आईसीजे ने कुलभूषण जाधव की फांसी पर लगाई रोक, पढ़ें फैसले की 10 बड़ी बातें

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आईसीजे ने कुलभूषण जाधव की फांसी पर लगाई रोक, पढ़ें फैसले की 10 बड़ी बातें

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने गुरुवार को पाकिस्तान की सैन्य अदालत द्वारा भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को कथित जासूसी मामले में सुनाई गई मौत की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है।

अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय ने गुरुवार को पाकिस्तान की सैन्य अदालत द्वारा भारतीय नागरिक कुलभूषण जाधव को कथित जासूसी मामले में सुनाई गई मौत की सजा पर फिलहाल रोक लगा दी है। आईसीजे ने गुरुवार को मामले पर फैसला सुनाते हुए कहा कि जाधव मामले में सुनवाई करने का अधिकार अंतर्राष्ट्रीय अदालत के पास है और पाकिस्तान के दावों के विपरीत जाधव मामले में वियना संधि लागू होती है। आईसीजे ने साथ ही यह भी कहा कि जाधव से राजनयिक संपर्क की भारत की मांग जायज है। 



जाधव मामला: इंटरनेशनल कोर्ट में भारत की बड़ी जीत, अंतिम फैसला आने तक जाधव की फांसी की सजा पर लगाई रोक


जानिए मामले से जुड़ी बड़ी बातें


1. अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने अपने फैसला पढ़ते हुए कहा कि भारत ने पैरवी में बताया कि कुलभूषण जाधव को पाकिस्तान ने गिरफ्तार किया था।



2. गिरफ्तारी के बाद भारत ने कई बार जाधव के बारे में जानकारी मांगी लेकिन पाकिस्तान ने कोई जानकारी नहीं दी। कोर्ट ने कहा कि भारत को कुलभूषण जाधव मामले में काउंसर एक्सेस मिलना चाहिए।



3. कोर्ट ने कहा कि पाकिस्तान को कुलभूषण जाधव को जासूस बताने का हक नहीं है। पाकिस्तान का कुलभूषण जाधव को गिरफ्तार करना एक विवादित मुद्दा है।



4.  कुलभूषण जाधव पर पाकिस्तान जो भी दावा कर रहा है, वह मान्य नहीं है।



5. कोर्ट ने कहा कि जाधव पर अपील तय सीमा पर दायर करनी चाहिए थी। कोर्ट को सभी मामले में हस्तक्षेप करने का हक नहीं है, हालांकि कोर्ट ने यह कहा कि इंटरनेशनल कोर्ट के आखिरी फैसले तक कुलभूषण जाधव की फांसी पर रोक लगाई जाती है।



6. अपने फैसले मे कहा कि भारत की मांग नियमों के अनुसार बिल्कुल सही है, वियना संधि के तहत भारत को अपने नागरिक की मदद करने का पूरा अधिकार है.



7. भारत और पाकिस्तान के बीच 2008 में जो भी समझौता हुआ है, उस समझौते को अनुच्छेद 36 के तहत लागू करना सही नहीं होगा।



8. भारत को अपने नागरिक को राजनयिक, कानूनी मदद करने का पूरा अधिकार है। 



9. भारत ने निवेदन किया है कि इंटरनेशनल कोर्ट के अंतिम फैसले तक पाकिस्तान की सरकार कुलभूषण जाधव पर कोई कार्रवाई ना करे।



10. जाधव के पास 40 दिन हैं, फैसले के खिलाफ  अपील करने के लिए, यह पाकिस्तान का कानून है. जाधव के परिवार ने ऐसा किया है।

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