भारतीय नौसेना ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल का किया सफल परीक्षण, अब हर दुश्मन पर रहेगी पैनी नजर..

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भारतीय नौसेना ने ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल का किया सफल परीक्षण, अब हर दुश्मन पर रहेगी पैनी नजर..

इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत कि ब्रह्मोस मेनुवरेबल तकनीक से लैस है। यानि अगर इसके छोड़े जाने के बाद अगर दुश्मन अपना रास्ता बदलता है तो यह खुद ही दुश्मन के दिशा में अपना रास्ता चुन लेने में सक्षम होगी।

शुक्रवार का दिन भारतीय नौसेना के लिए एक अहम रहा। नौसेना ने शुक्रवार को बंगाल की खाड़ी से ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल का जमीन पर मार करने वाले संस्करण का सफल परीक्षण किया। तो वहीं इस सफल परीक्षण पर नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि टेस्ट का परिणाम अम्मीदों के अनुसार रहा। 



सूत्रों के मुताबिक, इस मिसाइल के परीक्षण के लिए अंडमान-निकोबार के आईलैंड पर लैंड टारगेट बनाया गया था, जिसे भेदने में सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल कामयाब रही। तो वहीं भारतीय नौसेना में इसका एंटी-शिप वर्जन पहले ही शामिल किया जा चुका है। 


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यह मिसाइल जमीन से, पानी से और हवाई जहाज से छोड़ा जा सकता है। तो वहीं भारत ने इस मिसाइल को अरुणाचल प्रदेश से लगी भारत और चीन सीमा पर तैनात किया है। यह क्रूज मिसाइल देश की सबसे मॉर्डन और दुनिया में सबसे तेज मिसाइलों में एक है। 


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इस मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत कि ब्रह्मोस मेनुवरेबल तकनीक से लैस है। यानि अगर इसके छोड़े जाने के बाद अगर दुश्मन अपना रास्ता बदलता है तो यह खुद ही दुश्मन के दिशा में अपना रास्ता चुन लेने में सक्षम होगी।



गौरतलब है कि भारतीय नौसेना ने साल 2012 के अक्टूबर महीने में आईएनएस तेज से ब्रह्मोस को लांच किया था। तो वहीं इस सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल को डीआरडीओ और रूस की एनपीओ माशीनोस्‍ट्रोनिया एक साथ मिलकर तैयार कर रही है। इसके अलावा स्पीड अमरीकी सेना में शामिल मिसाइल टॉमहॉक से चार गुना अधिक है। 

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