जाधव की फांसी पर रोक लगने के बाद बोलीं सुषमा-इंसाफ दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे

kamlesh sharma

Publish: May, 18 2017 05:32:00 (IST)

National News
जाधव की फांसी पर रोक लगने के बाद बोलीं सुषमा-इंसाफ  दिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे

कोर्ट फैसला आते ही देश भर में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से बात की और कोर्ट के फैसले और वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे एवं उनकी टीम के प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया।

 अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने गुरुवार को पाकिस्तान की सैन्य अदालत द्वारा भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को कथित जासूसी मामले में सुनाई गई मौत की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है। कोर्ट फैसला आते ही देश भर में खुशी की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से बात की और कोर्ट के फैसले और वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे एवं उनकी टीम के प्रयासों पर संतोष व्यक्त किया। 



स्वराज ने फैसले पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि अंतरर्राष्ट्रीय न्यायालय के आदेश से कुलभूषण जाधव के परिवार एवं भारत की जनता को बड़ी जीत मिली है। सुषमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कुलभूषण जाधव को बचाने की कोई भी कोशिश छोड़ी नहीं जाएगी। सुषमा ने कहा कि मैं विदेश मंत्रालय के अधिकारियों की टीम की कड़ी मेहनत और अथक प्रयासों की भी प्रशंसा करती हूं।


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भारत के अटार्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने कहा कि इस फैसले से पाकिस्तान का पक्ष पूरी तरह से धराशायी हो गया है और इससे जाधव के स्वदेश लौटने का रास्ता निकलेगा। कांग्रेस ने भी अंतरर्राष्ट्रीय न्यायालय के इस फैसले पर खुशी व्यक्त की और कहा कि इस फैसले का इस्तेमाल जाधव की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने में किया जाना चाहिए। 


भारतीय नौसेना के पूर्व अधिकारी जाधव की फांसी की सजा के खिलाफ भारत ने 8 मई को अंतरर्राष्ट्रीय कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, जिसपर न्यायालय ने 9 मई को अदालत की नियमावली में अनुच्छेद 74 के अंतर्गत पाकिस्तान के प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर जाधव की फांसी की सजा पर अंतरिम रोक लगाए जाने की जानकारी दी थी। 


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न्यायालय ने सोमवार को इस मामले की खुली सुनवाई की थी। भारत और पाकिस्तान की ओर से न्यायालय में अपना अपना पक्ष रखा गया था। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद न्यायालय ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था। पाकिस्तान ने सुनवाई के दौरान जाधव का कथित रूप से अपराध स्वीकार करने वाले वीडियो को दिखाने की पेशकश की थी जिसकी न्यायालय ने अनुमति नहीं दी थी। 

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