदलने संबंधी सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका के जवाब में केंद्र सरकार ने ये बात कही है। 



केंद्र सरकार ने अपने दाखिल हलफनामे में कहा है कि 500 और 1000 रुपए के नोट अगर फिर से जमा कराने का मौका दिया गया, तो इससे नोटबंदी का मकसद और कालाधन पर लगाम लगाने की सरकार की योजनाएं बेकार हो जएगी। जिससे बेनामी संपत्ति की लेनदेन और नोट बदली कराने में किसी अन्य व्यक्ति के इस्तेमाल की संभावना काफी बढ़ जाएगी। और मामले में कौन सही या कौन गलत है इसका पता लगाने में काफी कठिनाईयों का समना करना पड़ सकता है। 



सूत्रों के मुताबिक, दायर हलफनामे में सरकार ने कहा कि साल 1978 में जब नोटबंदी लागू की गई थी तो सरकार ने केवल 6 दिन ही दिए थे। जबकि इस बार नोटबंदी के बाद पुराने नोट जमा कराने के लिए 51 दिन दिए गए। जो कि बहुत है। जहां नोटबंदी में मिले छूट का पट्रोल पंप, रेलवे स्टेशन, टोल प्लाजा और एयर टिकट बुकिंग में कालेधन धन का काफी इस्तेमाल हुआ। 



गौरतलब है कि 4 जुलाई को इस संबंध में दायर की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार और केंद्रीय रिजर्व बैंक से सवाल किया था कि जिन लोगों ने नोटबंदी के दौरान पुराने नोट किसी कारण बैंक में जमा नहीं करा पाए, क्या उनकी संपत्ति सरकार छीन सकती है। जबकि उनके पास इसका जायज कारण है। तो क्या इन्हें और मौका दिया जाना चाहिए। 

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