अब टी-20 अंदाज़ में पढ़ें खबरें, यहां जानें 10 जुलाई की बड़ी- ताज़ा और रोचक खबरें

nakul devarshi

Publish: Jul, 10 2017 07:59:00 (IST)

National News
अब टी-20 अंदाज़ में पढ़ें खबरें, यहां जानें 10 जुलाई की बड़ी- ताज़ा और रोचक खबरें

भागदौड़ भरी जिंदगी में हम आपके लिए लाए हैं फ़टाफ़ट फॉर्मेट में बड़ी और दिलचस्प खबरें। अगर आप तमाम बड़ी खबरें नहीं पढ़ पाए हैं या फिर आपके पास समय की कमी है तो एक ही खबर में पढ़िए अब तक की बड़ी व महत्वपूर्ण खबरें...

छापेमारी से चढ़ा सियासी पारा: आरजेडी की सोमवार और जेडीयू की मंगलवार को होगी बैठक

पटना।

रेलवे के दो होटलों के टेंडर में हुई हेराफेरी के मामले में केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष एवं पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद यादव के पटना समेत 12 ठिकानों पर दो दिन पूर्व की गई छापेमारी के बाद बिहार में बढ़े राजनीतिक तापमान के बीच सत्तारूढ़ महागठबंधन के बड़े घटक राजद ने सोमवार को विधानमंडल दल की बैठक बुलाई है। जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा किए जाने की संभावना है। 


राजद सूत्रों के मुताबिक पार्टी विधानमंडल दल की बैठक लालू यादव के 10 सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास पर होगी। बैठक में पार्टी के सभी विधायक और विधान पार्षद के साथ ही वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहेंगे। इस दौरान आगे की रणनीति पर चर्चा तो होगी साथ ही 27 अगस्त को पटना में होने वाली भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हटाओ देश बचाव रैली पर भी विचार विमर्श किया जाएगा। 


राजद अध्यक्ष लालू यादव से भी पार्टी के विधायकों के मिलने का सिलसिला बना रहा। पूर्व केन्द्रीय मंत्री रघुनाथ झा ने राजद अध्यक्ष से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। हालांकि राजद अध्यक्ष के आवास के बाहर आम दिनों की अपेक्षा कम कार्यकर्ता देखे गए। 


वहीं, महागठबंधन के प्रमुख घटक जनता दल यूनाईटेड (जदयू) ने 11 जुलाई को पार्टी के विधायकों, विधान पार्षदों, जिलाध्यक्षों और पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्षों के साथ ही प्रदेश प्रवक्ताओं की बैठक बुलाई है। यह बैठक पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद वशिष्ठ नारायण सिंह की अध्यक्षता में होगी। जदयू के अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस मामले पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं की है और मीडिया से दूरी बनाए हुए हैं। 


इसी तरह जदयू के प्रवक्ता भी इस मामले पर कुछ भी नहीं बोल रहे हैं। हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजगीर में स्वास्थ्य लाभ लेने के बाद पटना आ गए, अब सभी की नजर उन पर टिकी है। 


वहीं, दूसरी ओर भाजपा विधानमंडल दल के नेता एवं पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से बेनामी संपत्ति के मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद लालू के बेटे एवं उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के इस्तीफा देने और नहीं देने पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से उन्हें बर्खास्त किये जाने की मांग पर अड़े हुए हैं। 


प्रदेश भाजपा भी ताजा राजनीतिक हालात पर नजर बनाए हुए है। वहीं, राजद के नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा है कि तेजस्वी इस्तीफा नहीं देंगे। भाजपा पहले केन्द्रीय मंत्री उमा भारती से इस्तीफा ले।



टीम इंडिया कोच: रवि शास्त्री को मिलेगी सहवाग से चुनौती, इन 6 दावेदारों के होंगे इंटरव्यू

मुंबई।

भारतीय क्रिकेट टीम के नए कोच का फैसला होने में 24 घंटे का समय शेष रह गया है। टीम इंडिया के पूर्व निदेशक रवि शास्त्री का इस पद के लिए पलड़ा भारी माना जा रहा है लेकिन उन्हें पूर्व दिग्गज ओपनर वीरेंद्र सहवाग से कड़ी चुनौती मिल सकती है। 



भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को मुख्य कोच के पद के लिए अब तक 10 आवेदन मिले हैं। रवि शास्त्री, वीरेंद्र सहवाग, टॉम मूडी, रिचर्ड पायबस, डोडा गणेश, लालचंद राजपूत, लांस क्लूजनर, राकेश शर्मा (ओमान राष्ट्रीय टीम कोच), फिल सिमंस और उपेंद्र ब्रह्मचारी (इंजीनियर, क्रिकेट की पृष्टभूमि नहीं) ने इस पद के लिए आवेदन किया है। नए कोच से दो साल का अनुबंध भी किया जाएगा जो 2019 विश्व कप तक के लिए होगा। 



अनिल कुंबले के इस्तीफे के बाद यह पद खाली हुआ है। पहले कुंबले ने भी इस पद के लिए आवेदन किया था लेकिन बाद में उन्होंने एक पत्र में कप्तान विराट कोहली के साथ संबंधों में खटास जाहिर कर खुद को इस दौड़ से हटा लिया था। बोर्ड ने इसके बाद आवेदन स्वीकार करने की तारीख रविवार नौ जुलाई तक बढ़ा दी थी। 



बीसीसीआई के कार्यवाहक अध्यक्ष सी के खन्ना ने कहा था कि टीम इंडिया को 26 जुलाई से उसका श्रीलंका दौरा शुरू होने से पहले नया कोच मिल जाएगा। लोढा सुधारों पर विशेष समिति की रिपोर्ट पर चर्चा के लिए भारतीय क्रिकेट बोर्ड की विशेष आम बैठक (एसजीएम) मंगलवार को दिल्ली में आयोजित की जाएगी लेकिन इससे एक दिन पहले कोच का साक्षात्कार मुंबई में हो जाएगा। 



सचिन तेंदुलकर, सौरभ गांगुली और वीवी एस लक्ष्मण की तीन सदस्यीय सलाहकार समिति शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों का इंटरव्यू करेगी। समझा जाता है कि छह उम्मीदवारों का इंटरव्यू किया जाएगा और इस बात की पूरी सम्भावना है कि शास्त्री के नाम पर मोहर लग जाण्गी और नए कोच की घोषणा सोमवार शाम तक हो जाएगी। 



कोच के चयन के लिए इंटरव्यू की शुरुआत एक बजे होगी। हालांकि इसे साढ़े 12 बजे से होना था लेकिन इस समय लंदन में मौजूद सचिन ने लंदन समय के हिसाब से सुबह 8.30 बजे का आग्रह किया था। समझा जाता है कि बोर्ड की तरफ से समिति को स्पष्ट संदेश है कि कोच वही चुना जाना चाहिए जिसके साथ काम करते हुए कप्तान और टीम को कोई परेशानी न महसूस हो। 



शास्त्री के कप्तान विराट के साथ मधुर संबंधों को देखते हुए शास्त्री की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। शुरुआत में शास्त्री ने इस पद के लिए आवेदन नहीं किया था, लेकिन जब बीसीसीआई ने आवेदन स्वीकार करने की तारीख 9 जुलाई तक बढ़ा दी, तो उन्होंने भी इस पद के लिए आवेदन कर मुकाबले को दिलचस्प बना दिया। 



शास्त्री की राह में यदि कोई बाधा होती है तो वह पूर्व कप्तान गांगुली हो सकते हैं जिनके साथ शास्त्री का दूर का फासला है। यह भी दिलचस्प है की सहवाग को बोर्ड सदस्यों ने आवेदन करने को कहा था जिससे नजफगढ़ के नवाब की दावेदारी को भी एकदम $खारिज नहीं किया जा सकता। 



सहवाग के पास कोचिंग का कोई तजुर्बा नहीं है लेकिन वह आईपीएल में किंग्स इलेवन पंजाब टीम के मेंटर रहे हैं। बल्लेबाजी में मस्तमौला स्वभाव के सहवाग का कोचिंग अंदाज भी मस्तमौला हो सकता है। अगर समिति ने कुंबले के साथ टीम के खराब अनुभव को देखते भारतीयों को खारिज किया तो बाजी मूडी के पक्ष में जा सकती है जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काफी सफल कोच माने जाते हैं।



बदहाली की चौंकाने वाली तस्वीर, बैलों की जगह बेटियों से हल चलवाने को मजबूर किसान

सिहोर।

बीते दिनों मध्य प्रदेश किसानों के प्रदर्शन, किसानों पर फायरिंग और किसानों की आत्महत्या को लेकर चर्चा में रहा है। लेकिन अब एक तस्वीर ऐसी आई है, जो बेहद दर्दनाक है। सिहोर के बसंतपुर पांगरी में आर्थिक समस्याओं से जूझ रहा एक किसान अपनी बेटियों से हल चलवाकर खेत जुतवा रहा है।



तस्वीर सामने आने के बाद किसान का कहना है कि उसके पास बैल खरीदने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं है। मक्के के फसल की बुआई करने के लिए खेतों की जुताई की। आर्थिक कारणों से उसकी लड़कियों ने 8वीं क्लास के बाद पढ़ाई छोड़ दी है. दोनों बेटियां राधिका 14 साल की और कुन्ती 11 साल की है।



वहीं, इस पर प्रतिक्रिया देते हुए जिला जनसंपर्क अधिकारी आशीष शर्मा का कहना है कि किसान को निर्देश दिए गए हैं कि इस तरह की गतिविधियों में बच्चों का उपयोग न करें। प्रशासन इस मामले को देख रहा है और सरकारी योजनाओं के तहत उसे उचित सहायता दी जाएगी।



हाल ही में, मंदसौर कर्ज माफी और उपज के लिए बेहतर कीमतों की मांग के कारण किसानों के आंदोलन का केंद्र बन गया। इसके बाद वित्तीय संकट के कारण राज्य में कई किसानों ने आत्महत्या भी की।



आंदोलन के दौरान पुलिस फायरिंग में छह किसानों की मौत हुई। स्थिति ने जिला अधिकारियों को धारा 144 लागू करने को मजबूर किया और हिंसा प्रभावित जिलों में जाने से प्रमुख व्यक्तित्वों को प्रतिबंधित किया।



.. तो चीन को मात देकर हिंदुस्तान बन जाएगा 'सिरमौर', लेकिन हमारे लिए ये ताजपोशी अच्छी नहीं- पढ़ें खबर

नई दिल्ली।

देश में परिवार नियोजन के सघन प्रयासों से प्रजनन दर में गिरावट के बावजूद महज सात सालों में भारत चीन को पछाड़ कर दुनिया की सबसे बड़ी आबादी वाला देश हो जाएगा। विश्व जनसंख्या दिवस 11 जुलाई के उपलक्ष्य में संयुक्त राष्ट्र की ओर से जारी ताजा रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्ष 2024 में भारत जनसंख्या के लिहाज से चीन से आगे निकल जाएगा। 



चीन की मौजूदा आबादी एक अरब 40 करोड़ है जबकि भारत की एक अरब 30 करोड़ है। जनसंख्या विस्फोट के खतरों को भांपते हुए ही इस बार विश्व जनसंख्या दिवस का विषय 'परिवार नियोजन: लोगों का सशक्तिकरण और देशों का विकास' रखा गया है। 



जनसंख्या दिवस के साथ ही परिवार नियोजन पर एक बडा वैश्विक सम्मेलन भी आयोजित किया जा रहा है जिसके तहत 2020 तक दुनियाभर में और 12 करोड़ महिलाओं को स्वैच्छिक परिवार नियोजन के लिए प्रोत्साहित करने तथा उसके लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है क्योंकि ऐसा माना गया है कि दुनिया में 22 करोड़ से ज्यादा ऐसी महिलाएं है जो गर्भधारण करने की इच्छा नहीं रखने के बावजूद गर्भ निरोधक उपायों का इस्तेमाल नहीं करती हैं। 



भारत ने भी इस दिशा में बड़ी पहल की है और जनसंख्या की बेतहाशा वृद्धि से जनहित से जुड़ी कई योजनाओं के पटरी से उतरने के खतरे को देखते हुए नई राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति के तहत घरेलू स्तर पर परिवार नियोजन के लिए 'मिशन परिवार विकास' के नाम से व्यापक अभियान चलाया है। नई नीति के तहत देश में सबसे ज्यादा करीब तीन प्रतिशत की प्रजनन दर वाले सात राज्यों के 146 जिलों को चिन्ह्नित करके वहां लोगों को परिवार नियोजन के लिए प्रोत्साहित करने के वास्ते कई कार्यक्रम शुरु किए हैं। इन राज्यों में प्रजनन दर 2025 तक घटाकर 2.1 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य रखा गया है। 



अभियान के तहत उन कारणों का बारीकी से पता भी लगाया जा रहा है जो जनंसख्या वृद्धि की वजह बन रहे हैं। इनमें परिवार नियोजन सुविधाओं का अभाव, पर्याप्त चिकित्सा केन्द्रों और वहां डाक्टरों और चिकित्साकर्मियों की कमी तथा ढांचागत सुविधाओं का अभाव जैसे कारणों के समाधान के लिए ठोस नीति पर काम हो रहा है। 



इस बीच, परिवार नियोजन जागरूकता अभियान के तहत कई नयी पहल भी की गई है। नवविवाहित जोड़ों को नियोजन पहल किट उपलब्ध कराई जा रही है और परिवारों में सास-बहू के बीच बेहतर संवाद की व्यवस्था के लिए दरबार आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें छोटा परिवार रखने के महत्व को समझाया जा रहा है। ग्राम पंचायतों में हर जगह परिवार नियोजन से संबंधित सुविधाएं देने की तैयारी की गई है। परिवार नियोजन के तरीके अपनाने वालों को प्रोत्साहन राशि देने की व्यवस्था की गई है। इस महत्वाकांक्षी अभियान में विश्व स्वास्थ्य संगठन और कई निजी संस्थायें भी सहयोग कर रही हैं।



संयुक्त राष्ट्र जनंसख्या कोष की रिपोर्ट में हालांकि यह माना गया है कि भारत समेत दुनिया के सभी क्षेत्रों में प्रजनन दर में लगातार गिरावट का रुझान है और यह 2.5 प्रतिशत के औसत स्तर पर उतर चुकी है। इसके बावजूद इस बात पर चिंता भी जताई गई है कि विश्व जनसंख्या में हर साल करीब आठ करोड़ तीस लाख की दर से इजाफा हो रहा है और बढ़ोतरी की यह रफ्तार थमने वाली नहीं है। 



रिपोर्ट के अनुसार 1987 में जब विश्व जनसंख्या दिवस की शुरुआत हुई थी तब दुनिया की आबादी 5 अरब के आसपास थी जो अब सात अरब पर पहुंच चुकी है। वर्ष 2024 तक इसके 8 अरब 60 करोड,2050 तक 9 अरब 80 करोड़ और 2100 तक 11 अरब 20 करोड़ पर पहुंच जाने का अनुमान है। 



भारत, नाइजीरिया, कांगो, पाकिस्तान, इथियोपिया, तंजानिया,अमेरिका, यूगांडा और इंडोनेशिया का इसमें सबसे ज्यादा योगदान रहेगा। वैश्विक जनंसख्या वृद्धि में करीब 50 फीसदी हिस्सा इन्हीं देशों का होगा। इसमें भी आबादी बढऩे की रफ्तार सबसे ज्यादा अफ्रीकी क्षेत्र में देखी जाएगी जहां संसाधनों की कमी के कारण पहले से ही बेरोजगारी और भुखमरी के हालात हैं। 



आबादी के लिहाज से यूरोप से कुछ सकारात्मक संकेत देखने को मिलने की बात कहीं गई और अनुमान व्यक्त किया गया है कि आने वाले कुछ दशकों में इस क्षेत्र में जनसंख्या में खासी गिरावट दर्ज होगी क्योंकि इस क्षेत्र में प्रजनन दर दुनिया में सबसे कम यानी की 1.6 प्रतिशत है जबकि अफ्रीकी देशों में यह सबसे ज्यादा 4.7 प्रतिशत है। 



'बजरंगी भाईजान' में करीना की मां बनी अभिनेत्री अलका कौशल को 2 साल की जेल

जयपुर

सलमान खान की फिल्म बजरंगी भाईजान में करीना कूपर की मां की भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री अलका कौशल को चैक बाउंस के केस में कोर्ट ने दो साल की सजा सुनाई है।



संगरूर कोर्ट ने अल्का और उनकी मां सुशीला बडोला को 50 लाख के चेक बाउंस मामले में 2-2 साल की सजा सुनाई है। अल्का टीवी वर्ल्ड की पॉपुलर अभिनेत्री हैं । वे कुमकुम, कुबूल है जैसे टीवी शो में काम कर चुकी हैं। 



गांव लागड़िया निवासी अवतार सिंह के साथ अल्का की जान-पहचान थी। ऐसे में अलका और उनकी मां ने एक टीवी सीरियल बनाने के लिए अवतार से 50 लाख उधार लिए। जब अवतार ने अल्का से पैसे वापस मांगे तो उन्होंने उसे 25-25 लाख रुपए के दो चेक दिए, जो कि बाउंस हो गए। 



चेक बाउंस होने के बाद अवतार ने दोनों के खिलाफ केस दायर कर दिया।  टीवी अभिनेता वरुण बडोला अल्का कौशल के भाई हैं। वरुण की पत्नी राजेश्वरी सचदेव भी जानी-मानी अभिनेत्री रह चुकी हैं। अल्का के पिता विश्व मोहन बडोला भी नामी थियेटर कलाकार हैं। वे जोधा-अकबर, स्वदेश और लगे रहो मुन्नाभाई जैसी फिल्मों में काम कर चुके हैं। 

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